ईरान पर अमेरिका का ताबड़तोड़ हमला, सैन्य कमांड ने बताई अटैक की असल वजह
Middle East Tesnion : मिडिल ईस्ट में लंबे वक्त से तनाव जारी है. इस्राइल और ईरान के बीच शुरू हुए. अब इसमें अमेरिका की भी एंट्री हो गई है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बुधवार को कहा कि उसकी सेनाओं ने ईरान में कई ठिकानों पर अतिरिक्त सेल्फ डिफेंस हमले शुरू कर दिए हैं. अमेरिकी सेना ने कहा कि ये कार्रवाई ईरान की लगातार और बिना वजह के दिखाई जा रही आक्रामकता की वजह से किया जा रहा है. ये अमेरिकी सेना का जवाब है.
अमेरिकी सेना ने दी हमले की जानकारी
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक्स पर एक पोस्ट करते हुए इस बात की जानकारी दी. कमांड ने कहा कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड की सेनाओं ने कमांडर-इन-चीफ के निर्देशों पर आज शाम 5.15 बजे ईरान में कई ठिकानों पर अतिरिक्त आत्मरक्षा हमले शुरू कर दिए हैं. ये हमले ईरान की बेवजह वाली आक्रामकता के जवाब में किए जा रहे हैं.
U.S. Central Command forces began launching additional self-defense strikes today at 5:15 p.m. ET against multiple targets in Iran at the Commander in Chief’s direction. The strikes are in response to Iran’s unwarranted and continued aggression.
— U.S. Central Command (@CENTCOM) June 10, 2026
ईरान ने देश भर में जारी किया अलर्ट
एक विदेशी न्यूज चैनल की मानें तो ईरान के कई शहरों में धमाकों की बढ़ती खबरों के बीच, ईरान के रेड क्रिसेंट ने देश भर के सभी इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटरों को पूरी तरह से अलर्ट पर रखा हुआ है. ईरानी मीडिया के हवाले से विदेशी न्यूज चैनल ने कहा कि बंदर अब्बास बंदरगाह शहर में नए धमाकों की खबरें हैं. उन्होंने बताया कि ये धमाके शहर के पूर्वी हिस्से में हुई एक घटना से जुड़े हुए हैं. अन्य जगहों से भी धमाकों की खबरें मिली हैं, जिनमें दक्षिण के शहर सिरिक, मिना, केशम द्वीर और गोरगन शामिल हैं. अमेरिका के हमलों के बाद राजधानी तेहरान के पश्चिमी इलाकों में एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिवेट कर दिए हैं.
ईरान के दक्षिण-पश्चिम इलाकों में स्थित फार्स प्रांत में भी एक धमाका सुना गया, जिसे शहर के बाहर एयर डिफेंस सिस्टम के एक्टिवेट होने से जोड़ा गया है. स्थिति अब भी बदल रही है और पूरे ईरान में इमरजेंसी रिस्पॉन्स एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं.
इराक स्थित अमेरिकी ठिकाने को ईरान ने बनाया निशाना
ईराकी मीडिया की मानें तो ईरान ने एरबिल में अमेरिका के अल-हरीर एयरबेस को निशाना बनाया, जिसमें इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में अमेरिका का रडार सिस्टम नष्ट हो गया. ये अटैक ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका फिर से ईरान पर हमले शुरू करेग क्योंकि ईरान वाशिंगटन के साथ डील पूरी करने में देरी कर रहा है. ट्रंप ने इस चीज पर निराशा जताई थी.
ट्रंप ने क्या कहा?
अमेरिकी व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में ट्रंप ने हाल में मीडिया से बात की. इस दौरान, उन्होंने कहा कि हम उनके ऊपर हमला करने वाले हैं. ये हमले बहुत जोरदार होंगे. ट्रंप ने इशारों-इशारों में साफ कर दिया कि ईरान द्वारा अमेरिकी अपाचे विमान पर हमला करके अमेरिका को अटैक करने का एक कारण दे दिया है. उन्होंने कहा कि हेलीकॉप्टर वाली घटना के आधार पर मुझे ऐसा लगता है कि हमारे पास ऐसा करने का अधिकार है.
ईरान ने अमेरिका के अपाचे हेलीकॉप्टर को गिराया
बता दें, ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट के पास गश्त कर रहे अमेरिकी सेना के अपाचे हेलीकॉप्टर को हाल में निशाना बनाकर ढेर कर दिया था, जिस पर अमेरिकी सेना और अमेरिकी राष्ट्रपति ने कड़ी आपत्ति जताई थी. उन्होंने कहा था कि हमें इसका जवाब देना ही होगा.
"I have just been informed by our Great Military that last night the Iranians shot down one of our highly sophisticated Apache Helicopters while patrolling over the Strait of Hormuz. There were two pilots involved, both are safe and uninjured. Nevertheless, the United States… pic.twitter.com/yMGXqG89ax
— The White House (@WhiteHouse) June 9, 2026
क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप?
मामले में डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि सेना से उन्हें जानकारी मिली है कि ईरानी बलों ने अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया है. इसमें दो पायलट शामिल थे. दोनों सुरक्षित हैं. उन्हें कोई भी चोट नहीं आई है. अमेरिका को इस हमले का जवाब देने ही होगा.
ईरान ने फिर बंद किया होर्मुज स्ट्रेट, अवैध रूप से घुसने पर 2 जहाजों पर किया हमला
Strait of Hormuz: अमेरिका ईरान युद्ध के बीच में होर्मुज फिर बंद हो गया है। अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने सभी जहाजों के लिए होर्मुज को बंद कर दिया है। साथ ही ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर कोई जहाज होर्मुज से निकलने की कोशिश करेगा तो उसे उड़ा दिया जाएगा। इससे देश में फिर पेट्रोल-डीजल और एलपीजी का संकट छा सकता है।
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने कहा है कि ईरान पर अमेरिका द्वारा किए गए नए हमलों के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य सभी जहाजों के लिए बंद रहेगा और चेतावनी दी है कि जलमार्ग से गुजरने का प्रयास करने वाले किसी भी जहाज को निशाना बनाया जा सकता है।
दो जहाजों को बनाया निशाना
आईआरजीसी नौसेना ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से अवैध रूप से गुजरने की कोशिश कर रहे दो जहाजों पर हमला किया गया है। प्रेस टीवी के अनुसार, अमेरिकी हमले के बाद मीनाब काउंटी के कारगान के दो निवासी छर्रों से घायल हो गए।
क्यों बंद हुआ होर्मुज?
आईआरजीसी ने अपने आधिकारिक टेलीग्राम पर एक पोस्ट में कहा, "क्षेत्र में असुरक्षा के कारण, तत्काल प्रभाव से होर्मुज जलडमरूमध्य को तेल टैंकरों और वाणिज्यिक जहाजों सहित सभी जहाजों के लिए बंद घोषित किया जाता है।" बयान में आगे कहा गया है, "जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश करने वाले किसी भी जहाज को निशाना बनाया जाएगा।"
होर्मुज में अमेरिका और ईरान के बीच भारी झड़प
अल जजीरा ने ईरानी मीडिया का हवाला देते हुए बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी सेना और ईरान की आईआरजीसी की नौसैनिक इकाइयों के बीच भारी झड़पें और गोलीबारी की खबरें आई हैं। बताया जा रहा है कि अमेरिकी सेना ने अब तक सात तटीय स्थानों पर हमले किए हैं, जिनमें बंदर अब्बास, सिरिक, केशम द्वीप और हेंगम द्वीप के आसपास के इलाकों में हमले शामिल हैं।
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