न जबरदस्त बॉडी, न ही एक साथ 10 गुंडों की करता है पिटाई, फिर भी पर्दे पर आते ही तालियों से गड़गड़ा उठते हैं थिएटर
आमतौर पर फिल्मों में एक्टर बनने के लोग उनके खूबसूरत चेहरे या उनकी धांसू बॉडी को जरूरी समझते हैं. लेकिन सही मायने में एक्टर वही है, जो सारी भीड़ का ध्यान खुद पर खींच ले.हिंदी सिनेमा का ऐसा ही एक एक्टर है, जो शाहरुख सलमान की तरह 10 गुंड़ों की पिटाई एक साथ करता है, न ही उनकी जबरदस्त बॉडी है. लेकिन उनके आते ही थिएटर तालियों से गूंज उठते हैं.
'सिर्फ चेहरा और लहजा देखकर', सोना मोहपात्रा का 'नस्लवाद' पर तीखा वार, देशवासियों को दिखाया आईना
मशहूर गायिका सोना मोहपात्रा ने भेदभाव और नस्लवाद पर गहरी चिंता जताई है. उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि विदेशों में भारतीयों के साथ होने वाले नस्लवाद पर गुस्सा करने से पहले हमें अपने अंदर झांकना चाहिए. भारत में ही उत्तर-पूर्व, बिहार, उत्तर प्रदेश और ओडिशा के लोगों को दकियानूसी, नस्लभेदी बयानों और मानसिक तकलीफों का सामना करना पड़ता है. सोना मोहपात्रा की मानें, तो भेदभाव के लिए सिर्फ देश नहीं, बल्कि सरनेम, चेहरा और लहजा ही काफी होता है. अगर विदेशों में हमारे साथ भेदभाव गलत है, तो देश के भीतर अपनों के साथ ऐसा व्यवहार भी पूरी तरह गलत है.
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