जबलपुर में निवेश के नाम पर लगाया करोड़ों का चूना! ‘लॉन्ग एशिया’ के नाम पर 10% महीने के ब्याज का झांसा, जानिए पूरा मामला
जबलपुर के गढ़ा इलाके में निवेश के नाम पर लोगों से बड़ी रकम लेने और बाद में भुगतान रोकने का मामला सामने आया है। शिकायत लेकर 50 से ज्यादा लोग मदनमहल थाने पहुंचे हैं। आरोप है कि शाही नाका निवासी कपड़ा व्यापारी गुरमीत और उसके चाचा कुलजीत भाटिया ने ‘लॉन्ग एशिया’ नाम से एक योजना के जरिए लोगों को निवेश के लिए जोड़ा। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
वहीं शिकायतकर्ताओं के मुताबिक करीब आठ महीने पहले लोगों को इस योजना के बारे में बताया गया। उन्हें कहा गया कि 40 हजार रुपए से आईडी शुरू की जा सकती है और निवेश की रकम पर हर महीने 10% ब्याज के साथ मूलधन वापस मिलेगा। इसके अलावा डॉलर में कमाई होने का भी दावा किया गया। शुरुआत में जब निवेश करने वालों को दो महीने तक समय पर पैसा मिला तो उनका भरोसा बढ़ गया। इसके बाद कई लोगों ने योजना में पहले से ज्यादा रकम लगा दी।
शुरुआत में 40 हजार रुपए लगाए
गढ़ा क्षेत्र के रहने वाले विजय मिश्रा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्होंने शुरुआत में 40 हजार रुपए लगाए थे। बाद में भरोसा बढ़ने पर उन्होंने और रकम जमा की। विजय के मुताबिक अब तक करीब 1 लाख 84 हजार रुपए इस योजना में लगाए जा चुके हैं, लेकिन करीब आठ महीने से उन्हें न तो ब्याज मिला और न ही मूलधन वापस हुआ। रकम मांगने पर उन्हें कुछ समय बाद भुगतान करने की बात कही जाती रही।
चेन सिस्टम से नए लोगों को जोड़ने का आरोप
मामले में शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि लोगों को जोड़ने के लिए चेन सिस्टम का इस्तेमाल किया गया। उनके मुताबिक, एक व्यक्ति के जरिए दूसरे लोगों को योजना में शामिल किया जाता था और निवेश की रकम जमा कराई जाती थी। पीड़ितों के साथ थाने पहुंचे अधिवक्ता आशीष सिंह ने दावा किया कि इस तरीके से बड़ी संख्या में लोगों को जोड़ा गया और जमा रकम अब करोड़ों रुपए तक पहुंच सकती है। हालांकि, इस रकम की सही जानकारी पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।
शिकायतकर्ताओं का यह भी आरोप है कि निवेश से जुड़ी जानकारी दिखाने के लिए एक मोबाइल एप तैयार कराया गया था। इसमें लोगों के जमा किए गए पैसों को डॉलर में बदलकर दिखाए जाने की बात कही गई है। शुरुआती दौर में जब निवेशकों को ब्याज मिला तो उन्हें लगा कि योजना सही तरीके से चल रही है। इसी भरोसे के चलते कई लोगों ने अपने रिश्तेदारों और परिचितों को भी इसमें जोड़ दिया।
लोगों ने पुलिस से शिकायत करने का फैसला किया
दरअसल पीड़ितों का कहना है कि भुगतान रुकने के बाद जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगनी शुरू की तो उन्हें अलग-अलग तारीखें बताकर इंतजार कराया गया। कुछ लोगों को यह भी बताया गया कि 25 प्रतिशत राशि की व्यवस्था हो चुकी है और जल्द ही बाकी पैसा भी लौटा दिया जाएगा। लेकिन लंबे समय बाद भी भुगतान नहीं होने पर लोगों ने पुलिस से शिकायत करने का फैसला किया।
लॉन्ग एशिया मामले में पुलिस जांच शुरू
वहीं शिकायतकर्ताओं के अनुसार, इस योजना में कुछ लोगों ने ऑनलाइन और कुछ ने नकद पैसे दिए थे। उनका दावा है कि ऑनलाइन भुगतान करने वाले कुछ लोगों को रकम लौटाने की बात कही जा रही है, जबकि नकद पैसे देने वाले लोगों को भुगतान के लिए लगातार इंतजार करना पड़ रहा है। इसी वजह से पीड़ितों के बीच यह चिंता बढ़ गई है कि उनकी जमा रकम वापस मिलेगी या नहीं।
चमोली THDC टनल हादसा: आपदा प्रबंधन मंत्री ने किया घटनास्थल का दौरा, श्रमिक प्रतिनिधिमंडल से की बातचीत
Uttarakhand News: उत्तराखंड के चमोली जिले की टीएचडीसी टनल हादसे के पीड़ितों को धामी सरकार राहत प्रदान कर रही है. इस बीच शनिवार को राज्य के आपदा प्रबंधन और पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने घटना स्थल का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने श्रमिकों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने उनकी समस्याएं और मांगें सुनीं. इस दौरान आपदा प्रबंधन मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में राज्य सरकार टीएचडीसी टनल हादसे से प्रभावित श्रमिकों एवं उनके परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी है.
उत्तराखंड के श्रम मंत्री ने किया घटनास्थल का दौरा
बता दें कि इस हादसे के बाद धामी सरकार लगातार राहत एवं बचाव अभियान के साथ-साथ प्रभावित श्रमिकों एवं उनके परिजनों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए कोशिश कर रही है. शनिवार को जब आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक घटनास्थल पहुंचे तो उन्होंने श्रमिकों के प्रतिनिधिमंडलों से भी मुलाकात की. हाट-सियासैण, मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में कार्यरत हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी ई लिमिटेड, विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना और पीपलकोटी श्रमिकों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान श्रम मंत्री ने उनसे उनकी मांगें सुनी और उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली.
श्रमिक प्रतिनिधियों ने की पीड़ितों को आर्थिक मदद की मांग
इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने टनल हादसे के बाद श्रमिकों एवं उनके परिवारों के सामने पैदा हुई परिस्थितियों से मंत्री कौशिक को अवगत कराया. साथ ही प्रभावित परिवारों के लिए उचित आर्थिक सहायता एवं दीर्घकालिक राहत की मांग की. इस दौरान श्रमिक प्रतिनिधिमंडल ने आर्थिक सहायता के साथ, आजीविका की दीर्घकालिक व्यवस्था, घायल श्रमिकों को आर्थिक सहायता देने के साथ निशुल्क उपचार की भी मांग की. इसके साथ ही उन्होंने इस घटना की निष्पक्ष जांच की भी मांग की.
श्रम मंत्री ने दिलाया मदद का भरोसा
इस दौरान मंत्री मदन कौशिक ने श्रमिक प्रतिनिधिमंडल की सभी बातों को गंभीरता से सुना. इसके साथ ही उनसे कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा एवं उनके हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में हैं. उन्होंने कहा कि हादसे में प्रभावित श्रमिकों एवं उनके परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. इसके साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों से श्रमिकों द्वारा रखी गई मांगों एवं वर्तमान व्यवस्थाओं के बारे में भी जानकारी ली.
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उत्तराखंड के श्रम मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि राहत एवं बचाव अभियान के साथ-साथ प्रभावित श्रमिकों और उनके परिजनों की आवश्यकताओं का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है. इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि घायलों के उपचार, प्रभावित परिवारों से समन्वय तथा उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की कमी न रहे. इस दौरान थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, महामंत्री भाजपा विनोद कनवासी, जिलाधिकार गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, टीएचडीसी के अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी व प्रतिनिधि मण्डल के सदस्य भी मौजूद रहे.
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