Kedarnath-Badrinath Visit: मुकेश अंबानी ने किए बाबा केदार और बद्री विशाल के दर्शन, विधि-विधान से की पूजा-अर्चना
केदारनाथ/बद्रीनाथ (उत्तराखंड)। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी सोमवार को उत्तराखंड के प्रसिद्ध तीर्थस्थलों केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम पहुंचे। उन्होंने दोनों मंदिरों में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देशवासियों की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की।
मुकेश अंबानी पारंपरिक भारतीय वेशभूषा में मंदिर पहुंचे और दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं का हाथ जोड़कर अभिवादन किया। मंदिर परिसर से सामने आई तस्वीरों में वे धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा-पाठ में भाग लेते दिखाई दिए।
वैष्णव परंपरा का प्रमुख तीर्थ है बद्रीनाथ धाम
हिमालय की गोद में स्थित बद्रीनाथ धाम भगवान विष्णु को समर्पित देश के सबसे पवित्र तीर्थस्थलों में से एक माना जाता है। यह 108 दिव्य देशों (पवित्र वैष्णव तीर्थों) में शामिल है। बद्रीनाथ 'पंच बद्री' तीर्थ समूह का प्रमुख मंदिर है, जिसमें योग ध्यान बद्री, भविष्य बद्री, आदि बद्री और वृद्ध बद्री भी शामिल हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आदि शंकराचार्य ने बद्रीनाथ धाम का पुनरुद्धार कर इसे हिंदू आस्था के प्रमुख केंद्रों में स्थापित किया था। तभी से यह देशभर के श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र बना हुआ है।
हाल ही में तिरुमाला और आर्ट ऑफ लिविंग केंद्र भी पहुंचे थे अंबानी
इससे पहले मुकेश अंबानी ने अपने पुत्र अनंत अंबानी और बहू राधिका मर्चेंट के साथ आंध्र प्रदेश के तिरुमाला स्थित भगवान श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना की थी। इस दौरान तीनों पारंपरिक परिधान में नजर आए थे।
पिछले महीने अंबानी परिवार ने बेंगलुरु स्थित आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन इंटरनेशनल सेंटर का भी दौरा किया था। वहां उन्होंने आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर का आशीर्वाद लिया और फाउंडेशन की 45वीं वर्षगांठ के कार्यक्रम में भाग लिया।
चारधाम यात्रा में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या
उधर, उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। 13 जून तक के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 12.23 लाख से अधिक श्रद्धालु केदारनाथ धाम के दर्शन कर चुके हैं। वहीं 10.92 लाख से ज्यादा भक्त बद्रीनाथ धाम पहुंच चुके हैं।
इसके अलावा गंगोत्री धाम में 5.95 लाख से अधिक और यमुनोत्री धाम में 5.56 लाख से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इस तरह चारों धामों में अब तक 34 लाख से अधिक तीर्थयात्री पहुंच चुके हैं, जो इस वर्ष की यात्रा को बेहद सफल और ऐतिहासिक बना रहा है।
Jaipur Protest Video: CJP संस्थापक अभिजीत दिपके पर हमला, समर्थकों के कंधों से नीचे खींचकर मारे थप्पड़
जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में युवाओं के अधिकार, NEET परीक्षा विवाद और बढ़ती बेरोजगारी के मुद्दों को लेकर आयोजित प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक और युवा अधिकार कार्यकर्ता अभिजीत दिपके के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की और हमला किए जाने की घटना सामने आई है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कुछ लोग उन्हें समर्थकों के कंधों से नीचे खींचते दिखाई दे रहे हैं।
समर्थकों के कंधों पर मंच की ओर बढ़ रहे थे अभिजीत
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के अनुसार, अभिजीत दिपके को उनके समर्थक कंधों पर बैठाकर मंच की ओर ले जा रहे थे। इसी दौरान भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने अचानक उन्हें पकड़ने की कोशिश की।
वीडियो में दिखाई देता है कि पहले उनके गले में पड़ा स्कार्फ खींचा गया और फिर उनके साथ धक्का-मुक्की हुई। कुछ फुटेज में थप्पड़ मारने जैसी हरकतें भी दिखाई दे रही हैं। स्थिति बिगड़ती देख उनके समर्थकों ने तुरंत उन्हें अपने सुरक्षा घेरे में लिया और भीड़ से सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
सोशल मीडिया पर दी प्रतिक्रिया
घटना के बाद अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शारीरिक हमले डर और कायरता की निशानी हैं। उन्होंने लिखा कि ऐसे प्रयास उन्हें अपने अभियान से नहीं रोक सकते और वे युवाओं के मुद्दों को उठाना जारी रखेंगे।
उन्होंने एक अन्य पोस्ट में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी दोहराई और कहा कि परीक्षा से जुड़े विवादों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
— Abhishek Yadav (@iabhiy) June 15, 2026
Don’t get distracted.
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) June 15, 2026
Dharmendra Pradhan Must Resign! pic.twitter.com/4McbyvVqT3
Physical attacks are a sign of fear and cowardice.
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) June 15, 2026
We will continue to raise our voices peacefully. I am a follower of Gandhi and Ambedkar, and I will keep fighting this battle with peace and love.
PS: Dharmendra Pradhan must resign!
गांधी और अंबेडकर के विचारों का किया उल्लेख
अपने संदेश में अभिजीत दिपके ने कहा कि वे महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव अंबेडकर के सिद्धांतों में विश्वास रखते हैं तथा लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। उन्होंने किसी भी प्रकार की हिंसा का विरोध करते हुए आंदोलन को शांतिपूर्ण बनाए रखने की बात कही।
हमलावरों की पहचान में जुटी एजेंसियां
घटना के बाद स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों द्वारा कार्यक्रम के दौरान रिकॉर्ड किए गए वीडियो फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की मदद से संबंधित लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
फिलहाल हमले के पीछे की वजह और हमलावरों की पहचान को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। यह घटना सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बनी हुई है और राजनीतिक हलकों में भी इसे लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
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