IND vs SL: 9 साल बाद श्रीलंका में टेस्ट सीरीज खेलेगी टीम इंडिया, पिछली बार भारत ने किया था ऐतिहासिक 'क्लीन स्वीप'
IND vs SL: भारतीय टीम अगले महीने अगस्त में श्रीलंका का दौरा करेगी, जहां 2 टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जाएगी. टीम इंडिया ने आखिरी बार 9 साल पहले विराट कोहली की कप्तानी में श्रीलंका की धरती पर टेस्ट सीरीज खेली थी, जहां टीम इंडिया ने श्रीलंका का 3-0 से ऐतिहासिक क्लीन स्वीप किया था. हालांकि, इसके बाद श्रीलंका की टीम टेस्ट सीरीज खेलने भारत जरूर आई थी, लेकिन भारत ने साल 2017 के बाद टेस्ट सीरीज के लिए श्रीलंका का दौरा नहीं किया. तो चलिए जानते हैं कि 9 साल पहले टीम इंडिया ने किस तरह से श्रीलंका का उसी के घर में सूपड़ा साफ किया था.
पहले मैच में भारत ने 304 रनों से श्रीलंका को हराया
भारत और श्रीलंका के बीच साल 2017 में पहला टेस्ट मैच गाले में खेला गया था. इस मैच में टीम इंडिया ने अपनी पहली पारी में 600 रन और दूसरी पारी 240/3 पर घोषित की, जिसके जवाब में श्रीलंका की टीम पहली पारी में 291/9 और दूसरी पारी में 245/8 रनों पर सिमट गई थी. इस तरह भारतीय टीम ने 304 रनों से मैच को अपने नाम कर सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल की थी. भारत के लिए शिखर धवन ने पहली पारी में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए 190 रनों की पारी खेली थी, जिसके लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड मिला था. चेतेश्वर पुजारा ने शानदार 153 रनों की पारी खेली थी. वहीं दूसरी पारी में कप्तान विराट कोहली ने नाबाद 103 रन बनाए. गेंदबाजी में भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने पूरे मैच में कुल 4 विकेट (पहली पारी में 1, दूसरी पारी में 3) और रवींद्र जडेजा ने कुल 6 विकेट (पहली पारी में 3, दूसरी पारी में 3) चटकाए थे.
The last time India toured Sri Lanka for a Test series, the Virat Kohli-led team completed a comprehensive 3-0 sweep ????#SLvsIND pic.twitter.com/f4LhGZd6zu
— Cricbuzz (@cricbuzz) July 2, 2026
दूसरे टेस्ट मैच में भारत ने पारी और 53 रनों से मैच को अपने नाम किया
भारत और श्रीलंका के बीच दूसरा टेस्ट मैच कोलंबो में खेला गया था. इस मैच में भारत ने अपनी पहली पारी 622/9 पर घोषित कर एक विशाल स्कोर बनाया था. इसके जवाब में श्रीलंका की पूरी टीम पहली पारी में 183 रनों पर ऑलऑउट हो गई, जिसके बाद उन्हें फॉलोऑन खेलना पड़ा और फिर टीम दूसरी पारी में भी 386 रनों पर सिमट गई. इस तरह टीम इंडिया ने एक पारी और 53 रनों से इस मैच को अपने नाम कर लिया. भारत की ओर से चेतेश्वर पुजारा (133 रन) और अजिंक्य रहाणे (132 रन) ने शानदार शतकीय पारी खेली थी. वहीं रवींद्र जडेजा ने शानदार ऑलराउंडर प्रदर्शन किया था. उन्होंने पूरे मैच में 7 विकेट चटकाने के साथ-साथ पहली पारी में नाबाद 70 रनों की पारी भी खेली थी.
तीसरा टेस्ट जीतकर टीम इंडिया ने किया था श्रीलंका का क्लीन स्वीप
सीरीज का तीसरा और आखिरी टेस्ट मैच पल्लेकेले में खेला गया था. टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए अपनी पहली पारी में 487 रन बनाए थे. जवाब में श्रीलंका की पहली पारी महज 135 रनों पर सिमट गई और फिर फॉलोऑन खेलते हुए श्रीलंका की दूसरी पारी भी सिर्फ 181 रनों पर ऑलआउट हो गई. इस तरह भारत ने एक पारी और 171 रनों के बड़े अंतर से इस मुकाबले को अपने नाम कर लिया. इसी के साथ टीम इंडिया ने श्रीलंका को उसी के घर में 3-0 से क्लीन स्वीप किया था.
हार्दिक पांड्या को मिला था प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड
अपना पहला टेस्ट शतक लगाने वाले हार्दिक पंड्या ने सिर्फ 96 गेंदों पर 108 रनों की धमाकेदार पारी खेली थी. वहीं गेंदबाजी करते हुए उन्होंने पूरे मैच में 1 विकेट चटकाया था, जिसके लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड मिला था. उनके अलावा शिखर धवन ने भी 119 रनों की शतकीय पारी खेली थी. गेंदबाजी में टीम इंडिया के स्टार स्पिनर कुलदीप यादव ने पहली पारी में 4 विकेट चटकाए थे. वहीं रविचंद्रन अश्विन ने पूरे मैच में कुल 6 विकेट (पहली पारी में 2, दूसरी पारी में 4) हासिल किए थे.
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फ्रांस की फ्लाइंग व्हेल्स भारत में स्थापित करेगी अपना मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम, वित्त मंत्री सीतारमण से हुई खास चर्चा
नई दिल्ली, 2 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को पेरिस में फ्रांसीसी एयरोस्पेस लॉजिस्टिक्स कंपनी फ्लाइंग व्हेल्स के अध्यक्ष सेबेस्टियन बोगॉन के साथ बैठक कर भारत में कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम स्थापित करने की योजना पर चर्चा की। वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को सोशल मीडिया एक्स पर इसकी जानकारी साझा की।
मंत्रालय ने बताया कि बैठक के दौरान सेबेस्टियन बोगॉन ने वित्त मंत्री को फ्लाइंग व्हेल्स की दुनिया भर में संचालित सतत पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) परियोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कंपनी की तकनीक दूर-दराज और भू-आवेष्ठित (लैंडलॉक्ड) क्षेत्रों के आर्थिक विकास में मदद करती है और माल ढुलाई के दौरान पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को भी कम करती है।
उन्होंने यह भी बताया कि फ्लाइंग व्हेल्स अपने विनिर्माण से जुड़े पूरे इकोसिस्टम को भारत में स्थापित करना चाहती है और इस दिशा में भारत को प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बना रही है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कंपनी की भारत में निवेश की इच्छा का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भारत में फ्लाइंग व्हेल्स जैसी कंपनियों के लिए व्यापक अवसर मौजूद हैं और कंपनी को देश के तेजी से बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम के साथ जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
उन्होंने गुजरात के गिफ्ट सिटी में स्थित इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर अथॉरिटी (आईएफएससीए) और जहाज तथा विमान लीजिंग एवं मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ऑपरेशंस (एमआरओ) से जुड़े नियामकीय ढांचे की भी जानकारी दी, जिसका लाभ फ्लाइंग व्हेल्स उठा सकती है।
गौरतलब है कि फ्लाइंग व्हेल्स और भारत के बीएलपी ग्रुप ने इस वर्ष 2 अप्रैल को रणनीतिक साझेदारी के पहले चरण की घोषणा की थी, जिसका उद्देश्य भारत में भारी माल ढुलाई करने वाले एयरशिप के निर्माण के लिए एक मजबूत विनिर्माण इकोसिस्टम तैयार करना है, जिससे भारत इस नई परिवहन तकनीक का वैश्विक केंद्र बन सके। यह घोषणा फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शिखर वार्ता के दौरान की गई थी।
दोनों कंपनियों ने एलसीए60टी एयरशिप को एशिया और मध्य-पूर्व के बाजारों के लिए भारत में असेंबल करने की योजना भी पेश की थी।
करीब 200 मीटर लंबा और हीलियम गैस से संचालित एलसीए60टी एक अत्याधुनिक कार्गो एयरशिप है, जो एक बार में 60 टन तक का माल ले जाने में सक्षम है। कंपनी का बिजनेस मॉडल केवल एयरशिप बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इन्हें एयरलाइन सेवा के रूप में संचालित कर उन दुर्गम इलाकों तक भारी सामान पहुंचाना भी है, जहां रनवे, सड़क या अन्य बुनियादी ढांचा उपलब्ध नहीं है।
इस तकनीक का उपयोग पवन ऊर्जा परियोजनाओं के लिए विंड टर्बाइन ब्लेड, बिजली ट्रांसमिशन टावर, एयरोस्पेस उपकरण जैसे भारी सामान को दूरस्थ स्थानों तक पहुंचाने में किया जा सकता है। इसके अलावा प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत सामग्री, चिकित्सा उपकरण और सैन्य सामग्री की आपूर्ति में भी यह बेहद उपयोगी साबित हो सकती है।
इसके अलावा, वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेरिस में बीएनपी पारिबा ग्रुप के डिप्टी मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और कॉरपोरेट एवं इंस्टीट्यूशनल बैंकिंग (सीआईबी) के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन यान जेरार्डिन से भी मुलाकात की।
बैठक के दौरान जेरार्डिन ने कहा कि वैश्विक निवेशकों के बीच भारत एक भरोसेमंद निवेश गंतव्य के रूप में तेजी से उभर रहा है। उन्होंने भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) की भी सराहना की।
वित्त मंत्री ने उन्हें बताया कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े सुधारों के लिए एक समिति गठित करने की घोषणा की है।
उन्होंने समिति के लिए जेरार्डिन से सुझाव भी मांगे और कहा कि भारत अपने बैंकिंग सेक्टर को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रहा है, जिसमें डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) और अकाउंट एग्रीगेटर सिस्टम को विशेष महत्व दिया जा रहा है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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