Benjamin Netanyahu: 'हमारी जंग अभी खत्म नहीं हुई...' अमेरिका-ईरान कूटनीतिक डील के बीच पीछे हटने को तैयार नहीं इजरायल
अमेरिका और ईरान के बीच पिछले कुछ महीनों से चल रहे भारी तनाव को कम करने के लिए एक बड़े शांति समझौते की रूपरेखा तैयार हो चुकी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस डील की घोषणा किए जाने के बाद आगामी शुक्रवार को जेनेवा में इस ऐतिहासिक समझौते पर आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर होने तय हुए हैं। लेकिन दूसरी तरफ, अमेरिका के इस कूटनीतिक कदम पर उसके सबसे भरोसेमंद सहयोगी इजरायल ने बेहद तीखा और कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को साफ शब्दों में कह दिया कि ईरान को लेकर उनकी और अमेरिकी राष्ट्रपति की सोच में बड़ा अंतर है, जिसके चलते मिडिल ईस्ट में एक नया राजनीतिक और सैन्य विमर्श शुरू हो गया है।
עם הסכם, בלי הסכם - כל עוד אני ראש ממשלת ישראל, לאיראן לא יהיה נשק גרעיני >> pic.twitter.com/P0k9WU20AK
— Benjamin Netanyahu - בנימין נתניהו (@netanyahu) June 15, 2026
ट्रंप से अलग नेतन्याहू का स्टैंड
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का गुस्सा इस बात पर फूटा है कि अमेरिका बिना इजरायल को पूरी तरह विश्वास में लिए ईरान को इतनी बड़ी अंतरराष्ट्रीय राहत देने जा रहा है। नेतन्याहू ने वाशिंगटन और तेहरान के बीच बनी इस आपसी सहमति पर खुलकर अपनी असहमति जाहिर की है। उन्होंने मीडिया और अंतरराष्ट्रीय राजनयिकों के सामने स्पष्ट किया कि डोनाल्ड ट्रंप भले ही इस डील को क्षेत्र के हित में देख रहे हों, लेकिन इजरायल इसे पूरी तरह सुरक्षित नहीं मानता।
नेतन्याहू का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर दावा किया था कि इस संयुक्त सैन्य और कूटनीतिक अभियान ने क्षेत्र से परमाणु विनाश के बड़े खतरे को फिलहाल पूरी तरह समाप्त कर दिया है।
समझौता हो या न हो, ईरान के खिलाफ जारी रहेगा सैन्य अभियान
बेंजामिन नेतन्याहू ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि इस अंतरराष्ट्रीय समझौते के वजूद में आने के बावजूद इजरायल के सैन्य कदमों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा, "हमारी जंग अभी खत्म नहीं हुई है। इजरायल की सेना ने उन सभी महत्वपूर्ण और रणनीतिक क्षेत्रों पर अपना मजबूत नियंत्रण स्थापित कर लिया है, जिनका उपयोग पहले हिजबुल्लाह द्वारा इजरायल को सीधे तौर पर खतरा पहुंचाने के लिए किया जा रहा था।
हम किसी भी कीमत पर इन सुरक्षा क्षेत्रों में बने रहेंगे।" नेतन्याहू ने दोहराया कि चाहे अमेरिका और ईरान के बीच जेनेवा में कोई भी नया समझौता क्यों न हो जाए, इजरायल ईरान के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई पूरी स्वतंत्रता के साथ जारी रखेगा।
परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना इजरायल की मुख्य प्राथमिकता
इजरायली नेतृत्व ने वैश्विक समुदाय को साफ संदेश दिया है कि उनके देश की सुरक्षा प्राथमिकताओं से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। नेतन्याहू ने अपने संबोधन में कहा कि उन्होंने अपनी रणनीतियों और लक्ष्यों को बेहद स्पष्ट रूप से निर्धारित किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य इजरायल पर मंडरा रहे परमाणु खतरे को जड़ से समाप्त करना है। इजरायल का सबसे प्रमुख और एकमात्र उद्देश्य ईरान को किसी भी हालत में परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना है।
उन्होंने लेबनान के मोर्चे पर भी रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि जब तक आवश्यक होगा, इजरायली सेना बफर जोन में बनी रहेगी और हमलों को रोकने के लिए अपनी कार्रवाई की स्वतंत्रता को बरकरार रखेगी, क्योंकि इस डील के बावजूद जमीनी स्तर पर कई गंभीर चुनौतियां अभी भी बाकी हैं।
साइकिल का सहारा लेकर गोलियों से बचे मिथुन चक्रवर्ती, मीम मटेरियल बना सीन, पिक्चर ने कितने कमाए थे?
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Haribhoomi




















