सपना चौधरी-वीर साहू के विवाद की वजह आई सामने:शादी के 8 महीने बाद ही मतभेद, इंस्टाग्राम पर भी दूरियां; अब कोर्ट ने लगाई करीब जाने पर रोक
'बिग बॉस' फेम और मशहूर हरियाणवी डांसर-सिंगर सपना चौधरी और उनके पति वीर साहू के बीच चल रहे मतभेद अब कोर्ट तक पहुंच गए हैं। इसी के साथ दोनों की दोस्ती, प्यार और शादी का यह दस साल लंबा सफर अब अलगाव के मोड़ पर आ पहुंचा है। हालांकि, दोनों के बीच दूरियां काफी लंबे समय से सोशलमीडिया पर दिखाई दे रहीं है। साल 2023 के बाद दोनों ने एकदूसरे के साथ कोई वीडियो या फोटो एकसाथ शेयर नहीं किया है। इंस्टाग्राम पर पर भी दोनों एक-दूसरे को फॉलो नहीं करते हैं। मगर, बुधवार को दिल्ली की द्वारिका महिला कोर्ट में पति के खिलाफ केस पर सुनवाई के बाद सपना चौधरी ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया। पोस्ट के कैप्शन में उन्होंने लिखा, "कुछ तो लोग कहेंगे, वरना बेचारे जिंदा कैसे रहेंगे। उनका काम है कहना, यू जस्ट बिकम बहरा एंड मेंटेन ऑन योर चेहरा।" इसके साथ उन्होंने मोर और स्टार की इमोजी भी लगाई। वहीं, सपना चौधरी की पोस्ट के करीब एक घंटे बाद वीर साहू ने भी एक रील शेयर की। इस रील में लिखा था, "अच्छी सूरत को संवरने की जरूरत क्या है, सादगी में भी कयामत की अदा होती है।" दोनों की इन पोस्ट पर लोग कई तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे है। लोग जानना चाह है कि हरियाणवी म्यूजिक इंड्रस्ट्री के इस फेमस कपल के बीच ऐसा क्या हुआ, जो ये नौबत आई। दैनिक भास्कर एप की टीम ने इस कपल के पारिवारिक और करीबी सूत्रों से इसकी जानकारी जुटाई तो कई बातें सामने आईं। पहली मुलाकात से लेकर कोर्ट तक पहुंचने की पूरी कहानी… जानिए कैसे शुरू हुई थी सपना चौधरी और वीर साहू की लव स्टोरी.… हिसार की गोशाला में हुई थी पहली मुलाकात हरियाणवी मनोरंजन जगत की चर्चित जोड़ी सपना चौधरी और वीर साहू की प्रेम कहानी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। वीर साहू को हरियाणा का 'बब्बू मान' भी कहा जाता है। राइटर, सिंगर और एक्टर वीर साहू पशु प्रेमी भी है। डांसिंग क्वीन के नाम से मशहूर सपना चौधरी से उनकी पहली मुलाकात साल 2016 में हिसार जिले की लाडवा गोशाला में आयोजित कार्यक्रम के दौरान हुई थी। उस समय किसी ने भी नहीं सोचा था कि यह मुलाकात आगे चलकर शादी के रिश्ते में बदल जाएगी। पहली बार पसंद नहीं आए, दूसरी मुलाकात में बदली सोच सपना चौधरी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि पहली मुलाकात के दौरान उन्हें वीर साहू बिल्कुल पसंद नहीं आए थे। उन्हें लगा कि वीर बेहद खड़ूस स्वभाव के इंसान हैं, जिन्हें न किसी से बातचीत करना पसंद है और न ही मजाक करना। सपना के मुताबिक वीर का शांत और गंभीर व्यवहार उन्हें काफी अजीब लगा था। पहली मुलाकात के बाद दोनों की दूसरी मुलाकात एक अवॉर्ड शो में हुई। वहां भी वीर साहू ने सपना को ज्यादा महत्व नहीं दिया। हालांकि, जब सपना ने खुद उनसे बातचीत शुरू की तो वीर साहू थोड़ा झिझक गए। यहीं से दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ और धीरे-धीरे एक-दूसरे को समझने लगे। वीर साहू ने भी खुलकर किया था प्यार का इजहार लगातार मुलाकातों और बातचीत के दौरान सपना को महसूस हुआ कि वीर साहू बाहर से जितने सख्त दिखाई देते हैं, असल में उतने ही सच्चे और सरल इंसान हैं। सपना ने कहा था कि जो व्यक्ति वीर को सही मायनों में समझ ले, वह उनसे दूर नहीं रह सकता। यही दोस्ती समय के साथ प्यार में बदल गई। जनवरी 2020 में दिए गए एक इंटरव्यू में वीर साहू ने बताया था कि दुनिया सपना चौधरी को एक स्टार के रूप में देखती है, लेकिन उनके लिए सपना एक दोस्त और जीवनसाथी हैं। जब उन्होंने सपना को करीब से जाना तो उनकी असली शख्सियत समझ में आई। वीर ने यह भी कहा था कि वह सपना को उनकी लोकप्रियता की वजह से नहीं बल्कि उनके व्यक्तित्व की वजह से पसंद करते हैं। 2020 में कोर्ट मैरिज, बेटे के जन्म पर दी शादी की खबर करीब चार साल तक एक-दूसरे को जानने और समझने के बाद दोनों ने जनवरी 2020 में शादी कर ली। परिवार में एक रिश्तेदार के निधन के कारण धूमधाम से शादी नहीं हो सकी। इसके बाद दोनों ने चंडीगढ़ में कोर्ट मैरिज कर ली। उस समय दोनों ने अपनी शादी की जानकारी सार्वजनिक नहीं की थी। साल 2020 में जब सपना चौधरी ने बेटे को जन्म दिया तो उनकी शादी की खबर पहली बार सार्वजनिक हुई। परिवार ने पूरी प्रक्रिया को बेहद गोपनीय रखा था। बेटे के जन्म की जानकारी सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं आने लगीं। इससे नाराज वीर साहू ने फेसबुक पर लाइव आकर कहा था कि किसी की निजी जिंदगी में अनावश्यक दखल न दें और अफवाहें फैलाने से बचें। नजदीकी सूत्रों ने बताईं दोनों के बीच मतभेद की चार वजह… --------------------------- सपना चौधरी से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… हरियाणवी डांसर सपना चौधरी ने मारपीट के बाद ससुराल छोड़ा:कोर्ट ने पति वीर साहू के मिलने पर रोक लगाई; 2020 में लव मैरिज की थी हरियाणवी डांसर-सिंगर सपना चौधरी की निजी जिंदगी एक बार फिर सुर्खियों में है। सपना ने अपने पति वीर साहू के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज कराते हुए दिल्ली की द्वारका महिला कोर्ट में याचिका दाखिल की है। मंगलवार को कोर्ट ने वीर साहू को अगली सुनवाई तक उनके संपर्क में आने, घर या कार्यस्थल पर जाने और किसी भी तरह से परेशान करने से रोक दिया है। (पूरी खबर पढ़ें)
12 साल बाद टीवी पर लौटे यशपाल:बोले- ‘बरेली के बच्चन’ के लिए फिल्में-ओटीटी छोड़ी, अंश ने कहा- यंग ऑडियंस फिर टीवी से जुड़ेगी
लंबे समय बाद टीवी पर वापसी कर रहे अभिनेता यशपाल शर्मा अपने नए शो ‘बरेली के बच्चन’ को लेकर उत्साहित हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने बताया कि इस शो के लिए उन्होंने अपनी फिल्में और ओटीटी प्रोजेक्ट्स फिलहाल अलग रख दिए हैं। यशपाल ने कहा कि ‘नीली छतरी वाले’ के बाद करीब 12 साल बाद वह टीवी शो कर रहे हैं और इस बार भी पूरी तरह एक ही प्रोजेक्ट पर फोकस कर रहे हैं। बातचीत में उन्होंने फिल्मों और टीवी का फर्क, अच्छी कहानियों की कमी और नए कलाकारों के लिए जरूरी सलाह साझा की। वहीं अंश मनुजा ने अपने किरदार सतलुज को रिबेल और रियल बताया। सवाल: आपने सिनेमा और टेलीविजन दोनों माध्यमों में काम किया है। आज के समय में दोनों में सबसे बड़ा फर्क क्या महसूस करते हैं? जवाब/यशपाल शर्मा: सिनेमा और टीवी में सबसे बड़ा फर्क काम करने के तरीके का है। फिल्में बहुत प्लानिंग के साथ बनाई जाती हैं। दो-तीन घंटे की कहानी को बारीकी से तैयार किया जाता है और उसे लंबे समय तक देखा जा सकता है। वहीं टीवी का काम काफी तेज होता है। यहां लगातार शूटिंग चलती रहती है और कलाकारों को हर समय तैयार रहना पड़ता है। फिल्मों में कई टेक्स लिए जा सकते हैं, लेकिन टीवी में समय कम होता है और उसी हिसाब से काम करना पड़ता है। सवाल: आपको अक्सर पावरफुल और लेयर्ड किरदारों में देखा गया है। ‘अजब सिंह’ में ऐसा क्या था जिसने आपको आकर्षित किया? जवाब/यशपाल शर्मा: अजब सिंह का किरदार बहुत अलग और दिलचस्प है। उसके अंदर कई परतें हैं और उसकी भावनात्मक यात्रा में उतार-चढ़ाव हैं। वह अपने परिवार से प्यार करता है, लेकिन उसे जाहिर नहीं करता। यही वजह है कि मुझे यह किरदार बहुत पसंद आया। इतना ही नहीं, मैंने इस शो के लिए अपनी फिल्में और ओटीटी प्रोजेक्ट्स फिलहाल अलग रख दिए हैं और पूरी तरह इसी काम पर ध्यान दे रहा हूं। सवाल: आप फिल्मों के मामले में काफी चुनिंदा माने जाते हैं। क्या आज भी स्क्रिप्ट सबसे बड़ा फैक्टर होती है? जवाब/यशपाल शर्मा: बिल्कुल। सबसे पहले मैं स्क्रिप्ट देखता हूं। उसके बाद किरदार, मेहनताना, प्रोडक्शन हाउस, डायरेक्टर और टीम को देखता हूं। जब सारी चीजें सही लगती हैं, तभी काम करता हूं। सवाल: ओटीटी, टीवी और फिल्मों के इस दौर में एक अभिनेता के लिए सबसे बड़ा चैलेंज क्या है? जवाब/यशपाल शर्मा: जो भी काम करो, उसमें पूरी ईमानदारी और समर्पण होना चाहिए। मैं ओटीटी, फिल्म और टीवी- तीनों में काम करता हूं, लेकिन जब किसी एक प्रोजेक्ट पर काम करता हूं तो पूरी तरह उसी में डूब जाता हूं। करीब 12 साल बाद मैं टीवी पर वापसी कर रहा हूं। ‘नीली छतरी वाले’ के बाद यह मेरा दूसरा टीवी शो है। उस समय भी मैंने बाकी कामों से दूरी बनाकर सिर्फ उसी शो पर ध्यान दिया था और इस बार भी यही किया है। सवाल: आज के युवा एक्टर्स को कौन-सी गलती नहीं करनी चाहिए? जवाब/यशपाल शर्मा: दिखावा नहीं करना चाहिए। अभिनय दिखाने की नहीं, महसूस करने की चीज है। अगर आप किरदार को अंदर से जीते हैं, तो दर्शक उसे खुद महसूस करेंगे। सवाल: आपको लगता है कि अच्छे एक्टर्स की कमी है या अच्छी कहानियों की? जवाब/यशपाल शर्मा: अच्छे एक्टर्स की कमी नहीं है। अच्छी कहानियों की कमी जरूर रही है, लेकिन ओटीटी और नई पीढ़ी के आने से अब बेहतर काम हो रहा है। सवाल: क्या कोई ऐसा रोल है जिसे आप अब भी करना चाहते थे और अब मौका मिला? जवाब/यशपाल शर्मा: अजब सिंह वैसा ही किरदार है। इसमें इमोशन, इंटेंसिटी, प्यार और कई रंग हैं। इसे लेकर मैं उत्साहित हूं। सवाल: सतलुज का किरदार आपको सबसे ज्यादा किस वजह से दिलचस्प लगा? जवाब/अंश मनुजा: सतलुज अलग और रिबेल स्वभाव का किरदार है। वह सबके खिलाफ नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा में रखने वाला इंसान है। उसका गुस्सा और सोच उसे बाकी लोगों से अलग बनाती है। सवाल: युवा दर्शकों को इस शो में क्या नया देखने को मिलेगा? जवाब/अंश मनुजा: यह एक रियल कॉन्सेप्ट वाला शो है। टीवी पर अक्सर ड्रामा और मेलोड्रामा देखने को मिलता है, लेकिन यह शो थोड़ा अलग है। मुझे लगता है कि यह युवाओं को टीवी की तरफ फिर आकर्षित करेगा। सवाल: सेट पर सीनियर एक्टर्स से कोई ऐसी सीख मिली जो हमेशा याद रहेगी? जवाब/अंश मनुजा: यशपाल सर ने सीधे सलाह कम दी है, लेकिन उनके काम को देखकर बहुत कुछ सीखा है। सेट पर अनुशासन कितना जरूरी है, छोटे-छोटे एक्सप्रेशन कितने मायने रखते हैं और किरदार को सच्चाई से कैसे निभाना चाहिए, यह सब उनसे सीखा। सवाल: आपकी असल जिंदगी और इस किरदार में कितनी समानता है? जवाब/अंश मनुजा: बहुत कम समानता है। सिर्फ एक चीज मिलती है कि मैं भी थोड़ा रिबेल स्वभाव का हूं। अपने पिता से कई बातों पर बहस होती है, लेकिन आखिर में हम साथ बैठकर खाना जरूर खाते हैं। यही बात इस किरदार में भी दिखती है। सवाल: क्योंकि यह फैमिली शो है, परिवार में गलतफहमियों को संभालने का सबसे अच्छा तरीका क्या है? जवाब/अंश मनुजा: बात करना सबसे जरूरी है। अगर कोई बात परेशान कर रही है तो खुलकर सामने वाले से पूछ लेना चाहिए। मेरे हिसाब से हर रिश्ते में कम्युनिकेशन सबसे जरूरी चीज है।
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