Datia में तिरंगा लगाते समय Student की करंट से मौत, स्कूल मालिक पर BNS में केस
मध्यप्रदेश के दतिया जिले में स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों के दौरान एक निजी स्कूल में राष्ट्रीय ध्वज लगाते समय ऊपर से गुजर रहे बिजली के तार की चपेट में आने से 16 वर्षीय छात्र की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। घटना शुक्रवार को लिटिल स्टार पब्लिक स्कूल में हुई।
कोतवाली थाना प्रभारी दिनेश राजपूत ने फोन पर ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि छात्र राज कुशवाह गंभीर रूप से झुलस गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद स्कूल में शनिवार को स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया। राज के परिजनों ने शनिवार को आरोप लगाया कि कक्षाएं खत्म होने के बाद शुक्रवार करीब दोपहर डेढ़ बजे स्कूल के एक अधिकारी ने उसे वापस बुलाया और राष्ट्रीय ध्वज लगाने के लिए छत पर भेज दिया।
इसी दौरान वह उच्च-वोल्टेज वाले बिजली के तार की चपेट में आ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन ने घटना की तत्काल सूचना उन्हें नहीं दी। उन्होंने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर न्यू कलेक्ट्रेट के बाहर राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर चक्काजाम कर दिया।
जाम में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांग कल्याण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह की कार भी फंस गई। मंत्री कार से उतरकर छात्र के परिजनों से मिले और अनुविभागीय पुलिस अधिकारी को कार्रवाई के निर्देश दिए। कुशवाह ने कहा, ‘‘प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए हैं। स्कूल प्रबंधक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और उसकी गिरफ्तारी होगी। परिवार को हरसंभव सहायता दी जाएगी।’’ पुलिस अधिकारी राजपूत ने बताया कि स्कूल के मालिक नंदकिशोर कुशवाह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 के तहत गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है।
उन्होंने बताया कि आरोपी फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
Odisha Flood: 95 हजार से अधिक लोग सुरक्षित निकाले गए, 6 जिलों में स्थिति गंभीर
ओडिशा के छह जिलों में शनिवार को बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी रही। पिछले 24 घंटों में भारी बारिश के कारण राज्य सरकार ने निचले इलाकों से 95 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार बाढ़ से बालासोर, भद्रक, जाजपुर, मयूरभंज, क्योंझर और केंद्रपाड़ा जिलों के 52 प्रखंडों के 503 गांवों में लगभग 2.70 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इन जिलों में बैतरणी, ब्राह्मणी, जालका और बुधबलंगा नदियों तथा उनकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि उत्तरी ओडिशा में बारिश जारी रहने के बीच राज्य प्रशासन ने बचाव और राहत कार्यों को तेज कर दिया है।
आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि कुल 95,206 लोगों को 226 राहत शिविरों में पहुंचाया गया है, जहां पका हुआ भोजन, सुरक्षित पेयजल, स्वच्छता, रोशनी और चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था की गई है। पुजारी ने कहा कि संबंधित जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों (डीईओसी) के साथ समन्वय करके स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि मयूरभंज, बालासोर, भद्रक, जाजपुर और क्योंझर जिलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में बचाव, राहत और आपातकालीन कार्यों के लिए 118 प्रतिक्रिया दल तैनात किए हैं। मंत्री ने कहा कि सभी नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है और संवेदनशील स्थानों पर एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। इस बीच, मौसम विभाग ने शाम के बुलेटिन में कहा कि दक्षिण-पूर्वी झारखंड और आसपास के क्षेत्रों के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र अब कमजोर पड़ गया है।
इसमें कहा गया है कि हालांकि, अगले 48 घंटों के दौरान उत्तर बंगाल की खाड़ी के ऊपर निम्न दबाव का एक और क्षेत्र बनने का अनुमान है।
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