पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) में जारी बगावत के बीच ममता बनर्जी ने कहा कि पार्टी का चुनाव चिह्न कहीं नहीं जाएगा। अगर मुझे रोकना है तो मुझे मारना पड़ेगा। ममता ने बागी नेताओं को चुनौती देते हुए कहा, अगर हिम्मत है तो खुलकर BJP में शामिल हो जाओ। क्या तुम्हें लगता है कि मैं खत्म हो गई हूं? मैं जनता के बीच पार्टी का चुनाव चिह्न लेकर जाऊंगी, मेरी आवाज कोई नहीं दबा सकता।" उन्होंने आरोप लगाया कि बागी नेता अब खुलकर BJP के लिए काम कर रहे हैं। ममता ने कहा, गद्दारी की भी एक सीमा होती है। ममता का यह बयान ऐसे समय आया है, जब पार्टी के 20 सांसद और 58 विधायक अलग गुट बना चुके हैं। शनिवार को टीएमसी की पश्चिम बंगाल अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया। बाद में वह बागी गुट के नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के साथ नजर आईं। इस्तीफे के बाद बागी नेताओं से मुलाकात चंद्रिमा भट्टाचार्य तीन बार विधायक रह चुकी हैं, लेकिन 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्हें दमदम उत्तर सीट से भाजपा के सौरव सिकदार ने हरा दिया था। इस्तीफे के कुछ ही देर बाद चंद्रिमा को विधानसभा में बागी गुट के नेताओं के साथ देखा गया। हालांकि उन्होंने कहा कि वह सिर्फ पूर्व विधायक के तौर पर कुछ काम से विधानसभा गई थीं और विपक्ष के कमरे में बैठने का मतलब यह नहीं है कि वह बागी गुट में शामिल हो रही हैं। उन्होंने कहा कि अभी उन्होंने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर कोई फैसला नहीं किया है। चंद्रिमा के बेटे और कोलकाता नगर निगम के पूर्व पार्षद सौरव बसु कुछ सप्ताह पहले ही बागी खेमे में शामिल हो चुके हैं। वह भी विधानसभा में बागी नेताओं की बैठक में मौजूद थे। ममता बोलीं- पार्टी के दम पर चुनाव जीते, अब उसी से गद्दारी कर रहे बंगाल चुनाव में हार के बाद बागी गुट ने ऋतब्रत को नेता चुना 3 जून को टीएमसी में पहली बार बगावत की खबर सामने आई थी। TMC के 80 में से 58 बागी विधायकों ने पार्टी से निकाले गए विधायक ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता चुना था। विधानसभा स्पीकर रथींद्र बोस को समर्थन पत्र दिया था। इसमें मांग की गई थी कि ऋतब्रत को नेता विपक्ष घोषित किया जाए। स्पीकर ने मंजूरी दे दी थी। 22 जून को हुई प्रतिनिधि बैठक में नए अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और 30 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन किया गया था। ममता के पास अब 22 विधायक और 17 सांसद बचे टीएमसी के पास कुल 28 लोकसभा सांसद थे, जिसमें से 20 अलग हो गए हैं। अब लोकसभा में ममता के पास सिर्फ 8 सांसद बचे हैं। राज्यसभा की बात करें तो 13 में से 4 सांसद इस्तीफा दे चुके हैं यानी सिर्फ 9 राज्यसभा सांसद बचे हैं। विधानसभा की बात करें तो टीएमसी ने इस बार के चुनाव में 80 सीटें जीती थीं। इसमें से 58 विधायक अलग गुट बना चुके हैं। ममता के पास सिर्फ 22 विधायक बचे हैं। दो तिहाई सदस्य होने पर मिलती है अलग दल की मान्यता बागी गुट के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने 2 जुलाई को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलकर खुद को असली TMC के रूप में मान्यता देने की मांग की थी। उन्होंने चुनाव आयोग को पार्टी में हुए संगठनात्मक बदलावों और नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी (NWC) की जानकारी दी थी। ------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… TMC हेडक्वार्टर पर बागी गुट का कब्जा:ताले हटाए, पोस्टर बदले, इनमें ममता की फोटो नहीं तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी गुट ने कोलकाता स्थित पार्टी हेडक्वार्टर पर कब्जा कर लिया। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में गुट ने दफ्तर के ताले बदल दिए और नए पोस्टर लगाए। नए पोस्टर्स में ममता बनर्जी की तस्वीर नहीं थी। हालांकि, अंदर लगी उनकी तस्वीर और कटआउट को नहीं हटाया गया। पूरी खबर पढ़ें…
Jacob Bethel Statement: भारत के खिलाफ दूसरे टी20 में जैकब बेथल इंग्लैंड की जीत के हीरो रहे. जैकब बेथल ने अंत तक नाबाद रहते हुए 76 रनों की पारी खेली. इस मैच जिताऊ पारी के बाद बेथल इंग्लैंड की तरफ से प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए. इस दौरान उनसे 15 साल के वैभव सूर्यवंशी के बारे में भी पूछा गया, जिसका उन्होंने मजेदार जवाब दिया. Sun, 5 Jul 2026 10:12:56 +0530