अभिषेक की बदतमीजी बर्दाश्त नहीं; कल्याण बनर्जी ने केस लड़ने से किया इनकार, TMC छोड़ने के संकेत
Mamata Banerjee: ममता बनर्जी के सबसे करीबी सांसद ने भी अब टीएमसी को झटका देने का मन बना लिया है। उन्होंने अभिषेक बनर्जी पर बदतमीजी का आरोप लगाते हुए उनके हाईकोर्ट वाले केस से खुद को अलग कर लिया है।
बैंक, सोना और आर्थिक संकट... मनोज बाजपेयी की ‘Governor’ में दिखेगा भारत के सबसे मुश्किल दौर का सच?
By shristi jha
Governor: The Silent Saviour: एक्टर मनोज बाजपेयी (Manoj Bajpayee) एक बार फिर ऐसी कहानी लेकर आ रहे है, जो सिर्फ एंटरटेनमेंट तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के इकोनॉमिक हिस्ट्री के एक अहम चैप्टर को भी सामने ला सकती है. उनकी आने वाली फिल्म गवर्नर को लेकर चर्चा तेज है. फिल्म के टीजर और शुरुआती जानकरियों के बाद दर्शकों के मन में कई सवाल उठ रहे है, आखिर यह कहानी किस दौर की है? वह गवर्नर कौन है जिसके इर्द-गिर्द पूरी कहानी घूमती है? और भारत ने उस समय ऐसा क्या झेला था, जिसे आज भी देश के सबसे डिफिकल्ट इकॉनमी दौर में गिना जाता है?
क्या है फिल्म की कहानी?
गवर्नर फिल्म एक ऐसे दौर के इर्द-गिर्द बनी मूवी है, जब भारत सीरियस इकोनॉमी चैलेंजेज का सामना कर रहा था. विदेशी फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व पर दबाव था, इकोनॉमी प्रेशर सिर्फ बढ़ रहा था और हालात इतने मुश्किल हो गए थे कि कई बड़े फैसले लेने की जरूरत महसूस होने लगी थी. फिल्म सिर्फ स्टेटिस्टिक या इकोनॉमी पॉलिसी की कहानी नहीं लगती, बल्कि उन लोगों की कहानी भी हो सकती है जिनके फैसलों ने संकट के समय देश की दिशा बदलने में अहम रोल निभाए. यही वजह है कि इसे एक पोलिटिकल-इकोनॉमी ड्रामा के रूप में देखा जा रहा है.
कौन हैं रियल लाइफ गवर्नर ?
गवर्नर के मेकर्स ने अभी तक ऑफिसियल तौर पर ज्यादा खुलासा नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि कहानी देश के इकोनॉमिक व्यवस्था से जुड़े एक ऐसे गवर्नर या सीनियर अधिकारी के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे प्रॉब्लम के दौर में बेहद कठिन फैसले लेने पड़े थे. हालांकि सोशल मीडिया पर कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि मनोज बाजपेयी फिल्म में जिस RBI गवर्नर A. Ramanan की भूमिका निभा रहे हैं, वो असल जिंदगी में पूर्व भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) गवर्नर एस. वेंकिटरमणन (S. Venkitaramanan) से प्रेरित है.
बायोपिक से कहीं ज्यादा है फिल्म
मोनज बाजपेयरी की फिल्म गवर्नर पहली नजर में किसी एक व्यक्ति की कहानी लग सकती है, लेकिन कई जानकार मानते हैं कि फिल्म का सीमा इससे कहीं बड़ा हो सकता है. यह पॉसिबल है कि कहानी किसी एक किरदार के माध्यम से पूरे देश के स्ट्रगल, फैसलों और बदलाव की यात्रा को दिखाने की कोशिश करे.
यही वजह है कि इसे सिर्फ एक व्यक्ति की कहानी के बजाय एक इम्पोर्टेन्ट दौर की कहानी भी माना जा रहा है.
भारत ने उस दौर में आखिर क्या-क्या झेला था?
देश के इकोनॉमिक हिस्ट्री में कुछ ऐसे पल आए हैं जब हालात बेहद चल्लेंजिंग हो गए थे. विदेशी फॉरेन एक्सचेंज रिज़र्व पर दबाव, इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट से जुड़ी मुश्किलें, बढ़ती इकोनॉमिक चिंताएं और ग्लोबल सरकमस्टेंसस का असर- इन सबने मिलकर देश के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी थी. ऐसे समय में सरकार और इकोनॉमिक इंस्टीटूशन को कई कठोर फैसले लेने पड़े. यही वह दौर था जिसने भारत को इकोनॉमिक सुधारों की दिशा में आगे बढ़ने के लिए मजबूर किया और आगे चलकर कई बड़े बदलावों की नींव रखी.
कब रिलीज होगी फिल्म गर्वनर?
गर्वनर में मनोज बाजपेयी के अलावा अदा शर्मा और मधु भी इस फिल्म में देखने को मिलेंगे.और अगर हम बात करे डायरेक्टर कि ' चिन्मय डी. मंडलेकर' और प्रोडूसर 'विपुल अमृतलाल शाह' और फिल्म की रिलीज की बात करे तो ये 12 जून को सिनेमाघरों में देखने को मिलेगी.



Hindustan


















