अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार: भीड़ देखकर हैरान हुए ट्रंप, बोले- 'मुझे लगा था लोग उनसे नफरत करते हैं'
Trump on Ayatollah Ali Khamenei funeral: ईरान के दिवंगत पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में उमड़े जनसैलाब को देखकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हैरानी जताई है। जब 'एक्सियोस' (Axios) ने ट्रंप से अंतिम संस्कार के दृश्यों के बारे में पूछा, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वह स्तब्ध हैं। ट्रंप ने आगे कहा, "मुझे लगा था कि लोग उनसे नफरत करते हैं।"
तेहरान में उमड़ा शोक का सैलाब
शनिवार को तेहरान में खामेनेई के कई दिनों तक चलने वाले अंतिम संस्कार समारोह की शुरुआत हुई, जिसमें लाखों की संख्या में लोग शामिल हुए। भीड़ में मौजूद लोग खामेनेई की तस्वीरें और बैनर लिए हुए थे और 'बदला लो! बदला लो!' के नारे लगा रहे थे। राजधानी में हर तरफ उनके पोस्टर्स लगे हुए थे और शिया परंपरा के अनुसार, शोक व्यक्त करने के लिए लोग सामूहिक रूप से अपनी छाती पीटते हुए नजर आए।
During Ali Khamenei funeral, the Iranian regime recited not-so-subtle verses from the Quran before each foreign delegation, carefully curated to signal how the regime feels about them exactly. Here is a sample:
— Hassan I. Hassan (@hxhassan) July 3, 2026
Hamas: “Among the believers are men who have proven true to what… pic.twitter.com/xOzcyPwmHW
क्या थी खामेनेई की मौत की वजह?
अयातुल्ला अली खामेनेई (86) 1989 से ईरान का नेतृत्व कर रहे थे। 28 फरवरी को ईरान-इजराइल युद्ध के पहले दिन ही इजराइली हमले में उनकी मृत्यु हो गई थी। इस हमले में उनके साथ उनके परिवार के कई सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी भी मारे गए थे। उनके परिवार के जिन सदस्यों की मौत हुई, उनमें उनकी नन्ही पोती जहरा मोहम्मदी गोलपायगानी, उनकी बेटी, दामाद और उनके बेटे मोजतबा खामेनेई की पत्नी शामिल हैं।
Trump ‘SHOCKED’ by crowds flooding Iran streets to MOURN Khamenei
— RT (@RT_com) July 4, 2026
‘I thought PEOPLE HATED him’
‘Neither side will shoot the other during funeral proceedings’ pic.twitter.com/MthvG2AwML
एक हफ्ते तक चलेगा अंतिम संस्कार
दिवंगत नेता का ताबूत तीन दिनों तक तेहरान में रहेगा। इसके बाद 7 जुलाई को इसे पवित्र शहर 'कोम' ले जाया जाएगा। बुधवार को पड़ोसी देश इराक में एक जुलूस की योजना है और अंत में गुरुवार को उन्हें उनके गृहनगर मशहद में दफनाया जाएगा। उन्हें अपने उन परिजनों के साथ ही दफनाया जाएगा, जिनकी मौत उसी इजराइली हमले में हुई थी।
मोजतबा खामेनेई ने क्यों बनाई दूरी?
ईरान के वर्तमान सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होंगे। भारत में ईरान के नेता के प्रतिनिधि अयातुल्ला हकीम इलाही के अनुसार, सुरक्षा कारणों से मोजतबा ने यह निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि इजराइली खतरों और निगरानी के जोखिम के कारण उनका सार्वजनिक रूप से उपस्थित होना खतरनाक हो सकता है।
ईरान की कूटनीति के लिए क्यों अहम है यह शोक?
खामेनेई का यह अंतिम संस्कार ईरान के धार्मिक शासन और उसके नए सर्वोच्च नेता के लिए एक बड़ा राजनीतिक संदेश हो सकता है। यह समय ईरान के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि वह होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर अपनी पकड़ को लेकर अमेरिका के साथ युद्ध समाप्त करने की बातचीत कर रहा है। युद्ध की तीव्रता के कारण अंतिम संस्कार को पहले टालना पड़ा था और अभी भी बातचीत रुकी हुई है, क्योंकि अभी भी इजराइल द्वारा दोबारा हमले का डर बना हुआ है।
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