विदेश मंत्रालय ने सिंधु जल संधि को लेकर पाकिस्तान की धमकियों का जवाब देते हुए कहा कि भारत का रुख हमेशा एक जैसा रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान द्वारा 'सीमा पार आतंकवाद को लगातार बढ़ावा देने' का ज़िक्र करते हुए कहा कि संधि का पालन किया जा रहा है। सिंधु जल संधि पर भारत का रुख़ एक जैसा रहा है। पाकिस्तान की ओर से सीमा पार आतंकवाद को लगातार बढ़ावा दिए जाने के कारण IWT (सिंधु जल संधि) अभी ठंडे बस्ते में है। जायसवाल ने कहा, "पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद को अपना समर्थन भरोसेमंद और पक्के तौर पर छोड़ना होगा।
MEA की यह प्रतिक्रिया पाकिस्तान के एक मंत्री द्वारा इस हफ़्ते की शुरुआत में संधि को लेकर भारत को दी गई कड़ी चेतावनी के बाद आई है। मंत्री ने कहा था कि इस्लामाबाद उन हाथों को "काट देगा" जो सिंधु नदी के पानी पर नियंत्रण करने की कोशिश करेंगे। 'डॉन' की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के जलवायु परिवर्तन मंत्री मुसादिक मलिक ने कहा कि एक पड़ोसी देश के प्रधानमंत्री के नियंत्रण में एक नल है। उनका कहना है कि वे पाकिस्तान की ओर पानी की एक बूंद भी नहीं बहने देंगे। मलिक के बयानों के क्लिप कई पाकिस्तानी समाचार माध्यमों ने दिखाए और ये ऑनलाइन भी सामने आए।
मलिक के कड़े बयान से पहले, पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने उस संधि को लेकर युद्ध की चेतावनी दी थी, जो अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद से रुकी हुई है। AP की रिपोर्ट के मुताबिक, डार ने कहा कि अगर भारत ने सिंधु जल संधि के तहत पाकिस्तान को उसके हिस्से का पानी देने से रोकने की कोई भी कोशिश की, तो इसे पानी का हथियार के तौर पर इस्तेमाल माना जाएगा और इसके क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा पर गंभीर नतीजे हो सकते हैं। डार ने कहा कि साझे जल संसाधनों का इस्तेमाल कभी भी हथियार के तौर पर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने पानी को मानवीय गरिमा, खाद्य सुरक्षा, आर्थिक विकास और पर्यावरण की स्थिरता के लिए ज़रूरी बताते हुए कहा कि ये संसाधन देशों के बीच सहयोग, बातचीत और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के सम्मान के ज़रिए एक पुल का काम करने चाहिए, ताकि मौजूदा और आने वाली पीढ़ियों का भला हो सके।
इस बात का कोई संकेत नहीं है कि यूरोप के लोगों को जल्द ही रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से राहत मिलेगी; जैसे-जैसे महाद्वीप में तापमान बढ़ रहा है, मरने वालों की संख्या भी हर दिन बढ़ती जा रही है। फ्रांस में, हीटवेव के कारण जून के आखिरी हफ़्ते में उससे पहले के हफ़्ते की तुलना में 2,025 ज़्यादा मौतें दर्ज की गईं। देश की स्वास्थ्य मंत्री स्टेफ़नी रिस्ट ने मीडिया को बताया, 22 से 28 जून के हफ़्ते में उससे पहले के हफ़्ते की तुलना में लगभग 2,025 ज़्यादा मौतें हुईं। उन्होंने कहा कि इस संख्या के और बढ़ने की उम्मीद है। पब्लिक हेल्थ फ्रांस ने कहा कि पिछले हफ़्ते की तुलना में मौतों की संख्या में 29.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और चेतावनी दी कि ये आंकड़े शायद वास्तविक संख्या से कम हैं।
समाचार एजेंसी AFP की रिपोर्ट के अनुसार, 'पब्लिक हेल्थ फ्रांस' ने कहा कि हालांकि हम 45-64 साल के लोगों में साफ़ तौर पर बढ़ोतरी देख रहे हैं, लेकिन 65 साल और उससे ज़्यादा उम्र के लोगों की मौतें सबसे ज़्यादा हैं। AFP के एक विश्लेषण के अनुसार, यूरोप का एक इलाका - जहाँ महाद्वीप की दो-तिहाई आबादी रहती है - लगातार जारी लू (heatwave) की चपेट में रहा। इस दौरान, कम से कम जून के दूसरे हिस्से (15 से 30 जून) में वहाँ तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। ये कैलकुलेशन 'यूरोपियन ड्रॉट ऑब्ज़र्वेटरी' के डेटा और 'जॉइंट रिसर्च सेंटर' की आबादी से जुड़ी जानकारी का इस्तेमाल करके किए गए थे।
रिपोर्ट में कहा गया है कि यूरोप में लोगों ने पिछली बार इतना ज़्यादा तापमान दो दशक से भी पहले, अगस्त 2003 में 16 दिनों तक चली भीषण हीटवेव के दौरान देखा था। 2003 की हीटवेव के कारण फ्रांस में लगभग 15,000 लोगों की मौत हुई थी। अधिकारियों के अनुसार, हालांकि मौजूदा हीटवेव ज़्यादा भयानक लग रही है, लेकिन अब तक इसके नतीजे उतने गंभीर नहीं रहे हैं। रिस्ट ने कहा, शायद इसकी तुलना नहीं की जा सकेगी। बेल्जियम, नीदरलैंड और फ़्रांस में जून के महीने में हीटवेव के दौरान लगभग 3,700 अतिरिक्त मौतें दर्ज की गई हैं; अधिकारियों का कहना है कि यह संख्या बढ़ सकती है।
भारत को 1983 में पहली बार वर्ल्ड चैंपियन बनाने वाले कप्तान कपिल देव ने 15 साल के वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की। कपिल का मानना है कि 15 साल के वैभव में सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली जैसी असाधारण प्रतिभा नजर आती। हालांकि उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि इतनी कम उम्र में खिलाड़ी पर जरूरत से ज्यादा उम्मीदों का बोझ नहीं डालना चाहिए और उसे खुद को निखारने का पूरा समय मिलना चाहिए।
स्पोर्ट्स तक से बातचीत में कपिल देव ने कहा कि उन्होंने वैभव को ज्यादा नहीं देखा, लेकिन जितना भी देखा है, उससे उनकी प्रतिभा साफ दिखाई देती। उन्होंने कहा, 'मैंने उसे ज्यादा नहीं देखा, लेकिन जितना देखा है उससे साफ है कि वह बहुत बड़ा टैलेंट है। फिलहाल लोग उसके बारे में जरूरत से ज्यादा बात कर रहे। उसे समय दीजिए। इतनी कम उम्र में शायद उसे खुद भी नहीं पता होगा कि वह कितना बड़ा खिलाड़ी बन सकता है।'
वैभव में सचिन-कोहली जैसा टैलेंट: कपिल देव कपिल देव ने वैभव की तुलना सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली से करते हुए कहा कि अगर सिर्फ नेचुरल टैलेंट की बात करें तो वह उसी स्तर का खिलाड़ी नजर आता। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि अभी यह तुलना सिर्फ टी20 क्रिकेट तक सीमित है। उनका मानना है कि वैभव को टेस्ट और वनडे जैसे लंबे फॉर्मेट में भी खुद को साबित करना होगा।
'टेस्ट में वैभव की असली परीक्षा होगी' उन्होंने कहा, 'अगर टैलेंट की बात करें तो वह सचिन और विराट जितना ही प्रतिभाशाली है। लेकिन यह टी20 क्रिकेट की बात। दूसरे फॉर्मेट में उसे अभी खुद को साबित करना होगा। जब वह टेस्ट क्रिकेट खेलेगा, तब असली परीक्षा होगी। क्या वह लगातार पांच ओवर मेडन खेलकर भी विकेट बचा पाएगा? यही असली चुनौती है।'
कपिल ने कहा कि सिर्फ टी20 में सफलता किसी खिलाड़ी के पूरे करियर का पैमाना नहीं हो सकती। रेड बॉल क्रिकेट में धैर्य, तकनीक और मानसिक मजबूती की अलग परीक्षा होती। उन्होंने कहा कि वीरेंद्र सहवाग जैसे कुछ बल्लेबाज अलग सोच रखते थे। लेकिन टेस्ट क्रिकेट की मांग बिल्कुल अलग होती।
वैभव सूर्यवंशी ने पहले आईपीएल में सबसे कम उम्र में डेब्यू कर सुर्खियां बटोरी थीं। इसके बाद आईपीएल 2026 में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए 776 रन बनाए और ऑरेंज कैप अपने नाम की। इसी प्रदर्शन के दम पर उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टी20 टीम में जगह मिली। हालांकि अब तक उन्हें अंतरराष्ट्रीय डेब्यू का मौका नहीं मिला है। आयरलैंड के खिलाफ पूरी सीरीज में वह बेंच पर बैठे रहे और इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 में भी प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं बन सके। ऐसे में क्रिकेट जगत की नजर अब इस बात पर है कि टीम इंडिया उन्हें डेब्यू का मौका कब देती।