Ram Mandir Row: राम मंदिर प्रबंधन की जिम्मेदारी किसे सौंपे? पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने किया खुलासा
Ram Mandir Row: अयोध्या के राम मंदिर के चढ़ावे में हुई चोरी का मामला इन दिनों सुर्खियों में बना हुआ है. मामले में अब बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने भोपाल में कहा कि राम भक्तों की श्रद्धा और धार्मिक, सनातन परंपराओं से जुड़े लोगों को आघात पहुंचा है. उन्होंने कहा कि भगवान राम का चढ़ाववा चोरी करने वाले लोग महादंड के भागीदार हैं. शास्त्री ने कहा कि रावण ने माता सीता का हरण किया था तो उसका सर्ववंश नाश हुआ था. ठीक वैसे ही उन लोगों को भी महादंड मिलेगा.
किसे मिले राम मंदिर सेवा की जिम्मेदारी?
बाबा बागेश्वर ने ये भी बताया कि मंदिर प्रबंधन का कामकाज किसे सौंपा जाए? धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि इस घटना के बाद राम मंदिर सेवा का काम संत परंपरा के लोगों को ही सौंपा जाए. बाबा बागेश्वर ने कहा कि राम मंदिर का दान चोरी करके सनातन को नुकसान पहुंचाया गया है. इसकी जांच की जानी चाहिए और जो भी दोषी है. उसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए.
इंडोनेशियन मुसलमान हिंदुओं का समर्थन करते हैं- पंडित धीरेंद्र शास्त्री
इसके अलावा, धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि भारत के मुसलमानों को इंडोनेशिया जाना चाहिए. वहां पांच वक्त की नमाज पढ़ी जाती है बावजूद इसके वे लोग हर एक परंपराओं का सम्मान करते हैं. पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने आगे कहा कि इंडोनेशिया का बाली एक हिंदू बहुल्य शहर है. वहां हिंदू अपने नववर्ष पर 24 घंटे निर्मला व्रत, मौन व्रत करते हैं. वहां के मुसलमान माइक से आजान नहीं पढ़ते हैं. वे हिंदुओं का समर्थन करते हैं.
चंपत राय से 3 घंटे हुई पूछताछ
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने महासचिव चंपत राय से करीब 3 घंटे की पूछताछ की. इस दौरान उनसे चढ़ावे के प्रबंधन की व्यवस्था, कर्मचारियों की जिम्मेदारी, शिकायतों के निस्तारण और प्रशासनिक निर्णय को लेकर सवाल किए गए. चंपत राय के बयान भी दर्ज किए गए हैं. चंपत के बयान को अन्य गवाहों और दस्तावेजों से उनका मिलान किया जाएगा. चंपत राय ने पूछताछ के दौरान मंदिर में हुई चोरी पर दुख जताया और अपनी जिम्मेदारी स्वीकार की. साथ ही उन्होंने चोरी में अपनी किसी भी भूमिका से साफ इनकार कर दिया है.
#WATCH भोपाल: राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी के मामले पर बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा, "जो लोग भगवान राम के धाम में ऐसी हरकतें करते हैं, उन्हें कड़ी सज़ा मिलेगी। जब रावण ने माता जानकी का अपहरण किया था, तो उसका पूरा वंश नष्ट हो गया था। उसी तरह जो कोई भी… pic.twitter.com/rmSKD6RsY9
— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 30, 2026
दोबारा तलब किए जा सकते हैं चंपत राय
सूत्रों की मानें तो पूछताछ के दौरान, चंपत राय कई सवालों का जवाब नहीं दे पाए हैं. पुलिस ने ट्रस्ट से जड़े पदाधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य लोगों सहित करीब 70 लोगों को नोटिस जारी किया है. जांच कर रही पुलिस चढ़ावे के प्रबंधन, नियुक्तियों, निगरानी व्यवस्था और बैंकिंग प्रोसेस की पड़ताल कर रही है. अधिकारियों ने कहा कि जरूरत पड़ने पर उन्हें फिर से बुलाया जा सकता है. इन्वेस्टिगेशन टीम का कहना है कि वह अब इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर इतनी कड़ी सुरक्षा के बाद भी मंदिर में चढ़ावे की चोरी हुई कैसे.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला सामने आने के बाद राम जन्मभूमि ट्रस्ट के दो वरिष्ठ सदस्यों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है, जिसमें ट्रस्ट के सचिव चंपत राय और ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा शामिल हैं. दोनों सदस्यों का इस्तीफे की खबर ने चौंका दिया है. ANI की मानें तो नैतिक आधार पर चंपत राय ने अपना पद छोड़ा है.
चढ़ावा चोरी केस में इन आठ लोगों को किया गया गिरफ्तार
- रमाशंकर यादव- चंपत राय के पूर्व ड्राइवर
- लवकुश मिश्रा- चढ़ावे और नकदी की काउंटिंहग स्टाफ का सदस्य था.
- अनुकल्प मिश्रा- गणना कक्ष में रुपयों की गिनती में शामिल रहता था.
- सुभाष चंद्र श्रीवास्तव- कैश काउंटिंग स्टाफ काप्रभारी था. स्टाफ को संभालता था.
- करुणेश पांडेय- दान के रुपये कक्ष तक लेकर आने और उसकी गणना करता था.
- मनीष यादव- दानपात्रों में आने वाले चढ़ावे की गिनती करता था.
- अविनाश शुक्ला- दान के रुपये को कक्ष तक लेकर आने और उसकी गणना करता था.
- रमाशंकर मिश्रा- दानपात्रों को गणना कक्ष तक लेकर आता और उनकी निगरानी करता था.
'सुबह 6 बजे भी पीएम मोदी से बात करना चाहते थे ट्रंप', अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बताई दोनों नेताओं की खास बॉन्डिंग
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यक्तिगत रिश्तों को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच मजबूत व्यक्तिगत भरोसा और दोस्ती भारत-अमेरिका संबंधों की एक महत्वपूर्ण आधारशिला है. गोर ने एक दिलचस्प किस्सा साझा करते हुए बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप एक बार सुबह छह बजे ही प्रधानमंत्री मोदी को फोन करना चाहते थे, क्योंकि उन्हें लगता था कि पीएम मोदी भी उनकी तरह बहुत कम सोते हैं.
सुबह 6 बजे फोन करने की थी इच्छा
सर्जियो गोर के मुताबिक, एक अवसर पर राष्ट्रपति ट्रंप ने उनसे कहा कि वह सुबह करीब छह बजे प्रधानमंत्री मोदी को फोन करना चाहते हैं. ट्रंप ने मजाकिया अंदाज में कहा कि मोदी भी उनकी तरह कम सोते हैं और उस समय बातचीत करने में कोई दिक्कत नहीं होगी. गोर ने इस घटना को दोनों नेताओं के बीच मौजूद सहज और व्यक्तिगत संबंधों का उदाहरण बताया.
भारत-अमेरिका रिश्तों की मजबूत नींव
अमेरिकी राजदूत ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप का व्यक्तिगत तालमेल केवल औपचारिक कूटनीति तक सीमित नहीं है. दोनों नेता कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सीधे संवाद करते रहे हैं और उनके बीच बना विश्वास द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने में मददगार साबित हुआ है. उन्होंने कहा कि यही वजह है कि दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है.
'मोदी और ट्रंप की सोच में कई समानताएं'
सर्जियो गोर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप प्रशासनिक फैसलों को लेकर व्यावहारिक सोच रखते हैं. उनके अनुसार दोनों नेता परिणाम आधारित शासन में विश्वास करते हैं और जटिल मुद्दों पर भी सीधे संवाद को प्राथमिकता देते हैं. उन्होंने कहा कि यही समान सोच दोनों नेताओं की दोस्ती को और मजबूत बनाती है.
भारत दौरे के भी दिए संकेत
गोर ने यह भी संकेत दिया कि राष्ट्रपति ट्रंप भविष्य में भारत की यात्रा कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि ट्रंप भारत को बेहद महत्व देते हैं और यहां दोबारा आने की इच्छा रखते हैं. हालांकि उन्होंने किसी संभावित यात्रा की आधिकारिक तारीख का खुलासा नहीं किया, लेकिन इतना जरूर कहा कि दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संवाद आगे भी जारी रहेगा.
रणनीतिक साझेदारी पर रहेगा फोकस
अमेरिकी राजदूत ने कहा कि भारत और अमेरिका की साझेदारी केवल राजनीतिक रिश्तों तक सीमित नहीं है, बल्कि दोनों देश वैश्विक सुरक्षा, आर्थिक विकास, निवेश, रक्षा सहयोग, तकनीक और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे क्षेत्रों में भी मिलकर काम कर रहे हैं. उनका कहना था कि दोनों देशों के रिश्ते भविष्य में और अधिक मजबूत होने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.
व्यक्तिगत रिश्ते से कूटनीति को मिली मजबूती
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक राजनीति में नेताओं के व्यक्तिगत संबंध कई बार द्विपक्षीय रिश्तों को नई दिशा देते हैं. सर्जियो गोर का बयान भी इसी ओर इशारा करता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच मौजूद व्यक्तिगत विश्वास और संवाद ने भारत-अमेरिका संबंधों को नई ऊर्जा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. आने वाले समय में व्यापार, रक्षा और रणनीतिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में यह तालमेल दोनों देशों के लिए अहम साबित हो सकता है.
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