गुजरात में टीडी और डीपीटी टीकाकरण अभियान शुरू, करीब 19 लाख स्कूली बच्चों को लगेगा टीका
गांधीनगर, 16 जून (आईएएनएस)। गुजरात में टीडी (टिटनस और एडल्ट डिप्थीरिया) और डीपीटी टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत करीब 19 लाख स्कूली बच्चों को टीके लगाए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र बच्चा टिटनेस, डिप्थीरिया और अन्य गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण से वंचित न रहे।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने गांधीनगर के पीएम श्री बोरिज सरकारी प्राइमरी स्कूल में औपचारिक रूप से टीडी और डीपीटी ट्रिपल वैक्सीनेशन कैंपेन-2026 की शुरुआत की। इस अभियान के तहत कक्षा 5 और कक्षा 10 के छात्रों के साथ-साथ उन बच्चों को भी टीके लगाए गए।
इस अभियान के तहत राज्य सरकार लगभग 18.75 लाख बच्चों को कवर करने के लिए 48,295 स्कूलों में टीडी टीकाकरण के 48,529 सत्र आयोजित करेगी।
इस अभियान को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत काम करने वाली 992 टीमें सपोर्ट करेंगी। राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के तहत पांच साल की उम्र के बच्चों को डीपीटी बूस्टर वैक्सीन की दूसरी डोज दी जाती है।
इसे आसान बनाने के लिए अधिकारी 38,794 बालवाटिकाओं में 35,819 टीकाकरण सत्र आयोजित करेंगे, जिनमें लगभग 5.89 लाख बच्चे शामिल होंगे।
सभा को संबोधित करते हुए पंशेरिया ने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही भारत के दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों की नींव हैं। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक सर्वश्रेष्ठ भारत, विकसित भारत, सांस्कृतिक भारत और आदर्श भारत का जो सपना देखा है, वह स्वस्थ नागरिकों की नींव पर ही टिका है।
उन्होंने कहा कि गुजरात सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि हर बच्चे को टीका लगे। हमारा स्वास्थ्य तंत्र चौबीसों घंटे काम कर रहा है और हर घर व स्कूल तक पहुंच रहा है, ताकि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे।
टीकाकरण के महत्व पर जोर देते हुए पंशेरिया ने याद दिलाया कि पहले के दशकों में वैक्सीन मिलने में देरी के कारण कई बच्चे पोलियो जैसी बीमारियों की चपेट में आ गए थे, जिससे अक्सर उन्हें जीवनभर के लिए दिव्यांगता का सामना करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि ग्लोबल मेडिकल रिसर्च और हेल्थकेयर तक पहुंच में हुई प्रगति ने भारत में टीकाकरण के प्रयासों को बदल दिया है।
पोलियो के खिलाफ़ देश की सफलता का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा, 2007 में पोलियो का आखिरी मामला सामने आने के बाद स्कूलों, शिक्षकों, मीडिया और एनजीओ की मिली-जुली कोशिशों से हमें इस बीमारी को खत्म करने में मदद मिली।
मंत्री ने यह भी कहा कि 14 से 15 साल की लड़कियों के लिए सर्वाइकल कैंसर वैक्सीनेशन प्रोग्राम में गुजरात हाल ही में देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। गुजरात में 5.50 लाख से ज़्यादा लड़कियों को सर्वाइकल कैंसर का टीका लगाया गया है, जिससे उन्हें भविष्य में कैंसर के जोखिमों से बचाने में मदद मिली।
पंशेरिया ने बच्चों से फूड जंक से बचने, पौष्टिक आहार अपनाने और साफ-सफाई का ध्यान रखने (जिसमें खाना खाने से पहले साबुन से हाथ धोना भी शामिल है) का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग तब तक अपनी कोशिशें जारी रखेगा, जब तक राज्य में हर पात्र बच्चा इस अभियान के दायरे में नहीं आ जाता। साथ ही उन्होंने टीकाकरण अभियान में सहयोग के लिए शिक्षण संस्थानों, शिक्षकों, मीडिया संगठनों और स्वयंसेवी समूहों का धन्यवाद किया।
हेल्थ कमिश्नर रतन कंवर गढ़वी चरण ने कार्यक्रम में शामिल लोगों का स्वागत किया और बच्चों व माता-पिता को टीकाकरण का महत्व समझाया। साथ ही, उन्होंने परिवारों से आग्रह किया कि वे यह सुनिश्चित करें कि उनके बच्चों को ज़रूरी डोज मिलें।
वहां मौजूद लोगों में गांधीनगर की मेयर मीरा पटेल, विधायक रीता पटेल, म्युनिसिपल कमिश्नर जे.एस. प्रजापति और स्वास्थ्य व शिक्षा विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
--आईएएनएस
एसएचके/वीसी
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लखनऊ में घर खरीदने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी, LDA लॉन्च करेगा दो नई आवासीय योजनाएं, 3100 से ज्यादा प्लॉट्स के लिए शुरू होगा पंजीकरण
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार विकास को लेकर कई कदम उठा रही है. शहरी विकास के लिए कई योजनाओं को लॉन्च किया जा रहा है. इसी कड़ी में राजधानी लखनऊ को लेकर भी योगी सरकार की ओर से अहम योजना लॉन्च की गई है. खास तौर पर उन लोगों के लिए जो लखनऊ में अपने घर का सपना देख रहे हैं. ऐसे लोगों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है.
लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) जल्द ही दो नई मेगा आवासीय योजनाओं वरुण विहार और नैमिष नगर को लॉन्च करने जा रहा है. इन दोनों योजनाओं के तहत 3100 से अधिक आवासीय प्लॉट्स उपलब्ध कराए जाएंगे, जिनके लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
इन योजनाओं को लखनऊ के विस्तार और बढ़ती आवासीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है. एलडीए का मानना है कि आने वाले वर्षों में राजधानी में गुणवत्तापूर्ण और योजनाबद्ध आवास की मांग तेजी से बढ़ेगी, जिसे पूरा करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है.
वरुण विहार और नैमिष नगर योजना क्या हैं?
एलडीए की नई योजनाओं में वरुण विहार को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के पास विकसित किया जा रहा है, जबकि नैमिष नगर परियोजना बख्शी का तालाब क्षेत्र में विकसित होगी. दोनों परियोजनाओं का उद्देश्य आधुनिक सुविधाओं से युक्त नियोजित टाउनशिप तैयार करना है.
इन योजनाओं में चौड़ी सड़कें, हरित क्षेत्र, पार्क, शैक्षणिक संस्थान, स्वास्थ्य सुविधाएं और व्यावसायिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे, ताकि लोगों को एक समग्र और बेहतर जीवनशैली मिल सके.
3100 से ज्यादा प्लॉट्स के लिए खुलेगा पंजीकरण
लखनऊ डेवलपमेंट अथॉरिटी के अनुसार, दोनों योजनाओं में मिलाकर 3100 से अधिक आवासीय प्लॉट्स जनता के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे. योजना के प्रारंभिक चरण में बड़ी संख्या में प्लॉट्स की ऑनलाइन बुकिंग शुरू होगी. इसके बाद आवंटन पारदर्शी लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा.
इलाकों की बात करें तो वरुण विहार योजना के पहले चरण में लगभग 2100 प्लॉट्स उपलब्ध कराए जाने की तैयारी है. वहीं नैमिष नगर योजना में भी बड़ी संख्या में आवासीय भूखंड विकसित किए जा रहे हैं. जिसका लाभ इलाके के या फिर इच्छुक लोग ले सकते हैं.
ऑनलाइन आवेदन से बढ़ेगी पारदर्शिता
एलडीए ने स्पष्ट किया है कि आवेदन और पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी. इससे आवेदकों को घर बैठे आवेदन करने की सुविधा मिलेगी और प्रक्रिया में पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी.
ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से आवेदन, शुल्क जमा करने और बाद में लॉटरी परिणाम देखने जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा.
भविष्य के लखनऊ की तस्वीर बदल सकती हैं ये योजनाएं
विशेषज्ञों का मानना है कि वरुण विहार और नैमिष नगर जैसी बड़ी परियोजनाएं लखनऊ के शहरी विस्तार को नई दिशा देंगी. इन योजनाओं के पूर्ण विकसित होने के बाद लाखों लोगों को आवासीय सुविधाएं मिल सकेंगी और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा.
एलडीए पहले से ही नई टाउनशिप, सड़क नेटवर्क और आधारभूत ढांचे के विकास पर जोर दे रहा है. ऐसे में ये दोनों परियोजनाएं राजधानी के रियल एस्टेट सेक्टर के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती हैं.
घर के सपने को मिलेगा नया अवसर
तेजी से बढ़ती प्रॉपर्टी कीमतों के बीच एलडीए की ये योजनाएं मध्यम वर्ग और निवेशकों दोनों के लिए आकर्षक विकल्प बन सकती हैं. पारदर्शी आवंटन प्रक्रिया, आधुनिक सुविधाएं और योजनाबद्ध विकास के कारण इन परियोजनाओं को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है. आने वाले दिनों में पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होते ही बड़ी संख्या में आवेदन मिलने की संभावना जताई जा रही है.
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