हुमा कुरैशी का ‘इश्क कमीना’ रिलीज होते ही ट्रोल, फैंस बोले- SRK-ऐश्वर्या का कोई मुकाबला नहीं
फिल्म ‘बेबी डू डाई डू’ का नया गाना ‘इश्क कमीना’ रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस गाने में हुमा कुरैशी और रचित सिंह की जोड़ी नजर आ रही है। गाने को पुराने सुपरहिट ट्रैक का नया रूप देने की कोशिश की गई है, जिसमें मॉडर्न विजुअल्स, नए डांस मूव्स और स्टाइलिश प्रेजेंटेशन देखने को मिलता है।
हालांकि रिलीज के कुछ ही घंटों के भीतर दर्शकों ने इसकी तुलना सीधे साल 2002 में आए ओरिजिनल गाने से शुरू कर दी। कई लोगों का कहना है कि नया वर्जन तकनीकी रूप से बेहतर हो सकता है, लेकिन ओरिजिनल गाने वाली फीलिंग और स्क्रीन प्रेजेंस इसमें नहीं दिखती। यही वजह है कि यह गाना तारीफ से ज्यादा तुलना की वजह से चर्चा में है।
फैंस ने क्यों किया नए वर्जन को ट्रोल?
सोशल मीडिया पर गाने को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने हुमा कुरैशी की परफॉर्मेंस और डांस की तारीफ की, लेकिन बड़ी संख्या में यूजर्स ने साफ कहा कि क्लासिक गानों को रीक्रिएट करना आसान नहीं होता। कई कमेंट्स में लिखा गया कि ओरिजिनल गाने की पहचान उसकी स्टार कास्ट, म्यूजिक और स्क्रीन केमिस्ट्री थी, जिसे दोहराना मुश्किल है।
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कई यूजर्स ने लिखा कि शाहरुख खान और ऐश्वर्या राय बच्चन की जोड़ी आज भी इस गाने की सबसे बड़ी ताकत है। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि पुराने हिट गानों के रीमेक बनाने के बजाय नए और ओरिजिनल गानों पर ज्यादा काम होना चाहिए। हालांकि कुछ दर्शकों ने यह भी माना कि नए दर्शकों को ध्यान में रखकर गाने को अलग अंदाज में पेश करने की कोशिश की गई है।
हुमा कुरैशी ने बताया क्यों बनाया नया वर्जन
गाने को लेकर उठ रही प्रतिक्रियाओं के बीच हुमा कुरैशी ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि टीम का मकसद ओरिजिनल गाने की कॉपी करना नहीं था, बल्कि उसकी लोकप्रियता को सम्मान देते हुए उसे नए अंदाज में पेश करना था। उनके मुताबिक, यह प्रोजेक्ट उनके लिए चुनौती भी था और जिम्मेदारी भी, क्योंकि ‘इश्क कमीना’ पहले से ही लोगों की यादों का हिस्सा है।
इस गाने की कोरियोग्राफी रेमो डिसूजा ने की है। फिल्म ‘बेबी डू डाई डू’ का निर्देशन नचिकेत सामंत ने किया है और यह 3 जुलाई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म में सिकंदर खेर, चंकी पांडे, रचित सिंह, मरूधा शेखावत, विद्या मालवदे, अरुण कुशवाहा और हिमांशु मलिक भी अहम भूमिकाओं में हैं।
फिलहाल ‘इश्क कमीना’ का नया वर्जन म्यूजिक प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध है। गाने को लेकर दर्शकों की राय भले ही अलग-अलग हो, लेकिन इतना तय है कि इसने रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर बड़ी चर्चा छेड़ दी है। क्लासिक गानों के नए वर्जन को लेकर दर्शकों की उम्मीदें हमेशा ज्यादा रहती हैं और यही वजह है कि हर नए रीक्रिएशन की तुलना उसके ओरिजिनल संस्करण से होना लगभग तय माना जाता है।
हिंसा के कारण हैती में हजारों बेघर, जरूरी सेवाएं भी बाधित: यूएन
संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता अधिकारियों ने कहा है कि हैती के कई क्षेत्रों में प्रतिद्वंद्वी धड़ों के बीच बढ़ती सशस्त्र झड़पों के कारण हजारों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं. संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (ओसीएचए) ने शुक्रवार (स्थानीय समयानुसार) को बताया कि अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (आईओएम) के अनुसार पिछले सप्ताह आर्टिबोनाइट विभाग में 2,600 से अधिक लोग विस्थापित हुए. इनमें से तीन-चौथाई से अधिक लोगों ने मार्चांद डेसालिन्स कम्यून में शरण ली.
आर्टिबोनाइट और वेस्ट विभाग में भारी विस्थापन
ओसीएचए ने कहा, "आर्टिबोनाइट विभाग में लगातार जारी हिंसा लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर रही है."आईओएम के अनुसार, हैती के वेस्ट विभाग में 13 जून से सिटे सोलेइल में फिर से शुरू हुई सशस्त्र झड़पों के कारण 5,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं. इससे पहले मार्च से मई के बीच भी सशस्त्र हिंसा से बचने के लिए हजारों लोग अपने घर छोड़ चुके थे.
स्वास्थ्य और मातृ सेवाओं पर गंभीर असर
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, ओसीएचए ने कहा कि लगातार जारी हिंसा के कारण स्वास्थ्य सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित हुई हैं, विशेषकर महिलाओं और लड़कियों के लिए.
हिंसा के चलते गैर-सरकारी संगठन डॉक्टर्स विदआउट बॉर्डर्स (एमएसएफ) को 19 जून को सिटे सोलेइल स्थित अपने मातृत्व केंद्र की सेवाएं अस्थायी रूप से बंद करनी पड़ीं. इसके कारण पोर्ट- ओ-प्रिंस के सबसे घनी आबादी वाले इलाकों में से एक में रहने वाली हजारों महिलाओं की मातृ एवं प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बाधित हो गई है. इसके अलावा स्वास्थ्य केंद्रों में इलाज के लिए आने वाले घायल लोगों की संख्या भी बढ़ी है.
जबरन वापसी और प्रवासियों का संकट
आईओएम के अनुसार, पिछले महीने 25,500 से अधिक लोगों को जबरन वापस भेजा गया, जिससे इस वर्ष अब तक जबरन लौटाए गए लोगों की कुल संख्या 1,17,000 से अधिक हो गई है. इनमें 24 प्रतिशत महिलाएं और लगभग 8 प्रतिशत बच्चे हैं.
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राहत कार्यों में बाधा और फंड की भारी कमी
ओसीएचए ने कहा कि पहुंच संबंधी गंभीर बाधाओं के बावजूद वह अपने मानवीय सहयोगी संगठनों के साथ मिलकर जरूरतों का आकलन करने और प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने का काम जारी रखे हुए है. उसने यह भी बताया कि वर्ष 2026 के लिए हैती की 88 करोड़ अमेरिकी डॉलर की मानवीय सहायता अपील को अब तक केवल 27 प्रतिशत ही वित्तीय सहायता मिल पाई है.
स्रोत--आईएएनएस
डिस्कलेमर- हेडिंग, सबहेड और समरी को छोड़कर पूरी स्टोरी न्यूज एजेंसी IANS की है.
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