RBI का सख्त कदम, एक प्राइवेट बैंक और 3 फाइनेंस कंपनियों पर लगाया लाखों का जुर्माना, नियम तोड़ने का आरोप
अगस्त में भी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की कार्रवाई जारी है। प्राइवेट सेक्टर के इंडसइंड बैंक पर 59.20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यह कदम बैंकिंग रेगुलेशन 1949 के विभिन्न प्रावधानों के तहत दिशानिर्देशों के अनुपालन में खामियों को देखते हुए सेंट्रल बैंक ने उठाया है। तीन नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों पर भी पेनल्टी लगाई गई है। इस बात की जानकारी आरबीआई ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट http://www.rbi.org.in पर प्रेस विज्ञप्ति के जरिए दी है।
31 मार्च 2025 तक बैंक और तीनों एनबीएफसी की वित्त स्थिति को जानने के लिए आरबीआई ने निरीक्षण किया था। इस दौरान पता चला कि बैंक और एनबीएफसी कुछ दिशा निर्देशों का सही से अनुपालन नहीं कर रहे हैं। जिसके बाद एक नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया। इस पर मिली प्रतिक्रिया और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान दी गई मौखिक प्रस्तुतियों के आधार पर जब आरोप सही साबित हुए, तो जुर्माना लगाने का फैसला लिया गया।
बैंक ने तोड़े ये नियम
इंडसइंड बैंक ने कुछ करंट अकाउंट में रखे डिपॉजिट पर ब्याज दिया। इसके अलावा सिंडिकेट सिक्योरिटाइजेशन जैसी गतिविधियां भी की। “डिपॉजिट पर ब्याज दर” और “सिक्योरिटाइजेशन ऑफ स्टैंडर्ड असेट्स” पर जारी दिशा निर्देशों का उल्लंघन हुआ। हालांकि रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने स्पष्ट किया है कि इस कार्रवाई का असर ग्राहकों और बैंक/कंपनी के बीच हो रहे लेन देन और एग्रीमेंट पर नहीं पड़ेगा। न ही भविष्य में होने वाली अन्य किसी एक्शन पर इसका कोई प्रभाव पड़ेगा।
PR897B40BBE4EF2564AF088AB2D24B8511D52इन 3 कंपनियों पर लगा जुर्माना
- आरबीआई ने फ्यूजन फाइनेंस लिमिटेड पर 2.70 लख रुपये का जुर्माना लगाया है। कंपनी जोखिम के आधार पर खातों के वर्गीकरण की समय-समय पर समीक्षा करने के लिए एक व्यवस्था लागू नहीं कर पाई। यह समीक्षा 6 महीने में कम से कम एक बार होनी चाहिए थी।
- नॉर्दर्न एआरसी कैपिटल लिमिटेड पर 6.20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के लिए सालाना फाइनेंशियल स्टेटमेंट में ग्राहकों की शिकायतों के बारे में सही और पूरी जानकारी नहीं दी। इसके अलावा कुछ शिकायतों को अपने इंटरनल ओम्बड्समैन और ऑटो एस्केलेट करने में सफल रही, जिसमें कंपनी के इंटरनल ग्रीवेंस रिड्रेस मेकैनिज्म ने आंशिक या पूरी तरीके से खारिज कर दिया था।
- मुथूट MCred लिमिटेड पर 3.10 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई गई है। कंपनी के कुछ ऐसे लोन अकाउंट्स को सभी क्रेडिट सुविधाओं से जुड़े ब्याज और मूलधन की पूरी बकाया राशि का भुगतान किए बिना ही स्टैंडर्ड कैटेगरी में अपग्रेड किया, जो “नॉन परफॉर्मिंग असेट्स थे।
जबलपुर में निवेश के नाम पर लगाया करोड़ों का चूना! ‘लॉन्ग एशिया’ के नाम पर 10% महीने के ब्याज का झांसा, जानिए पूरा मामला
जबलपुर के गढ़ा इलाके में निवेश के नाम पर लोगों से बड़ी रकम लेने और बाद में भुगतान रोकने का मामला सामने आया है। शिकायत लेकर 50 से ज्यादा लोग मदनमहल थाने पहुंचे हैं। आरोप है कि शाही नाका निवासी कपड़ा व्यापारी गुरमीत और उसके चाचा कुलजीत भाटिया ने ‘लॉन्ग एशिया’ नाम से एक योजना के जरिए लोगों को निवेश के लिए जोड़ा। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
वहीं शिकायतकर्ताओं के मुताबिक करीब आठ महीने पहले लोगों को इस योजना के बारे में बताया गया। उन्हें कहा गया कि 40 हजार रुपए से आईडी शुरू की जा सकती है और निवेश की रकम पर हर महीने 10% ब्याज के साथ मूलधन वापस मिलेगा। इसके अलावा डॉलर में कमाई होने का भी दावा किया गया। शुरुआत में जब निवेश करने वालों को दो महीने तक समय पर पैसा मिला तो उनका भरोसा बढ़ गया। इसके बाद कई लोगों ने योजना में पहले से ज्यादा रकम लगा दी।
शुरुआत में 40 हजार रुपए लगाए
गढ़ा क्षेत्र के रहने वाले विजय मिश्रा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्होंने शुरुआत में 40 हजार रुपए लगाए थे। बाद में भरोसा बढ़ने पर उन्होंने और रकम जमा की। विजय के मुताबिक अब तक करीब 1 लाख 84 हजार रुपए इस योजना में लगाए जा चुके हैं, लेकिन करीब आठ महीने से उन्हें न तो ब्याज मिला और न ही मूलधन वापस हुआ। रकम मांगने पर उन्हें कुछ समय बाद भुगतान करने की बात कही जाती रही।
चेन सिस्टम से नए लोगों को जोड़ने का आरोप
मामले में शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि लोगों को जोड़ने के लिए चेन सिस्टम का इस्तेमाल किया गया। उनके मुताबिक, एक व्यक्ति के जरिए दूसरे लोगों को योजना में शामिल किया जाता था और निवेश की रकम जमा कराई जाती थी। पीड़ितों के साथ थाने पहुंचे अधिवक्ता आशीष सिंह ने दावा किया कि इस तरीके से बड़ी संख्या में लोगों को जोड़ा गया और जमा रकम अब करोड़ों रुपए तक पहुंच सकती है। हालांकि, इस रकम की सही जानकारी पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।
शिकायतकर्ताओं का यह भी आरोप है कि निवेश से जुड़ी जानकारी दिखाने के लिए एक मोबाइल एप तैयार कराया गया था। इसमें लोगों के जमा किए गए पैसों को डॉलर में बदलकर दिखाए जाने की बात कही गई है। शुरुआती दौर में जब निवेशकों को ब्याज मिला तो उन्हें लगा कि योजना सही तरीके से चल रही है। इसी भरोसे के चलते कई लोगों ने अपने रिश्तेदारों और परिचितों को भी इसमें जोड़ दिया।
लोगों ने पुलिस से शिकायत करने का फैसला किया
दरअसल पीड़ितों का कहना है कि भुगतान रुकने के बाद जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगनी शुरू की तो उन्हें अलग-अलग तारीखें बताकर इंतजार कराया गया। कुछ लोगों को यह भी बताया गया कि 25 प्रतिशत राशि की व्यवस्था हो चुकी है और जल्द ही बाकी पैसा भी लौटा दिया जाएगा। लेकिन लंबे समय बाद भी भुगतान नहीं होने पर लोगों ने पुलिस से शिकायत करने का फैसला किया।
लॉन्ग एशिया मामले में पुलिस जांच शुरू
वहीं शिकायतकर्ताओं के अनुसार, इस योजना में कुछ लोगों ने ऑनलाइन और कुछ ने नकद पैसे दिए थे। उनका दावा है कि ऑनलाइन भुगतान करने वाले कुछ लोगों को रकम लौटाने की बात कही जा रही है, जबकि नकद पैसे देने वाले लोगों को भुगतान के लिए लगातार इंतजार करना पड़ रहा है। इसी वजह से पीड़ितों के बीच यह चिंता बढ़ गई है कि उनकी जमा रकम वापस मिलेगी या नहीं।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Mp Breaking News









