सीएम मोहन यादव मध्य प्रदेश को देंगे दो बड़ी सौगात, 38 हजार परिवारों का होगा गृह-प्रवेश, इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड फोर-लेन परियोजना का करेंगे भूमि-पूजन
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने तथा सभी पात्र परिवारों को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने की दिशा में मध्यप्रदेश ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल शनिवार, 20 जून को इंदौर जिले के सांवेर में एक भव्य कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। यह कार्यक्रम राज्य के विकास और नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।
इस अवसर पर, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत 42 हजार से अधिक पात्र हितग्राहियों को 2 हजार 500 करोड़ रुपये से अधिक की आवास स्वीकृतियां प्रदान की जाएगी। यह योजना शहरी क्षेत्रों में आवासहीन परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने के सरकार के लक्ष्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इन स्वीकृतियों के माध्यम से हजारों परिवारों को अपने सपनों का घर बनाने का अवसर मिलेगा, जिससे उनके जीवन में स्थिरता और सम्मान आएगा। इसके अतिरिक्त, 38 हजार से अधिक परिवारों को उनके नवीन पक्के आवासों में गृह-प्रवेश भी कराया जाएगा, जिससे उन्हें अपने सपनों का घर मिलने की खुशी मिलेगी। यह पहल उन परिवारों के लिए सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो दशकों से अपने घर का सपना देख रहे थे।
इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड फोर-लेन परियोजना का भूमि-पूजन
कार्यक्रम में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में 2 हजार 935 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली 48.10 किलोमीटर लंबी महत्वाकांक्षी इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड फोर-लेन परियोजना का भूमि-पूजन भी किया जाएगा। यह परियोजना प्रदेश की आधुनिक सड़क एवं परिवहन अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। यह नया कॉरिडोर प्रदेश के दो महत्वपूर्ण शहरों के बीच कनेक्टिविटी को अभूतपूर्व रूप से सुधारेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में प्रदेश सरकार प्रत्येक पात्र परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर तेजी से कार्य कर रही है। सरकार का संकल्प है कि कोई भी परिवार कच्चे या अस्थाई मकान में न रहे। साथ ही, प्रदेश के समग्र विकास को नई गति देने के लिए आधुनिक सड़क एवं परिवहन अधोसंरचना के निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ये प्रयास प्रदेश को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।
ग्रीनफील्ड कॉरिडोर से बदलेगी इंदौर-उज्जैन की कनेक्टिविटी
मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा विकसित की जा रही यह ग्रीनफील्ड परियोजना मालवा अंचल की कनेक्टिविटी को अभूतपूर्व रूप से सुधारेगी। यह कॉरिडोर इस क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा और पर्यटन विकास को एक नई दिशा प्रदान करेगा। लगभग 48.10 किलोमीटर लंबा यह हाई-स्पीड ग्रीनफील्ड कॉरिडोर इंदौर और उज्जैन के बीच यात्रा को अधिक तेज, सुरक्षित और सुगम बनाएगा, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। इस परियोजना को हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (40:60) पर विकसित किया जा रहा है, जो सार्वजनिक-निजी भागीदारी का एक सफल उदाहरण है। इसके पूर्ण होने पर इंदौर, उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। व्यापार, लॉजिस्टिक्स और कृषि विपणन को भी नया आयाम मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं को मिलेगा तेज और सुगम सफर
धार्मिक पर्यटन, विशेषकर महाकाल की नगरी उज्जैन आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए यह ग्रीनफील्ड कॉरिडोर बेहतर और सुगम आवागमन सुविधा प्रदान करेगा। इससे तीर्थयात्रियों की यात्रा अधिक आरामदायक और कम समय में पूरी हो सकेगी। स्थानीय निवासियों एवं किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परियोजना में विशेष प्रावधान किए गए हैं। इसमें 18 अंडर-पास तथा 19 जंक्शन इम्प्रूवमेंट कार्यों का प्रावधान है, जो स्थानीय यातायात को सुचारु बनाए रखेंगे और दुर्घटनाओं की संभावना को कम करेंगे। इसके अतिरिक्त, वेस्टर्न रिंग रोड तथा उज्जैन-बदनावर मार्ग के साथ ग्रेड सेपरेटेड जंक्शन विकसित किए जाएंगे, जिससे बड़े जंक्शनों पर भीड़भाड़ कम होगी और यातायात प्रवाह बेहतर होगा। सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, प्रत्येक टोल प्लाजा पर एम्बुलेंस, क्रेन और पेट्रोलिंग वाहनों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में यात्रियों को त्वरित सहायता उपलब्ध हो सके। यह परियोजना मध्यप्रदेश के विकास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ेगी।
इम्तियाज अली बुर्का और पर्दा प्रथा के खिलाफ:कहा- महिलाएं जब कहती हैं वो इसमें कंफर्टेबल हैं, तो ये पिछड़े समाज की निशानी, जमकर हुई आलोचना
इन दिनों फिल्म मैं वापस आऊंगा से चर्चा में बने हुए डायरेक्टर इम्तियाज अली ने बुर्का और पर्दा प्रथा पर एक स्ट्रॉन्ग स्टेटमेंट दिया है, जिसके बाद से ही सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। उनका कहना है कि महिलाओं का ये कहना कि वो बुर्के में सहज हैं, ये एक पिछड़े समाज की निशानी है। हाल ही में अनफिल्टर विद समदीश को पॉडकास्ट में इम्तियाज अली ने कल्चर और समाज पर बात करते हुए कहा है, ‘मुझे ये बड़ा नापसंद है, जब लोग कहें कि मैं बुर्के में कंफर्टेबल हूं, मैं पर्दे में कंफर्टेबल हूं। अगर आपको ऐसा लगता है तो ये एक पिछड़े हुए समाज की निशानी है। ये ठीक नहीं है जब आप कहते हैं कि मैं कंफर्टेबल हूं।’ आगे उन्होंने कहा, ‘इसका मतलब ये है कि आपके दिमाग में इतना विक्टिमाइजेशन हो गया है। मुझे नहीं पता ये कैसे कहना चाहिए। मैं इस बारे में आसपास के लोगों को टोक नहीं रहा या किसी के घर जाकर ये बोलता नहीं हूं। ये वो है जिस पर मैं यकीन करता हूं। अगर कोई कर रहा है तो ठीक है।’ आखिर में इम्तियाज अली ने कहा, ‘मैं आजकल सोच रहा हूं कि मॉडरेट (संतुलित सोच वाले) लोग कहां हैं। आप किसको वोट दोगे, आप कहां हों, ठीक है, आप कहीं भी हो सकते हैं। आज कल सब एक्स्ट्रीम हैं। अगर किसी की सोच नहीं मिलती तो हम उससे नफरत नहीं कर सकते।’ इम्तियाज अली के बयान पर छिड़ी बहस बुर्के पर दिया गया इम्तियाज अली का ये बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनकी जमकर आलोचना की जा रही है। कुछ सोशल मीडिया यूजर ने सवाल उठाया है कि इम्तियाज अली खुद एक ऐसे समाज से आते हैं, जहां बुर्का प्रथा है। वहीं कुछ उन्हें पाखंडी कह रहे हैं। एक यूजर ने लिखा है, ‘इम्तियाज अली ने बुर्का/पर्दा की प्रथा को कमजोर, पिछड़ी सोच और समस्याग्रस्त बताया। लेकिन यह समदीश उसका बचाव करते हुए कह रहा है कि अगर किसी समुदाय ने इसे सामान्य मान लिया है, तो हम उस पर सवाल कैसे उठा सकते हैं? इम्तियाज खुद उसी समुदाय से आते हैं। वाह रे। कैसे पाखंडी हैं।’ एक यूजर ने लिखा, "मुसलमानों के सबसे बड़े दुश्मन ये लिबरल लोग हैं, क्योंकि ये उनकी गलत बातों या कमियों की आलोचना करने से बचते हैं।" इम्तियाज की फिल्म को कहा गया एंटी-नेशनल इम्तियाज अली के निर्देशन में बनी फिल्म मैं वापस आऊंगा 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। ये फिल्म भारत-पाकिस्तान के बंटवारे की एक अधूरी प्रेम कहानी पर आधारित है, जिसे कई लोग एंटी नेशनल कह रहे हैं। इस पर फिल्म के म्यूजिक कंपोजर एआर रहमान ने भी हंसते हुए रिएक्शन दिया था। दिलजीत दोसांझ, वेदांग रैना, शरवरी वाघ और नसीरुद्दीन शाह स्टारर ये फिल्म रिलीज के पहले हफ्ते 14 करोड़ का कलेक्शन कर चुकी है। फिल्म को पाकिस्तान से मिलीं तारीफें पाकिस्तानी फिल्ममेकर उमर नासिर अली ने इम्तियाज अली की फिल्म मैं वापस आऊंगा की जमकर तारीफ करते हुए इसे एक बेहद खूबसूरत और गहरी भावनात्मक फिल्म बताया है। उमर नासिर के मुताबिक, यह फिल्म उनके दिल के बेहद करीब है क्योंकि वे खुद भी इसी विषय के आसपास एक फिल्म बना रहे हैं। इम्तियाज अली के बारे में-
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