नर्मदा को लेकर MP सरकार का मेगा एक्शन प्लान, हर महीने होगी बड़ी समीक्षा
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नर्मदा समग्र बैठक में नमन मिशन, अमरकंटक में जैव विविधता प्रबंधन संस्थान, नर्मदा परिक्रमा मार्ग को अतिक्रमण मुक्त बनाने और नदी संरक्षण के लिए बड़े फैसलों का ऐलान किया।
मनीष तिवारी ने किया क्रिप्टिक पोस्ट, क्या छिपा है कांग्रेस आलाकमान के लिए बड़ा संकेत
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों में जुटी कांग्रेस के भीतर अब असंतोष के स्वर भी सुनाई देने लगे हैं. पार्टी की ओर से नई संगठनात्मक नियुक्तियों की घोषणा के तुरंत बाद वरिष्ठ नेता और सांसद मनीष तिवारी की नाराजगी खुलकर सामने आ गई. सोशल मीडिया पर किए गए उनके भावुक पोस्ट ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है.
माना जा रहा है कि पार्टी की नई जिम्मेदारियों में उन्हें कोई स्थान नहीं मिलने से वे खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं. ऐसे समय में जब कांग्रेस चुनावी रणनीति को मजबूत करने में जुटी है, एक वरिष्ठ नेता की नाराजगी संगठन के लिए नई चुनौती बन सकती है.
सोशल मीडिया पोस्ट से जाहिर किया दर्द
मनीष तिवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक भावुक संदेश साझा करते हुए लिखा, "है बड़ा कोई अवगुण उसमें, जिसे कोई हुनर आवे." इसके साथ उन्होंने इशारों-इशारों में कहा कि काश उनके पास कुछ व्यक्तियों और संस्थाओं की असुरक्षा की भी कोई दवा होती.
उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए लिखा कि पिछले 45 वर्षों में कांग्रेस ने उन्हें बहुत कुछ दिया, लेकिन उन्होंने भी अपनी पूरी युवा अवस्था पार्टी की सेवा में समर्पित कर दी. पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा कि अब जो होना है, वह होकर रहेगा. इस संदेश को पार्टी नेतृत्व के प्रति उनकी नाराजगी के रूप में देखा जा रहा है.
नई नियुक्तियों में नहीं मिला कोई संगठनात्मक दायित्व
कांग्रेस ने हाल ही में पंजाब में संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण नियुक्तियों का ऐलान किया. हालांकि इस सूची में मनीष तिवारी का नाम किसी भी प्रमुख समिति या संगठनात्मक पद के लिए शामिल नहीं किया गया.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं में गिने जाने वाले तिवारी को जिम्मेदारी न मिलना स्वाभाविक रूप से चर्चा का विषय बन गया है. वह पहले आनंदपुर साहिब और लुधियाना से सांसद रह चुके हैं तथा वर्तमान में चंडीगढ़ का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं.
पार्टी ने दी सफाई, बताया जिम्मेदारी न मिलने का कारण
मनीष तिवारी की नाराजगी सामने आने के बाद कांग्रेस की ओर से स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश भी शुरू हो गई है. पार्टी सूत्रों का कहना है कि वर्तमान में वह चंडीगढ़ से सांसद हैं और चंडीगढ़ की अपनी अलग कांग्रेस इकाई है. इसी कारण उन्हें पंजाब प्रदेश कांग्रेस की नई संगठनात्मक संरचना में शामिल नहीं किया गया.
पार्टी नेताओं का कहना है कि जब तिवारी पंजाब से सांसद थे, तब उन्हें प्रदेश संगठन में जिम्मेदारियां दी जाती थीं. अब भविष्य में उन्हें चंडीगढ़ कांग्रेस में महत्वपूर्ण भूमिका देने पर विचार किया जा सकता है.
कई नेताओं को मिली नई जिम्मेदारी
कांग्रेस की नई संगठनात्मक संरचना में कई नेताओं को अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और प्रताप सिंह बाजवा को नेता प्रतिपक्ष के पद पर बरकरार रखा गया है.
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाया गया है. सुखविंदर सिंह डैनी, राज कुमार वेरका और संगत सिंह को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है. विजय इंदर सिंगला को चुनाव प्रबंधन समिति का प्रमुख बनाया गया है, जबकि सुखजिंदर सिंह रंधावा को कोर कमेटी का नेतृत्व सौंपा गया है. अमर सिंह को घोषणापत्र समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है.
चुनाव से पहले एकजुटता बनाए रखना होगी चुनौती
पंजाब विधानसभा चुनाव में अभी समय है, लेकिन संगठनात्मक फेरबदल के बाद सामने आई नाराजगी ने यह संकेत जरूर दे दिया है कि कांग्रेस को चुनावी तैयारी के साथ-साथ आंतरिक संतुलन बनाए रखने की भी चुनौती का सामना करना पड़ेगा. पार्टी नेतृत्व के सामने अब सबसे बड़ी जिम्मेदारी वरिष्ठ नेताओं के अनुभव का बेहतर उपयोग करते हुए संगठन में एकजुटता बनाए रखने की होगी, ताकि चुनावी मुकाबले से पहले किसी तरह का आंतरिक असंतोष पार्टी की रणनीति पर असर न डाल सके.
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