खाटूश्याम के दर्शन को निकला परिवार, रतलाम में सफर बन गया आखिरी, 8 लेन एक्सप्रेस-वे पर 4 की मौत
रतलाम जिले में दिल्ली-मुंबई 8 लेन एक्सप्रेस-वे पर देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को हिला दिया। शिवगढ़ के पास तेज रफ्तार अर्टिगा कार सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार ट्रक से टकराने के बाद काफी दूर तक घिसटती हुई पलट गई। हादसे के बाद कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें बैठे लोग अंदर फंस गए।
बताया जा रहा है कि कार में एक ही परिवार के 9 लोग सवार थे। ये लोग राजस्थान के खाटूश्याम मंदिर में दर्शन करने के लिए जा रहे थे। हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई, जिनमें तीन महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। पांच लोग घायल हुए हैं, जिनमें दो बच्चे भी बताए जा रहे हैं। हादसे की सूचना मिलते ही एनएचएआई की एंबुलेंस और शिवगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया।
रतलाम 8 लेन एक्सप्रेस-वे पर कैसे हुआ दर्दनाक हादसा?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसा शिवगढ़ के पास दिल्ली-मुंबई 8 लेन एक्सप्रेस-वे पर हुआ। बताया जा रहा है कि एक ट्रक में तकनीकी खराबी आ गई थी। इसके बाद ट्रक को सड़क किनारे खड़ा किया गया था।
इसी दौरान रात में एक अर्टिगा कार वहां से गुजर रही थी। कार में 9 लोग सवार थे और सभी एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं। परिवार खाटूश्याम के दर्शन के लिए राजस्थान की ओर जा रहा था।
हादसे में चार लोगों की मौत
इस रतलाम 8 लेन एक्सप्रेस-वे हादसे में कार में सवार चार लोगों की जान चली गई। मृतकों में तीन महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। हादसे की तस्वीरें और मौके की स्थिति से दुर्घटना की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। कुछ लोग वाहन के अंदर फंस गए थे, जिन्हें बाहर निकालने के लिए राहत दल को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
हादसे में पांच अन्य लोग घायल हुए हैं। इनमें दो बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। घायलों को तत्काल इलाज के लिए रतलाम मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। एक ही परिवार के लोगों के साथ हुए इस हादसे ने यात्रा की खुशी को अचानक मातम में बदल दिया। परिवार धार्मिक यात्रा पर निकला था, लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने चार जिंदगियां छीन लीं।
इंदौर, धार और झाबुआ के रहने वाले हैं लोग
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कार में सवार लोग मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों से थे। बताया जा रहा है कि परिवार के सदस्य इंदौर, धार और झाबुआ जिले के रहने वाले थे। सभी लोग एक साथ राजस्थान के खाटूश्याम मंदिर में दर्शन के लिए निकले थे। धार्मिक यात्रा के दौरान परिवार के लोग रात में सफर कर रहे थे। हादसे के बाद पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। परिजनों को घटना की जानकारी दी गई और मृतकों की पहचान की प्रक्रिया भी शुरू की गई।
लाल किले से PM मोदी का ऐलान, आधुनिक चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार होगा विशाल 'सिविल डिफेंस' नेटवर्क
Civil defence: भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर एक बड़ा विजन पेश किया. उन्होंने देश के भीतर और सीमाओं के पार की चुनौतियों से मजबूती से निपटने के लिए नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों का एक मजबूत नेटवर्क बनाने का आह्वान किया है.
आधुनिक संकटों के लिए स्वयंसेवकों की फौज
प्रधानमंत्री ने देश में एक ऐसे वॉलंटरी फोर्स (स्वयंसेवक बल) की आवश्यकता पर जोर दिया, जो आज के समय की आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों का डटकर सामना कर सके. अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, "मैं आज लाल किले से यह घोषणा करता हूं कि आने वाले समय में हम एक जीवंत सिविल डिफेंस नेटवर्क की स्थापना करेंगे. हम अपने नागरिकों को आधुनिक तकनीकों और प्रणालियों से जोड़ेंगे. आज के युग के संकटों से नागरिकों को बचाने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं, इस पर काम होगा. हम एक ऐसी विशाल और आधुनिक नागरिक सुरक्षा फोर्स तैयार करने जा रहे हैं, जो समकालीन चुनौतियों को मात देने में पूरी तरह सक्षम होगी."
क्या है सिविल डिफेंस (नागरिक सुरक्षा)?
भारत के 'नागरिक सुरक्षा अधिनियम' के तहत बनाए गए 1968 के नियमों के मुताबिक, सिविल डिफेंस का मुख्य काम किसी भी आपात स्थिति या बाहरी हमले के दौरान आम नागरिकों, संपत्तियों और जरूरी बुनियादी ढांचों की हिफाजत करना है. इसके तहत केंद्र और राज्य सरकारों को किसी भी संकट से पहले, उस दौरान और उसके बाद एहतियाती, सुरक्षात्मक और नियंत्रण के कदम उठाने का अधिकार मिलता है. इसका उद्देश्य जान-माल के नुकसान को कम करना और राहत कार्यों में मदद करना है. प्रधानमंत्री की इस नई पहल से राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ आम नागरिकों की तैयारियों को भी एक नई दिशा मिलेगी.
भारत को सिर्फ 'बाजार' नहीं, 'ग्लोबल सप्लायर' बनना है
अपने भाषण में रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत को अब दुनिया की बड़ी रक्षा कंपनियों के लिए केवल एक उपभोक्ता बाजार बनकर नहीं रहना है. उन्होंने स्पष्ट किया, "रक्षा क्षेत्र में हमारा आत्मनिर्भर होना बेहद जरूरी है. जब दुनिया केवल अपने हितों के बारे में सोच रही है, तब हम केवल एक बाजार तक सीमित नहीं रह सकते. हमें रक्षा उपकरणों का वैश्विक आपूर्तिकर्ता बनना ही होगा और हाइपरसोनिक रक्षा तकनीकों में दुनिया का नेतृत्व करना होगा."
रक्षा उत्पादन और निर्यात में ऐतिहासिक वृद्धि
सरकारी आंकड़े प्रधानमंत्री के विजन की गवाही देते हैं, जहां साल 2014 में देश का रक्षा उत्पादन सिर्फ 46,000 करोड़ रुपये था, वहीं वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में यह बढ़कर 1.78 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है. वहीं, रक्षा निर्यात इसी तरह, FY26 में देश का रक्षा निर्यात भी बढ़कर 38,424 करोड़ रुपये हो गया है. सैन्य आधुनिकीकरण देश की सेनाओं को आधुनिक बनाने के लिए तेजी से काम हो रहा है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अनुसार, बीते एक साल में ही सशस्त्र बलों के लिए 8.75 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की सैन्य परियोजनाओं को सरकार की ओर से हरी झंडी दी जा चुकी है.
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