वैश्विक स्तर पर फेसबुक और इंस्टाग्राम डाउन, लॉग इन नहीं कर पा रहे यूजर्स
नई दिल्ली, 12 जून (आईएएनएस)। वैश्विक स्तर पर सोशल मीडिया ऐप फेसबुक, मैसेंजर और इंस्टाग्राम डाउन हो गए हैं। इन सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यूजर्स को लॉग-इन करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
इन तीनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का संचालन मेटा की ओर से किया जाता है।
फेसबुक पर यूजर्स को फीड खोलने, अपना पेज देखने और लॉग करने जैसी समस्याओं का सामना पड़ रहा है। इसके अलावा पोस्ट और रील भी शेयर नहीं हो रही हैं।
ऐसी ही कुछ इंस्टाग्राम में देखने को मिल रहा है, जहां यूजर्स फीड एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं। साथ ही, मैसेज भेजने और स्टोरी लगाने के साथ रील साझा करने में भी मुश्किलों का सामान करना पड़ रहा है।
भारत के साथ अमेरिका, यूके और ऑस्ट्रेलिया समेत दुनिया के कई अलग-अलग देशों के यूजर्स मेटा के तीनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में समस्याओं को रिपोर्ट कर रहे हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी यूजर्स ने फेसबुक और इंस्टाग्राम के डाउन होने को रिपोर्ट किया।
एक यूजर ने लिखा कि इंस्टाग्राम डाउन है और मैं अपने फोन पर रील नहीं देख पा रहा हूं। वहीं, अन्य ने लिखा कि मेरा फेसबुक पेज गायब हो गया है और मैं लॉग-इन नहीं कर पा रहा हूं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक मेटा दुनिया की सबसे बड़ी सोशल मीडिया कंपनी है। फेसबुक के मासिक सक्रिय उपयोगकर्ताओं की संख्या 3.1 अरब से अधिक हो गई है, जिससे यह दुनिया का सबसे बड़ा सोशल नेटवर्क बना हुआ है। वहीं, फोटो और वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के यूजर्स भी करीब 3 अरब के स्तर पर पहुंच चुके हैं।
वहीं, मेटा के मैसेजिंग प्लेटफॉर्म मैसेंजर का इस्तेमाल हर महीने 1 अरब से अधिक लोग कर रहे हैं। कंपनी के मुताबिक, फेसबुक, इंस्टाग्राम, मैसेंजर और व्हाट्सऐप समेत उसके सभी ऐप्स का मासिक उपयोगकर्ता आधार लगभग 4 अरब तक पहुंच गया है।
--आईएएनएस
एबीएस
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59 साल बाद एक सीध में गुरु, बुध और शुक्र, केवल 'ऑप्टिकल इल्यूजन' या उच्च ब्रह्मांडीय ऊर्जा का संकेत
नई दिल्ली, 12 जून (आईएएनएस)। 59 साल बाद 11 जून से 15 जून के बीच ब्रह्मांड के नौ ग्रहों में से तीन बृहस्पति (गुरु), बुध और शुक्र एक सीध में हैं। यह खगोलीय घटना अपने आप में रोमांचक स्थिति है। इसकी खूबसूरती इतनी है कि इसे देखने को वैज्ञानिक बेताब रहते हैं। इस दुर्लभ खगोलीय घटना के गवाह बनने के लिए करोड़ों लोग उत्साहित रहते हैं। शुक्र, बुध और बृहस्पति सूरज के चारों ओर अपनी-अपनी कक्षाओं में एक दूसरे से लाखों मील दूर हैं। इसमें से शुक्र और बृहस्पति बेहद चमकीले ग्रह हैं। ऐसे में इन्हें तो देखा जा सकता है, लेकिन बुध बाकी दो ग्रहों की तुलना में काफी कम चमकीला होता है, ऐसे में इसे देखना थोड़ा मुश्किल होगा क्योंकि यह क्षितिज के पास नीचे होता है।
इस दुर्लभ खगोलीय घटना को प्लैनेटरी एलाइनमेंट कहा जाता है। कई बार इसे नंगी आंखों से तो कई बार दूरबीन के सहारे देखा जा सकता है। वैसे वैज्ञानिक इस दुर्लभ खगोलीय संयोग को केवल दृष्टि भ्रम या ऑप्टिकल इल्यूजन मानते हैं।
माना जाता है कि इस समय ब्रह्मांडीय ऊर्जाएं अधिक सक्रिय होती हैं। वहीं सनातन वैदिक ज्योतिष के अनुसार यह समय ध्यान, साधना और सकारात्मक कार्यों के लिए शुभ माना जाता है।
पृथ्वी से देखने पर यह खगोलीय स्थिति जिसमें बृहस्पति, शुक्र और बुध एक सीध में दिख सकते हैं, जब वे लगभग एक ही एक्लिप्टिक लोंगिट्यूड पर हों (इसे कंजंक्शन या युति कहते हैं) या एक ही राशि/आर्क में एक-दूसरे के करीब हों तो भी ऐसा होता है। खगोलीय दृष्टि से यह पृथ्वी से दिखने वाला कंजंक्शन या ग्रहों का एक-दूसरे के पास होना है। वहीं ज्योतिष के नजरिए से इसे उनके मूल गुणों के आपसी मेल के तौर पर देखा जाता है।
वैदिक ज्योतिष के अनुसार बृहस्पति विस्तार, अर्थ, आशावाद, अवसर प्रदान करने वाला है। जबकि शुक्र मूल्य, रिश्ते, सौंदर्यबोध, आकर्षण, सामंजस्य, वित्त प्रदाता माना गया है। इसके साथ ही ग्रहों का राजा बुध विचार, संचार, व्यापार, सूचना का आदान-प्रदान, छोटी यात्राएं दिलाने वाला है।
ब्रह्मांड के नौ ग्रहों में जहां बुध को राजकुमार, गुरु को देवताओं के गुरु और शुक्र को दैत्यों के गुरु के तौर पर जाना जाता है। वहीं ज्योतिष शास्त्र में ये तीनों ही ग्रह जातक के जीवन को बेहतर बनाने के लिए कारक माने गए हैं। अगर किसी भी जातक की कुंडली में इनमें से एक, दो या तीनों ग्रह शुभ हों तो वैसा जातक समाज में राजाओं की तरह की जिंदगी जीता है।
जब किसी इंसान की कुंडली में गुरु मजबूत हो तो उसे जीवन में सही मार्गदर्शन, बेहतर शिक्षा, अच्छे अवसर और सामाजिक मान-सम्मान मिलता है। वहीं शुक्र ग्रह मजबूत हो तो उसे जीवन में आकर्षण, आर्थिक समृद्धि, सुखद वैवाहिक जीवन और सांसारिक सुख मिलते हैं। जबकि कुंडली में बुध ग्रह मजबूत स्थिति में हो तो वह व्यक्ति बहुत ही समझदार, तर्क करने में कुशल, अच्छा विश्लेषक होता है।
वैसे ज्योतिष के अनुसार किसी जातक की कुंडली में जब बुध, शुक्र और बृहस्पति एक ही घर में एक साथ होते हैं, तो सरस्वती योग बनता है। यह योग व्यक्ति को अच्छी बुद्धि और कला (जैसे कविता, संगीत, नृत्य) और ज्ञान-सीखने से जुड़ी चीजों के प्रति गहरा लगाव देता है। ये तीनों ग्रह आपस में बहुत अच्छे दोस्त नहीं हैं, लेकिन जब ये एक साथ आते हैं, तो शुभ फल देते हैं। इस योग वाले व्यक्ति को खुशहाल परिवार, अच्छा जीवनसाथी और लंबी उम्र मिलती है। वैसे बुध की सभी ग्रहों के साथ अच्छी बनती है। ऐसे वह जिस ग्रह के साथ कुंडली में शुभ होकर बैठते हैं, उसके प्रभाव को बढ़ा देते हैं। यानी यह एक बहुत ही सकारात्मक योग है जो व्यक्ति को अच्छे गुण, कलात्मक बुद्धि, ज्ञान और खुशहाल परिवार के साथ लंबी उम्र का आशीर्वाद देता है।
ज्योतिष शास्त्र की मानें तो शुक्र, गुरु, बुध तीनों ही नैसर्गिक रूप से अत्यंत शुभ ग्रह हैं, इनका संबंध कुंडली में शुभ फल देने वाला ही होता है, चाहे यह ग्रह किसी भी लग्न में एक साथ संबंध बनाएं। हालांकि, लग्न के अनुसार इनका संबंध कम या ज्यादा शुभ प्रभावशाली होता है। शुक्र, बुध, गुरु में से यदि कोई अशुभ भाव का स्वामी भी हो तब भी ज्यादा दिक्कत नहीं देते, सिर्फ इतना करते हैं कि शुभ फल आसानी से नहीं देते हैं, कुछ संघर्ष जरूर कराते हैं।
ऐसे में इस बार 4 दिन जो विशेष खगोलीय घटना जारी है। इसमें आसमान में बुध, शुक्र और गुरु ग्रह का प्लैनेट परेड दिख रहा है, जो अपने आप में एक अद्भुत नजारा है। वहीं, ज्योतिष शास्त्र के जानकारों की मानें तो इससे मेष समेत 5 राशिवालों के करियर में उन्नति हो सकती है, वहीं धन लाभ का योग भी बनेगा।
--आईएएनएस
जीकेटी/
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