पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने गुरुवार को आरोप लगाया कि उनकी छवि खराब करने के लिए उनके नकली वीडियो फैलाए जा रहे हैं और दावा किया कि राजनीतिक फायदे के लिए धार्मिक आदेशों या 'हुकमनामों' का इस्तेमाल किया जा रहा है। एक कथित वायरल वीडियो को लेकर मचे विवाद के बीच प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मान ने कहा कि वे लोगों के मन में मेरे प्रति नफरत पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे सफल नहीं होंगे। इस वीडियो में उन्हें कथित तौर पर शराब पीते और धार्मिक तस्वीरों पर शराब छिड़कते हुए दिखाया गया है।
भगवंत मान ने कहा कि वे मुझसे राजनीतिक तौर पर नहीं लड़ सकते, इसलिए वे मुझे धार्मिक आधार पर बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। मैं श्री अकाल तख्त को चुनौती नहीं दे सकता। वीडियो में दिख रहा व्यक्ति मैं नहीं हूँ...तीनों राजनीतिक पार्टियां मुझे बदनाम करने के लिए एकजुट हो गई हैं। मान ने आरोप लगाया कि उन्हें धार्मिक आधार पर बदनाम करने की कोशिश की जा रही है और कहा कि उन्हें बदनाम करने के मकसद से ही ऐसे आदेश अक्सर जारी किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि, हमारी सरकार ने ही सबसे ज़्यादा काम किया है।
पंजाब के मुख्यमंत्री ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) से उन बोर्ड के बारे में भी सवाल किया जो कथित तौर पर गुरुद्वारों के बाहर उनके ख़िलाफ़ लगाए गए थे। मान ने पूछा कि मैं SGPC से पूछना चाहता हूँ कि वे गुरुद्वारों के बाहर मेरे ख़िलाफ़ बोर्ड क्यों लगा रहे हैं। सुखबीर बादल के समय में ऐसे बोर्ड क्यों नहीं लगाए गए थे?" उन्होंने यह भी कहा कि SGPC के अध्यक्ष ने खुद को सुखबीर बादल का सिपाही बताया था।
अकाल तख्त के सामने पहले पेश होने का ज़िक्र करते हुए मान ने कहा कि अगर उन्हें दोबारा बुलाया गया तो वह फिर जाएंगे। उन्होंने कहा कि मैं तब अकाल तख्त साहिब गया था और अगर आज मुझे बुलाया गया, तो मैं फिर जाऊंगा। मान ने यह भी दावा किया कि उन्होंने पहले कार्यवाही का सीधा प्रसारण करने का अनुरोध किया था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि अब वे क्लिप जारी कर रहे हैं।
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एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने कहा है कि मध्य प्रदेश की एक एजुकेशनल सोसाइटी के फंड के कथित गलत इस्तेमाल से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तलाशी के बाद उसने 3.97 करोड़ रुपये नकद और 3.45 करोड़ रुपये की सोने की ज्वेलरी ज़ब्त की है। एजेंसी ने बताया कि 'प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' के तहत 'श्री आस्था फ़ाउंडेशन फ़ॉर एजुकेशन सोसाइटी' के ख़िलाफ़ चल रही जांच के सिलसिले में 23 जून को ये तलाशी ली गई थी। यह मामला राज्य पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग द्वारा जयनारायण चौकसे और अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज FIR पर आधारित है। यह FIR सोसाइटी के फंड के कथित "गबन" और "डायवर्जन" से जुड़े "बड़े पैमाने" पर वित्तीय धोखाधड़ी के लिए दर्ज की गई थी। ईडी के मुताबिक, चौक्सी ग्रुप से जुड़े घरों, ऑफिस, शिक्षण संस्थानों, ट्रस्ट और बिजनेस ठिकानों पर तलाशी ली गई। चौक्सी, राज्य के जाने-माने एजुकेशन ग्रुप LNCT ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन हैं। इन आरोपों पर ग्रुप की प्रतिक्रिया का इंतज़ार है।
एजेंसी ने कहा कि 'श्री आस्था फाउंडेशन फॉर एजुकेशन सोसाइटी' कई शिक्षण और हेल्थकेयर संस्थान चलाती थी और इसे चौक्सी परिवार के सदस्य और उनके सहयोगी कंट्रोल करते थे। आरोप है कि छात्रों से इकट्ठा किए गए पैसे, स्कॉलरशिप ग्रांट और सोसाइटी व उसके संस्थानों के नाम पर लिए गए बैंक लोन को आरोपियों के कंट्रोल वाले संबंधित ट्रस्ट, कंपनियों और दूसरी संस्थाओं में डायवर्ट कर दिया गया। ईडी ने कहा कि तलाशी के दौरान उसने फाइनेंशियल रिकॉर्ड और प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज़ भी ज़ब्त किए, हालांकि उसने कैश, गहनों और दूसरी संपत्तियों के मालिक के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। यह कार्रवाई उन आरोपों के बाद की गई है जिनमें कहा गया था कि सोसाइटी से जुड़े फंड का गलत इस्तेमाल किया गया और उसे जुड़ी हुई संस्थाओं को ट्रांसफर किया गया।
FIFA WC 2026, France vs Norway: फीफा वर्ल्ड कप 2026 में शुक्रवार को फ्रांस और नॉर्वे की टीमें आमने-सामने होंगी। ग्रुप I का यह मुकाबला जिलेट स्टेडियम में खेला जाएगा। दोनों ही टीमें अपने पिछले दोनों मैच जीतकर आ रही हैं, इसलिए यह मुकाबला ग्रुप में पहला स्थान हासिल करने के लिए निर्णायक होगा। फ्रांस फिलहाल गोल अंतर (Goal Difference) के कारण बेहतर स्थिति में है, इसलिए ड्रॉ होने पर भी फ्रांस शीर्ष पर रहेगा।
एम्बाप्पे और हालैंड के बीच गोल्डन बूट की रेस इस मुकाबले में सभी की निगाहें दो दिग्गज खिलाड़ियों- किलियन एम्बाप्पे और एर्लिंग हालैंड पर टिकी होंगी। दोनों ही खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट में अब तक 4-4 गोल किए हैं। एम्बाप्पे ने अपने 100वें इंटरनेशनल मैच में शानदार फॉर्म दिखाई है, जबकि हालैंड अपने पहले ही वर्ल्ड कप में विपक्षी टीमों के लिए काल बने हुए हैं।
फिलहाल अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी 5 गोल के साथ गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे हैं, लेकिन शुक्रवार के मैच के बाद यह समीकरण बदल सकते हैं।
दोनों खिलाड़ियों का शानदार रिकॉर्ड किस्मत और आंकड़ों की बात करें तो एम्बाप्पे ने अब तक 100 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 60 गोल किए हैं, वहीं एर्लिंग हालैंड ने केवल 52 मैचों में 59 गोल ठोककर अपनी अलग छाप छोड़ी है। नॉर्वे के कोच स्टेल सोलबैकेन ने माना कि गोल्डन बूट जीतना बड़ी चुनौती है, क्योंकि फ्रांस और अर्जेंटीना जैसी टीमें अधिक मैच खेलने की क्षमता रखती हैं, लेकिन उन्होंने हालैंड की फॉर्म पर गर्व जताया है।
राउंड ऑफ 32 की तैयारी वहीं दूसरी ओर, टोरंटो में सेनेगल और इराक की टीमें तीसरे स्थान के लिए भिड़ेंगी। टूर्नामेंट के नए फॉर्मेट के तहत, 12 ग्रुपों से शीर्ष दो टीमें और सर्वश्रेष्ठ आठ तीसरे स्थान वाली टीमें 'राउंड ऑफ 32' में जगह बनाएंगी।