'मेरी पोती का कोई गॉडफादर नहीं था...', संचिता उगले के दादाजी हुए भावुक, आखिर क्यों उठाया एक्ट्रेस ने इतना बड़ा कदम?
By shristi jha
Sanchita Ugale Grandfather Statement: टीवी इंडस्टी अभी भी एक्ट्रेस संचिता उगले के सुसाइड के सदमे से उभर नहीं पाई है. महज 22 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाली संचिता अपने पीछे कई अनसुलझे सवाल छोड़ गई हैं. इस बीच उनकी मौत के बाद पहली बार परिवार की ओर से भावुक रिएक्शन सामने आया है. संचिता के दादाजी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनकी पोती ने अपनी मेहनत के दम पर पहचान बनाई थी और उसका इंडस्ट्री में कोई गॉडफादर नहीं था. आइए जानते है आखिर क्या कहा दादाजी और उनके परिवार जनो ने उनके बारे में.
'मेरी पोती ने अपने दम पर नाम कमाया'
संचिता के दादाजी गोपीनाथ उगले अपनी पोती को याद करते हुए भावुक हो गए. उन्होंने कहा कि संचिता बेहद टैलेंटेड थी और उसने जो भी हासिल किया, अपनी मेहनत और लगन से हासिल किया. परिवार का कहना है कि वह हमेशा अपने काम को लेकर डेडिकेटेड रहती थी और उसने बहुत कम उम्र में बड़ी पहचान बना ली थी. उनके दादाजी ने कहा कि परिवार आज भी समझ नहीं पा रहा कि आखिर उसके मन में क्या चल रहा था. उनके मुताबिक संचिता का किसी से कोई झगड़ा नहीं था, न ही किसी ने कभी उसके बारे में बुरा कहा. यही वजह है कि यह घटना परिवार के लिए और भी ज्यादा दर्दनाक और हैरान करने वाली है.
'संचिता नहीं, लोग उसे पूजा के नाम से जानते थे'
संचिता को टीवी शो 'साजन घर' में निभाए गए पूजा के किरदार से खास पहचान मिली थी. एक्ट्रेस के दादाजी ने बताया कि उनके जिले और आसपास के इलाकों में लोग उन्हें संचिता के नाम से कम और 'पूजा' के नाम से ज्यादा जानते थे. जब भी वह कहीं जाते थे, लोग उनसे कहते थे कि यह वही पूजा है जिसे वे रोज टीवी पर देखते हैं. किसी कलाकार के लिए इससे बड़ी सफलता शायद ही कोई हो कि उसका किरदार उसके असली नाम से ज्यादा पॉपुलैरिटी हो जाए. संचिता ने इतनी कम उम्र में यह मुकाम हासिल कर लिया था.
आखिर क्यों उठाया आत्महत्या जैसा कदम?
यह वही सवाल है जिसका जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है. पुलिस जांच जारी है और अब तक कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है. परिवार ने भी किसी पर सीधे तौर पर कोई आरोप नहीं लगाया है. ऑफिसियल रिकार्ड्स के मुताबिक मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है.
हालांकि उनके कुछ करीबी लोगों ने दावा किया है कि वह पर्सनल लेवल पर मेंटल हेल्थ से जूझ रही थीं, लेकिन इन दावों की ऑफिसियल जानकारी नहीं मिली है. मामले को लेकर अलग-अलग तरह की बातें सामने आ रही हैं, इसलिए जांच पूरी होने तक किसी एक वजह पर पहुंचना जल्दबाजी होगी.
क्या काम की कमी थी?
सोशल मीडिया पर कुछ लोग यह सवाल उठा रहे थे कि कहीं काम की कमी या करियर का दबाव तो इस घटना की वजह नहीं बना. लेकिन संचिता के दादाजी ने इन अनुमान को खारिज कर दिया. उनका कहना है कि संचिता के पास काम था और वह लगातार प्रोजेक्ट्स में बिजी थी. संचिता ने कुमकुम भाग्य, वागले की दुनिया, दिलवाली दुल्हा ले जाएगी और साजन घर जैसे पॉपुलर शोज में काम किया था. इसके अलावा वह फिल्मों में भी नजर आ चुकी थीं.
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बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं मिलेगी कफ सिरप, दिल्ली के केमिस्टों ने सरकार के फैसले का किया स्वागत
नई दिल्ली, 16 जून (आईएएनएस)। स्वास्थ्य मंत्रालय ने अधिसूचना जारी की है कि कफ सिरप समेत सभी सिरप के लिए अब डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन जरूरी होगा। वहीं, सरकार के इस फैसले का ईस्ट दिल्ली के केमिस्ट ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे युवाओं द्वारा दवाओं के गलत इस्तेमाल पर काफी हद तक रोक लग सकेगी। हालांकि कम आय वाले मरीजों के लिए कंसल्टेशन के खर्च को लेकर चिंता बनी हुई है।
दिल्ली के लक्ष्मी नगर स्थित केमिस्ट कारोबारियों ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान सरकार के फैसले का स्वागत किया।
केमिस्ट अमृतनाथ शुक्ला ने बताया कि सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए। लेकिन मेरा सरकार से अनुरोध है कि सभी वर्ग के लोगों के बारे में सोचना होगा। अगर कोई गरीब आता है और कहता है कि खांसी की दवा दो, तो ऐसे में क्या करना चाहिए। उस गरीब के पास डॉक्टर के पास जा कर 500 रुपए फीस देने के पैसे नहीं हैं। वह 500 रुपए की व्यवस्था कर लेगा तो फीस के बाद दवाओं के लिए अलग से 500 कहां से लेकर आएगा। इस पर सरकार को विचार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हमारे पास करीब 80 प्रतिशत ऐसे लोग आते हैं जिनके पास डॉक्टर की पर्ची नहीं होती है। अगर गरीबों को 100 रुपए की दवा से आराम हो जाता है तो वह डॉक्टर को 500 रुपए क्यों देंगे। हमारी तरफ से बैन दवाएं नहीं दी जाती हैं, लेकिन कुछ हल्की दवाओं को देना का अधिकार देना चाहिए।
केमिस्ट विष्णु गुहा ने कहा कि सरकार की तरफ से नोटिफिकेशन अब आया है, लेकिन हम जब कोई भी कफ सिरप देते हैं तो उसके लिए प्रिस्क्रिप्शन जरूरी है। किस मरीज को कैसी और कौन सी सिरप चाहिए,कई बार दवाएं रिएक्शन कर जाती हैं। अगर कोई गरीब है और डॉक्टर की फीस देने में सक्षम नहीं है तो उसे डिस्पेंशरी में दिखाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई बार लोग कफ सिरप का दुरुपयोग करते हैं। लोग नशे के रूप में कई सिरप पी लेते है। प्रिस्क्रिप्शन हमारे और मरीजों दोनों के लिए अच्छा रहेगा। हम सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हैं।
--आईएएनएस
एएसएच/पीएम
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