सीएम आज जारी करेंगे लाड़ली बहना योजना की 37वीं किस्त, खाते में आएंगे 1500-1500 रुपए
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की अगली किस्त को लेकर ताजा अपडेट है। आज, 14 जून 2026 को सागर जिले के केसली विकासखंड में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम से मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव 37वीं किस्त जारी करेंगे। इसमें 1 करोड़ 25 लाख बहनों के खातों में 1835 करोड़ रूपये अंतरित किये जायेंगे। जून 2023 से मई 2026 तक महिलाओं के खातों में कुल 55 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से जमा की जा चुकी है।
मध्य प्रदेश की महिलाओं के लिए चलाई जा रही एक महत्वपूर्ण योजना है। यह योजना मई 2023 में शुरू की गई थी। 10 जून 2023 को योजना की पहली किस्त जारी की गई थी। योजना के प्रारंभ में प्रत्येक पात्र महिला को 1,000 रुपये प्रतिमाह प्रदान किए जाते थे। अक्टूबर 2023 में इसे बढ़ाकर 1,250 रुपये प्रतिमाह किया गया। इसके बाद नवंबर 2025 से राशि में पुनः वृद्धि कर इसे 1,500 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया।
वर्तमान में सामान्य हितग्राही महिलाओं को 1500 रुपए प्रतिमाह (18000 रु सालाना) दिए जाते हैं। सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही महिलाओं को 900 रुपये प्रतिमाह मिलते हैं। लाड़ली बहना योजना पर राज्य सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 में 14,726.05 करोड़ रुपये, वर्ष 2024-25 में 19,051.39 करोड़ रुपये तथा वर्ष 2025-26 में 20,318.53 करोड़ रुपये की राशि व्यय की गई। वर्ष 2026-27 में अप्रैल 2026 तक 1830.54 करोड़ रुपये की राशि की गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लाडली बहना योजना में 23,882.81 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।
लाभार्थी सूची में कैसे चेक करें अपना नाम
- लाड़ली बहना की आधिकारिक वेबसाइट https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाएं।
- वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर “आवेदन एवं भुगतान की स्थिति” वाले विकल्प पर
क्लिक करें। - दूसरे पृष्ठ पर पहुंचने के बाद, अपना आवेदन नंबर या सदस्य समग्र क्रमांक दर्ज करें।
- कैप्चा कोड सबमिट करने के बाद, मोबाइल पर एक ओटीपी भेजा जाएगा।
- मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करें और वेरिफाई करें।
- ओटीपी वेरिफाई करने के बाद “सर्च” विकल्प पर क्लिक करें और आपका भुगतान स्थिति खुल जाएगी।
सागर: केसली में 190.85 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की देगें सौगात
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को देवरी विधानसभा को लगभग 190.85 करोड़ रुपये की लागत के 53 विकास कार्यों की सौगात भी देंगे। इनमें 122.02 करोड़ रूपये की लागत के 28 कार्यों का भूमि-पूजन और 68.83 करोड़ रूपये की लागत के 25 कार्यों का लोकार्पण होगा।
- मुख्यमंत्री डॉ. यादव क्षेत्र के विकास को गति देने वाले सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, विद्युत, जल संसाधन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा तकनीकी शिक्षा विभाग से संबंधित निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन करेंगे। इन विकास कार्यों से देवरी एवं केसली विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा और नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध होंगी।
फ्रांस पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आज राष्ट्रपति मैक्रों से करेंगे मुलाकात, राफेल डील और इन 12 समझौतों पर रहेगी नजर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छह दिवसीय फ्रांस और स्लोवाकिया दौरे की शुरुआत फ्रांस के नीस शहर से हुई है। दरअसल अपने दौरे के पहले चरण में वे फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात करेंगे और ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम का उद्घाटन भी करेंगे। इस दौरान दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने पर जोर रहेगा। खास बात यह है कि भारत और फ्रांस के संबंध सिर्फ रक्षा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि तकनीक, शिक्षा, स्टार्टअप और रिसर्च जैसे क्षेत्रों में भी तेजी से बढ़ रहे हैं।
दरअसल प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों की मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब दुनिया कई भू-राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे में दोनों देशों के बीच सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। भारत की ओर से रक्षा तकनीक और उन्नत सैन्य सहयोग को लेकर भी कई मुद्दे चर्चा के केंद्र में रह सकते हैं।
रक्षा सहयोग पर होगी खास चर्चा
दरअसल भारत और फ्रांस के बीच रक्षा क्षेत्र हमेशा से सहयोग का मजबूत आधार रहा है। इस बार भी 114 राफेल लड़ाकू विमानों की संभावित डील सबसे ज्यादा चर्चा में है। भारत चाहता है कि भविष्य में इन विमानों में अपनी जरूरत के अनुसार हथियार और तकनीक जोड़ने की अधिक स्वतंत्रता मिले। इसी वजह से राफेल विमान के सोर्स कोड और तकनीकी पहुंच से जुड़े मुद्दे भी बातचीत का हिस्सा बन सकते हैं।
बता दें कि फ्रांस पहले भी भारत को मिराज-2000, राफेल फाइटर जेट और स्कॉर्पीन पनडुब्बियां उपलब्ध करा चुका है। यही कारण है कि रूस के बाद फ्रांस भारत के सबसे महत्वपूर्ण रक्षा साझेदारों में शामिल है। रक्षा क्षेत्र के अलावा साइबर सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी दोनों देशों के बीच चर्चा होने की संभावना है।
G7 समिट में भी होंगे शामिल
वहीं इस दौरे का दूसरा बड़ा पहलू टेक्नोलॉजी और इनोवेशन सहयोग है। भारत और फ्रांस के बीच AI, सेमीकंडक्टर, मेडिकल टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप और स्पेस सेक्टर में करीब 12 समझौतों पर सहमति बनने की संभावना जताई जा रही है। ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय स्टार्टअप, IIT, विश्वविद्यालयों और रिसर्च संस्थानों को वैश्विक निवेशकों और कंपनियों से जोड़ना है। इससे भारतीय नवाचार को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
दरअसल फ्रांस दौरे के बाद प्रधानमंत्री मोदी G7 शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे। हालांकि भारत G7 का सदस्य नहीं है, लेकिन दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने के कारण उसे लगातार विशेष आमंत्रित देश के रूप में बुलाया जाता रहा है। G7 बैठक के दौरान वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा, सप्लाई चेन, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी स्लोवाकिया का भी दौरा करेंगे, जो कई मायनों में ऐतिहासिक माना जा रहा है। स्वतंत्र स्लोवाकिया बनने के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का यह पहला दौरा होगा।
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