कभी बैन लगा, तो कभी बीच सीरीज भेजा गया वापस, यहां पढ़िए बेन स्टोक्स के करियर के 7 बड़े विवाद
Ben Stokes Controversy: इंग्लैंड क्रिकेट टीम के दिग्गज बेन स्टोक्स ने इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया है. न्यूजीलैंड के साथ ट्रेंट ब्रिज में खेला गया टेस्ट मैच, उनका आखिरी इंटरनेशनल मैच रहा. इस बात में कोई दोराय नहीं है कि बेन स्टोक्स इंग्लैंड के सबसे सफल और आक्रामक खिलाड़ियों में से एक रहे हैं. उन्होंने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं, लेकिन इस बात को भी झुठलाया नहीं जा सकता है उनका विवादों से गहरा रिश्ता रहा है. फिर चाहें वो उनके करियर का शुरुआती दौर हो या आखिरी. तो आइए इस आर्टिकल में हम आपको स्टोक्स के करियर के बड़े विवादों के बारे में बताते हैं, जिसकी वजह से कभी उनपर बैन लगा तो कभी उन्हें घर वापस भेज दिया गया...
2011 में पुलिस ने कर लिया था गिरफ्तार
2011 में बेन स्टोक्स को इंग्लैंड के डरहम में एक घटना के बाद पुलिस ने गिरफ्तार किया था. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन पर एक पुलिस अधिकारी के काम में बाधा डालने और सार्वजनिक स्थान पर अव्यवस्थित व्यवहार करने का आरोप लगा था. हालांकि, यह मामला ज्यादा आगे नहीं बढ़ा और स्टोक्स पर कोई गंभीर आपराधिक सजा नहीं हुई थी, लेकिन ये कहना गलत नहीं होगा कि करियर की शुरुआत से ही स्टोक्स का नाम विवादों से जुड़ने लगा था.
One of England's all-time greatest captains, Ben Stokes, has decided to retire from international cricket at the end of this Test match.
— England Cricket (@englandcricket) June 28, 2026
Ben, you have been the most inspirational captain, leader and legend this team could have ever hoped for.
We love you so much and wish you… pic.twitter.com/U5grq0F0kj
अनुशासनहीनता के कारण ऑस्ट्रेलिया से भेज दिया गया था वापस
बेन स्टोक्स अपने करियर की शुरुआत में ही एक बड़े विवाद में फंस गए थे. 2013 में स्टोक्स इंग्लैंड लायंस टीम के साथ ऑस्ट्रेलिया दौरे पर थे, जब वह अनुशासनात्मक विवाद में फंस गए थे. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एक मैच के बाद स्टोक्स और कुछ साथी खिलाड़ी देर रात तक बाहर रहे और उन्होंने शराब पी. टीम मैनेजमेंट ने इसे अनुशासन का गंभीर उल्लंघन माना.
उनकी इस हरकत को ECB ने संज्ञान में लिया और इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने कड़ा फैसला लेते हुए स्टोक्स को बीच दौरे से ही स्वदेश वापस भेज दिया. इस घटना ने उनके करियर पर नकारात्मक असर डाला और उनके व्यवहार पर सवाल उठे थे.
Thanks for the memories, Stokesy ❤️
— England Cricket (@englandcricket) June 29, 2026
An all-time LEGEND. pic.twitter.com/raNn7pc0eG
ब्रिस्टल नाइटक्लब मारपीट मामला
2017 में हुआ ब्रिस्टल नाइटक्लब विवाद बेन स्टोक्स के करियर का सबसे बड़ा विवाद माना जाता है. सितंबर 2017 में वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे मैच के बाद वह ब्रिस्टल के एक नाइटक्लब के बाहर मारपीट की घटना में शामिल पाए गए. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसके बाद इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने उन्हें तुरंत टीम से बैन कर दिया. पुलिस ने स्टोक्स को गिरफ्तार किया और उनपर हिंसक झगड़ा का आरोप लगाया गया था.
इस विवाद के कारण वह 2017-18 एशेज सीरीज से भी बाहर हो गए और उनकी उपकप्तानी भी छिन गई. करीब एक साल तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद अगस्त 2018 में ब्रिटेन की अदालत ने उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया. हालांकि, ECB ने खेल की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए उन पर जुर्माना लगाया और अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की थी.
Ben Stokes' entire career has been littered with big moments, and today was no different...
— England Cricket (@englandcricket) June 28, 2026
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केटी प्राइस के दिव्यांग बेटे का मजाक उड़ाने का आरोप
2018 में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें स्टोक्स पर टीवी स्टार केटी प्राइस के दिव्यांग बेटे हार्वी का मजाक उड़ाने का आरोप लगा. इस मामले में उन्हें काफी आलोचना झेलनी पड़ी. हालांकि, बाद में स्टोक्स ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी.
सोशल मीडिया पर उन्होंने लिखा था कि, "मैंने कुछ बार वीडियो देखने के बाद मूर्खतापूर्ण तरीके से उसे कॉपी करने की कोशिश की. "मुझे ऐसा कभी नहीं करना चाहिए था और मुझे इसका बहुत अफसोस है." इस इंसिडेंट के बाद उनके स्पॉन्सर न्यू बैलेंस ने भी अपना कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर दिया था.
एशेज 2025-26 के दौरान टीम कल्चर पर सवाल
ऑस्ट्रेलिया में 2025-26 एशेज सीरीज हारने के बाद इंग्लैंड टीम के खिलाड़ियों के देर रात पार्टी करने, कसीनो जाने और शराब पीने की खबरें सामने आईं थीं. स्टोक्स सीधे तौर पर किसी घटना में शामिल नहीं थे, लेकिन कप्तान होने के कारण टीम संस्कृति और अनुशासन को लेकर उनकी नेतृत्व क्षमता पर आलोचना हुई थी. इतना ही नहीं इस वाक्ये के चलते उनकी इमेज को भी काफी नुकसान पहुंचा था.
2026 का नाइटक्लब और कर्फ्यू विवाद
इंग्लैंड के टेस्ट कैप्टन बेन स्टोक्स न्यूजीलैंड के साथ खेली गई अपने करियर की आखिरी सीरीज में भी एक बड़े विवाद में फंसे. न्यूजीलैंड के साथ खेले गए पहले टेस्ट मैच में मिली जीत के बाद बेन स्टोक्स ने ECB द्वारा लगाए नाइटकर्फ्यू को तोड़ा और वह अपने साथी खिलाड़ी गस एटकिंगसन के साथ क्लब में पहुंचे थे. जहां, एक रग्बी प्लेयर से बेन स्टोक्स की हाथापाई भी हुई थी, जिसके वीडियोज सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे. इसके बाद ECB ने मामले की जांच शुरू की.
The Bristol Brawl.#OnThisDay in 2017 Ben Stokes and Alex Hales had a Fight in a Night Club in Bristol.
— Cricketopia (@CricketopiaCom) September 26, 2022
Stokes was fined £30,000 and warned about his future conduct and has vowed to never allow himself to be drawn into a similar situation.https://t.co/zu1WAtXKWi
हालांकि रिपोर्टों के अनुसार वे किसी हिंसक घटना के मुख्य आरोपी नहीं थे, लेकिन एक कप्तान होने के नाते उनके आचरण पर सवाल उठे. बता दें, टेस्ट सीरीज के दूसरे मैच से बेन स्टोक्स को बाहर कर दिया गया था, जबकि तीसरे मैच में उन्होंने वापसी की और फिर अपने इंटरनेशनल करियर से रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया.
Leaked CCTV footage of outside night club.
— Infinite Infos (@infiniteInfos) June 9, 2026
Ben Stokes and Gus Atkinson were involved in a nightclub fight after England's Test win.#BenStokes #EnglandCricket #ECB #GusAtkinson pic.twitter.com/WzNeg0Bcwx
कप्तानी और ECB के साथ मतभेद
2026 में नाइटक्लब विवाद के बाद इंग्लैंड के दिग्गज खिलाड़ी बेन स्टोक्स और इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड के बीच रिश्तों में टेंशन आ गई थी. मीडिया में ऐसी खबरें आईं कि स्टोक्स और ECB के बीच चीजें ठीक नहीं थीं. उनके नेतृत्व और अनुशासन को लेकर लगातार सवाल उठे और अंततः उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी थी.
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वित्त मंत्रालय ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के लिए 1.25 लाख करोड़ रुपए के बजट को दी मंजूरी
नई दिल्ली, 30 जून (आईएएनएस)। वित्त मंत्रालय की व्यय वित्त समिति (ईएफसी) ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) 2.0 के लिए 1.25 लाख करोड़ रुपए के बजट को मंजूरी दे दी है, जिससे देश में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने का अगले चरण का रास्ता साफ हो गया है। यह जानकारी एडीटीवी प्रॉफिट की रिपोर्ट में दी गई।
इस प्रस्ताव को समिति ने पिछले हफ्ते मंजूरी दी थी और अब इसे अंतिम मंजूरी के लिए केंद्रीय कैबिनेट के पास भेजा जाएगा।
आईएसएम 2.0 प्रस्तावित बजट आईएसएम 1.0 के तहत आवंटित 76,000 करोड़ रुपए से काफी अधिक है। आईएसएम 1.0 के तहत सरकार ने चिप बनाने, असेंबली और डिजाइन से जुड़ी 10 सेमीकंडक्टर सुविधाओं को मंजूरी दी थी।
आईएसएम 2.0 से भारत की सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन को मजबूत करने के उद्देश्य से इंडस्ट्रियल गैस, स्पेशल केमिकल, कैपिटल इक्विपमेंट, एमएसएमई और सहायक सप्लायर जैसे बड़े इकोसिस्टम को मदद मिलने की उम्मीद है।
सरकार को उम्मीद है कि इस योजना से भारत 2030 तक अपनी घरेलू सेमीकंडक्टर मांग का 75 प्रतिशत तक हिस्सा पूरा कर सकेगा, जिससे आयात पर निर्भरता कम होगी और देश के ग्लोबल इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब बनने का लक्ष्य भी पूरा हो सकेगा।
सरकार नई स्कीम को शुरू करने के लिए मंत्रालयों के बीच बातचीत पहले ही कर चुकी है और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को वित्त मंत्रालय की मंजूरी का इंतजार था।
भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स की खपत और उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है। आज भारत में 65 करोड़ से ज्यादा स्मार्टफोन यूजर्स हैं और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का सालाना उत्पादन 12 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।
साथ ही, देश एआई-आधारित सिस्टम, डेटा सेंटर और इलेक्ट्रिक गाड़ियां भी बना रहा है, जिनके लिए सेमीकंडक्टर चिप्स की जरूरत होती है। मांग और इनोवेशन में इस तेजी की वजह से भारत के लिए ग्लोबल सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन में अपनी जगह बनाना जरूरी हो गया है।
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत 10 सेमीकंडक्टर प्लांट को मंजूरी दी गई है। इन प्लांट का निर्माण तेजी से चल रहा है। गुजरात के साणंद में एक यूनिट में पायलट प्रोडक्शन लाइन पहले ही शुरू हो चुकी है और एक साल के अंदर चार और यूनिट में प्रोडक्शन शुरू होने की उम्मीद है। एप्लाइड मैटेरियल्स, लैम रिसर्च, मर्क और लिंडे जैसी ग्लोबल कंपनियां सपोर्टिंग फैक्टरियों और सप्लाई चेन में निवेश कर रही हैं।
--आईएएनएस
एबीएस
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