'अक्षर पटेल बहुत एवरेज कप्तान हैं...' अश्विन ने दिल्ली कैपिटल्स पर उठाए सवाल, कुलदीप यादव के जाने पर बोली बड़ी बात
IPL 2027 : इंडियन क्रिकेट टीम के पूर्व ऑफ स्पिन ऑलराउंडर रविचंद्रन अश्विन ने दिल्ली कैपिटल्स की को लेकर बड़ा बयान दिया है. अश्विन ने आईपीएल 2026 में अक्षर पटेल के प्रदर्शन के बारे में भी बात की है. उन्होंने केएल राहुल को अगला कप्तान बनाने की बात पर भी जोर दिया है. इसके साथ ही अश्विन ने कुलदीप यादव को चल जाने देन पर भी दिल्ली कैपिटल्स पर सवाल खड़े किए हैं. अश्निन ने क्या कहा है, आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं.
आपको बता दें कि, दिल्ली कैपिटल्स ने लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ आईपीएल 2027 से पहले बड़ा ट्रेड सफलतापूर्वक किया है. उन्होंने लखनऊ सुपर जायंट्स को अपने स्टार स्पिन गेंदबाज कुलदीप यादव को दे दिया है. उनकी जगह पर दिल्ली कैपिटल्स ने लखनऊ सुपर जायंट्स से ऋषभ पंत को लिया है. इस ट्रेड के होने के बाद रविचंद्रन अश्विन ने दिल्ली कैपिटल्स के बारे में खुलकर बात की है.
अश्विन ने दिल्ली कैपिटल्स पर दिया बड़ा बायन
रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि, 'दिल्ली कैपिटल्स का 2026 का सीजन बहुत ही साधारण था, जहां उन्होंने लगातार गलतियां की हैं. इसके बाद फिर भी वो एक अच्छी जगह पर पहुंचे थे. उन्हें कोई बदलाव करने की जरूरत नहीं थी. अगर आपने सही टीम चुनी होती और केएल राहुल को कप्तान बनाया होता तो टीम अगले साल अच्छी स्थिति में होती क्योंकि इस साल अक्षर पटेल कप्तान के तौर पर बहुत औसत थे. मुझे सच में समझ नहीं आ रहा कि उन्होंने कुलदीप यादव को क्यों जाने दिया है.
Ravi Ashwin said : “DC had a very ordinary 2026 season, where they made mistakes after mistakes. Yet, they still ended up in a decent place. There was no need for them to make any change. If you just picked the proper side and have KL Rahul captain, the side would have been in a… pic.twitter.com/YPJgaLgxCA
— Vipin Tiwari (@Vipintiwari952) June 25, 2026
आपको बता दें कि, दिल्ली कैपिटल्स ने ऋषभ पंत के बाद अक्षर पटेल को दिल्ली कैपिटल्स का कप्तान बनाया था. उनकी कप्तानी में टीम का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा था. अब उम्मीद की जा रही है कि, आईपीएल 2027 में अक्षर पटेल भी टीम की कप्तानी करते हुए नजर नहीं आएंगे. दिल्ली कैपिटल्स ऋषभ पंत और अक्षर पटेल के अलावा केएल राहुल को अपना कप्तान बना सकती है. जबकि पंत और अक्षर दोनों टीम में बतौर खिलाड़ी नजर आएंगे.
केएल राहुल बन सकते हैं दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान
आईपीएल 2027 के लिए दिल्ली कैपिटल्स केएल राहुल को अपना कप्तान बना सकती है. वहीं ऋषभ पंत टीम में विकेटकीपर बल्लेबाज के तौर पर खेलेंगे और अक्षर पटेल बतौर स्पिन ऑलराउंडर आईपीएल 2026 में नजर आ सकते हैं. केएल राहुल ने दिल्ली कैपिटल्स से पहले पंजाब किंग्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए इंडियन प्रीमियर लीग में कप्तानी की है.
केएल राहुल की आईपीएल में कप्तानी के रिकॉर्ड
केएल राहुल ने आईपीएल में कुल 64 मैचों में कप्तानी की है. उन्होंने इस दौरान 32 मैचों जीत हैं, जबकि उनको 30 मैचों में हार मिली है. उनकी कप्तानी में 2 मुकाबले बेनतीजा भी रहे हैं. उनका बतौर कप्तान जीत प्रतिशत 50/% रहा है. केएल राहुल ने पंजाब किंग्स के लिए 27 मुकाबलों में कप्तानी की और 12 मैच जीते है, जबकि 13 मैचों में उन्हें हार मिली है. वहीं लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए राहुल ने 37 मैचों में कप्तानी की है. इस दौरान उन्होंने 20 मैच जीते है, जबकि उन्हें 30 मैचों में हार मिली है.
कुलदीप यादव की दिल्ली कैपिटल्स को खलेगी कमी
कुलदीप यादव की दिल्ली कैपिटल्स को आईपीएल 2027 में कमी खलने वाली है. दिल्ली के पास कुलदीप बतौर स्पिनर मौजूद थे. कुलदीप यादव दुनिया के किसी भी बल्लेबाज को अपनी फिरकी में फंसाने की काबिलियत रखते हैं. उन्होंने अब तक आईपीएल में 110 मैचों में 106 पारियों के अंदर 112 विकेट हासिल किए हैं. इस दौरान उनका बेस्ट प्रदर्शन 4/14 रहा है. उनका इकोनोमी आईपीएल 8.26 कहा है.
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राजेश एक्सपोर्ट्स पर ईडी का शिकंजा, 7.7 लाख करोड़ के राजस्व के बीच कई गंभीर अनियमितताओं का दावा
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोना निर्यातक कंपनी राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड के खिलाफ चल रही जांच में कई गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का दावा किया है. एजेंसी के अनुसार, कंपनी के विदेशी लेनदेन, स्टॉक होल्डिंग और शेयर कारोबार से जुड़े दस्तावेजों की जांच में कई संदिग्ध तथ्य सामने आए हैं. ईडी ने बेंगलुरु और मुंबई में कंपनी से जुड़े नौ परिसरों पर तलाशी और जब्ती अभियान चलाया. एजेंसी का कहना है कि जांच के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं, जिनसे विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA), 1999 के संभावित उल्लंघनों के संकेत मिले हैं.
2020 के बाद से कोई वेतन नहीं मिला
ईडी के मुताबिक, कंपनी लगभग 7.7 लाख करोड़ रुपये के समेकित राजस्व की रिपोर्ट कर रही थी, लेकिन इसके मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) को वर्ष 2020 के बाद से कोई वेतन नहीं मिला. वहीं कंपनी के प्रबंध निदेशक को कथित तौर पर केवल 17 हजार रुपये प्रतिमाह का पारिश्रमिक दिया जा रहा था. एजेंसी ने इन तथ्यों को असामान्य बताते हुए जांच के दायरे में रखा है.
जांच एजेंसी का आरोप है कि राजेश एक्सपोर्ट्स विदेशी निवेश, आयात-निर्यात और विदेशी व्यापार प्राप्तियों एवं देनदारियों से जुड़े आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने में विफल रही. ईडी का कहना है कि दस्तावेजों के अभाव में इन लेनदेन की वास्तविकता का सत्यापन करना बेहद कठिन हो गया है.
1,035 करोड़ रुपये के निवेश
ईडी ने दावा किया कि कंपनी ने अफ्रीकी खनन परिसंपत्तियों में 1,035 करोड़ रुपये के निवेश का उल्लेख किया है, लेकिन तलाशी के दौरान इससे संबंधित कोई पर्याप्त सहायक दस्तावेज या समकालीन रिकॉर्ड नहीं मिला. इसके अलावा एजेंसी ने करीब 3,000 करोड़ रुपये की विदेशी व्यापार प्राप्तियों और देनदारियों के समायोजन को भी संदिग्ध माना है. जांच के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात सहित अन्य विदेशी क्षेत्रों में स्थित संस्थाओं से जुड़ी प्राप्तियों के विरुद्ध व्यापारिक बकाया का समायोजन किया जा रहा था, जिसकी जांच की जा रही है.
स्टॉक की तुलना में करीब 40 प्रतिशत कमी पाई
ईडी ने कंपनी के स्टॉक रिकॉर्ड में भी बड़ी विसंगति का दावा किया है. एजेंसी के अनुसार, भौतिक सत्यापन के दौरान परिसर में मौजूद स्टॉक की मात्रा कंपनी के रिकॉर्ड में दर्ज स्टॉक की तुलना में लगभग 40 प्रतिशत कम पाई गई.
जांच में कंपनी के शेयरों में हुए कुछ ब्लॉक ट्रेड भी संदेह के घेरे में आए हैं. ईडी का आरोप है कि कुछ लेनदेन ऐसे व्यक्तियों से जुड़े हैं जिनके नाम अंतरराष्ट्रीय जांच रिपोर्टों और लीक दस्तावेजों में सामने आ चुके हैं. एजेंसी को आशंका है कि एनआरआई बेनामीदारों के माध्यम से किए गए कथित शेयर हेरफेर के जरिए 600 करोड़ रुपये से अधिक की हेराफेरी की गई हो सकती है.
ईडी द्वारा भेजे गए सवालों पर कंपनी की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली. उल्लेखनीय है कि इससे पहले भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने भी आरोप लगाया था कि राजेश एक्सपोर्ट्स ने वित्त वर्ष 2020-21 से 2024-25 के बीच अपने राजस्व को लगभग 15.15 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया हो सकता है. सेबी ने कंपनी और उसके प्रमोटर-चेयरमैन राजेश मेहता को आगे की जांच पूरी होने तक प्रतिभूति बाजार में प्रवेश से रोक दिया है.
ईडी और सेबी दोनों की जांच जारी
हालांकि, राजेश एक्सपोर्ट्स ने सेबी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उसके राजस्व संबंधी आंकड़े पूरी तरह सही हैं. कंपनी का दावा है कि यह विवाद उसकी स्विस सहायक कंपनी वाल्काम्बी के राजस्व और आय की रिपोर्टिंग को लेकर उत्पन्न गलतफहमी का परिणाम है. फिलहाल ईडी और सेबी दोनों की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है.
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