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तिथि और मुहूर्त
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पूजन विधि
अभिषेक बनर्जी से CID की पूछताछ, कई सवालों पर भड़के, 14 जून को फिर होंगे हाजिर
एजेंसी ने उन्हें एक बार फिर समन भेज दिया है. समन में टीएमसी नेता को 14 जून (रविवार) को दोपहर 12 बजे CID मुख्यालय हाजिर होना होगा. तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी से फर्जी हस्ताक्षर के मामले CID ने बुधवार देर रात को करीब 5.5 घंटे तक की पूछताछ की. ऐसा बताया जा रहा है कि पूछताछ के दौरान अभिषेक से कई सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं मिल पाए. एजेंसी ने उन्हें एक बार फिर समन भेज दिया है. समन में टीएमसी नेता को 14 जून (रविवार) को दोपहर 12 बजे CID मुख्यालय में हाजिर होना होगा. सीआईडी सूत्रों की मानें तो पूछताछ के दौरान बार अभिषेक बनर्जी भी भड़क पड़े.
13 विधायकों के बयान दर्ज किए
सीआईडी के सूत्रों के अनुसार, जांच अधिकारियों ने उन 13 विधायकों के बयान दर्ज किए हैं, जिनके हस्ताक्षर ब्लॉक अक्षरों में पाए गए. इस संबंध में अभिषेक बनर्जी से सवाल किए गए. इस बारे में पूछताछ के वक्त वह सीधे जवाब देने से बचते दिखे.
सीआईडी अधिकारी उनके गोलमोल जवाबों से बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं दिखे. इसके बाद सीआईडी ने उन्हें समन जारी करके पूछताछ के लिए तलब किया. पूछताछ होने के बाद अभिषेक बनर्जी सीधे तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी के आवास पर गए.
क्या है मामला
दरअसल, ये पूरा विवाद तब आरंभ हुआ, जब अभिषेक बनर्जी ने 9 मई को विधानसभा अध्यक्ष को सूचित किया कि ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस विधायी दल की बैठक में शोभनदेव चट्टोपाध्याय को नेता प्रतिपक्ष, आशिमा पात्रा और नैना बंद्योपाध्याय को उप नेता प्रतिपक्ष और फिरहाद हाकिम को मुख्य सचेतक की नियुक्ति का निर्णय लिया गया था.
20 मई को प्रस्ताव पुस्तिका सौंपी
इसके बाद विधानसभा के प्रधान सचिव ने 18 मई को पत्र लिखकर बैठक का ब्योरा और विधायकों के हस्ताक्षर वाला प्रस्ताव भी मांगा. अभिषेक ने 20 मई को प्रस्ताव पुस्तिका सौंपी, इसमें दावा किया गया कि 6 मई की बैठक में 70 विधायक उपस्थित थे. इस केस में नया मोड़ तब आया, जब 27 मई को टीएमसी के ही दो विधायकों ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने विधानसभा अध्यक्ष से लिखित शिकायत की.
अभिषेक ने आरोप लगाया कि 6 मई को ऐसा किसी तरह का प्रस्ताव पास नहीं किया गया. उन्होंने केवल 19 मई को हस्ताक्षर किए थे. उन्होंने 6 मई के प्रस्ताव को पूरी तरह से मनगढ़ंत और जाली करार दिया. इसमें 14 हस्ताक्षर ब्लॉक अक्षरों में मौजूद थे. इस बगावत के बाद टीएमसी ने दल-विरोधी गतिविधियों के आरोप में इन दोनों विधायकों को पार्टी से निलंबित किया.
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