मोदी मैदान में बनेगा अत्याधुनिक इंडोर-आउटडोर स्टेडियम, 23.32 करोड़ की लागत को मिली मंजूरी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में जनहित से जुड़ी विकास योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारने की कवायद जारी है. इसी क्रम में सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में आज राज्य सचिवालय में दो महत्वपूर्ण बैठकें संपन्न हुईं. बैठकों में जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. इनमें रुद्रपुर के मोदी मैदान में अत्याधुनिक इंडोर एवं आउटडोर स्टेडियम के निर्माण तथा हल्द्वानी-काठगोदाम नगर निगम क्षेत्र की क्षतिग्रस्त सड़कों के सुधार से जुड़े फैसले प्रमुख हैं. मोदी मैदान स्टेडियम के लिए 23.32 करोड़ रुपये की लागत को औचित्यपूर्ण पाया गया है, जबकि हल्द्वानी-काठगोदाम की सड़कों के लिए 15 करोड़ रुपये की धनराशि अवस्थापना विकास निधि से प्रस्तावित है.
मोदी मैदान में बनेगा अत्याधुनिक स्टेडियम
मुख्यमंत्री घोषणा के तहत रुद्रपुर के मोदी मैदान में इंडोर एवं आउटडोर स्टेडियम का निर्माण किया जाना है. घोषणा के क्रियान्वयन के लिए पूर्व में खेल विभाग को आवंटित स्थान को आवास विभाग के नाम स्थानांतरित किया गया है. परियोजना के लिए उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है.
23.32 करोड़ का आगणन हुआ औचित्यपूर्ण
उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम, ऊधमसिंहनगर की ओर से स्टेडियम के निर्माण के लिए 2374.56 लाख रुपये का आगणन तैयार किया गया था. नियोजन विभाग के टीओसी परीक्षण के बाद 2332.05 लाख रुपये यानी करीब 23.32 करोड़ रुपये की धनराशि को औचित्यपूर्ण पाया गया है. इससे परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है.
8.594 हेक्टेयर में विकसित होगा परिसर
प्रस्तावित स्टेडियम मोदी मैदान के विस्तृत क्षेत्र में विकसित किया जाएगा. कुल 9.1915 हेक्टेयर भूमि में से करीब 8.594 हेक्टेयर क्षेत्र में स्टेडियम परियोजना प्रस्तावित है. मैदान के दो ओर सड़कें होने से यहां आवागमन की सुविधा भी बेहतर रहेगी. स्टेडियम को खेल गतिविधियों के साथ सामाजिक, सांस्कृतिक और अन्य बड़े आयोजनों के लिए भी उपयोगी बनाया जा सकेगा.
खिलाड़ियों को मिलेगा बेहतर प्लेटफॉर्म
इंडोर और आउटडोर सुविधाओं से स्थानीय युवाओं को फुटबॉल, वालीबॉल, बैडमिंटन समेत विभिन्न खेलों में अभ्यास और प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर मंच मिलेगा. रुद्रपुर की पहचान अब औद्योगिक नगरी के साथ खेल प्रतिभाओं के केंद्र के रूप में भी विकसित करने की दिशा में यह परियोजना अहम मानी जा रही है.
हल्द्वानी-काठगोदाम में 15 करोड़ से सुधरेंगी सड़कें
दूसरे महत्वपूर्ण फैसले में मुख्यमंत्री घोषणा के तहत हल्द्वानी- काठगोदाम नगर निगम क्षेत्र की क्षतिग्रस्त सड़कों के निर्माण के लिए 15 करोड़ रुपये की धनराशि अवस्थापना विकास निधि से स्वीकृत किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है. मुख्यमंत्री कार्यालय के 8 अगस्त 2025 के पत्र के माध्यम से घोषणा के क्रियान्वयन की कार्रवाई से अवगत कराने के निर्देश दिए गए थे. लोक निर्माण विभाग को कार्यदायी संस्था नामित करने का निर्णय लिया गया है. इससे सड़क निर्माण से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है.
शहरवासियों को मिलेगी राहत
हल्द्वानी-काठगोदाम कुमाऊं का प्रमुख शहरी और व्यावसायिक क्षेत्र है. यहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं. ऐसे में क्षतिग्रस्त सड़कों के निर्माण और सुधार से स्थानीय नागरिकों, वाहन चालकों और व्यापारिक गतिविधियों से जुड़े लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है. 15 करोड़ रुपये की प्रस्तावित राशि से सड़क अधोसंरचना को बेहतर बनाने के कार्यों को गति मिलेगी.
सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार का बयान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्य में आवास और अवस्थापना विकास से जुड़ी घोषणाओं को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है. रुद्रपुर के मोदी मैदान में प्रस्तावित इंडोर एवं आउटडोर स्टेडियम युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना है. वहीं हल्द्वानी-काठगोदाम क्षेत्र की क्षतिग्रस्त सड़कों के निर्माण के लिए 15 करोड़ रुपये की मुख्यमंत्री घोषणा के क्रियान्वयन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई गई है. हमारा प्रयास है कि शासन स्तर से लिए गए निर्णयों का समयबद्ध और प्रभावी ढंग से अनुपालन सुनिश्चित हो. दोनों परियोजनाएं संबंधित क्षेत्रों के विकास, जनसुविधाओं और बेहतर अवस्थापना के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं.
मध्य प्रदेश: उमंग सिंघार ने रहस्यमयी बीमारी से प्रभावित गांवों का दौरा किया, 19 बच्चों की मौत का आरोप लगाया
बालाघाट/भोपाल, 14 अगस्त (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में विपक्ष के नेता (एलओपी) और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उमंग सिंघार ने शुक्रवार को बालाघाट जिले के बैगा आदिवासी बहुल गांवों का दौरा किया। यह दौरा बच्चों में फैली एक रहस्यमयी बीमारी की खबरों के बीच किया गया और उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावित इलाकों में 19 बच्चों की मौत हो चुकी है।
सिंघार ने कुंडेकासा, बोंडारी और कोरका गांवों का दौरा किया, इलाज करा रहे बीमार बच्चों से मुलाकात की और उनके परिवारों से बातचीत की।
उन्होंने उन्हें मिल रहे इलाज और स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली।
कांग्रेस नेताओं का दावा है कि पिछले ढाई महीनों में प्रभावित गांवों में 19 बच्चों की मौत हुई है।
हालांकि, जिला स्वास्थ्य विभाग ने अब तक आठ मौतों की पुष्टि की है। सिंघार ने प्रभावित गांवों के सभी निवासियों, विशेषकर बच्चों की तत्काल स्वास्थ्य जांच, मुफ्त इलाज, उचित पोषण और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को प्रभावित गांवों में प्रत्येक व्यक्ति, विशेषकर बच्चों की तत्काल जांच करनी चाहिए और मुफ्त इलाज, उचित पोषण, और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना चाहिए।
उन्होंने मौतों की निष्पक्ष जांच की भी मांग की और जिन परिवारों ने अपने बच्चे खो दिए हैं, उनके लिए आर्थिक सहायता की अपील की।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार वास्तविक संख्या छिपाने की कोशिश कर रही है।
सिंघार ने कहा कि आज मुख्यमंत्री (मोहन यादव) तिरंगा यात्रा निकाल रहे हैं, लेकिन उनके पास इन आदिवासी परिवारों के आंसू पोंछने और मासूम बच्चों की जान बचाने का समय नहीं है।
यह दौरा ऐसे समय हुआ जब स्वास्थ्य अधिकारियों ने प्रभावित गांवों में निगरानी बढ़ा दी थी।
सिविल सर्जन निलय जैन ने बताया कि बालाघाट जिला अस्पताल में अभी 39 बच्चे भर्ती हैं, जिनमें से 27 बच्चे वार्ड में और 12 आईसीयू में हैं।
आईसीयू में भर्ती कुछ मरीजों की हालत गंभीर है। अधिकारियों के मुताबिक, 13 अगस्त की रात को 23 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
बीमारी की असल वजह का अभी तक पता नहीं चल पाया है। स्थानीय लोगों ने दूषित पीने के पानी और कुपोषण को लेकर चिंता जताई है, लेकिन अधिकारियों ने बीमारी या मौतों की वजह के तौर पर इनकी पुष्टि नहीं की है।
बालाघाट कलेक्टर कुमार सत्यम ने घुम्मर, कुंडेकासा, कोरका, बोंडारी, मछुरदा, धर्मशाला और गढ़िता गांवों का दौरा किया और स्वास्थ्य टीमों की ओर से किए जा रहे घर-घर जाकर स्वास्थ्य सर्वे और स्क्रीनिंग का जायजा लिया।
उन्होंने पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट को हॉस्टल के पानी की टंकियों की नियमित सफाई करने, हैंड पंप के आस-पास साफ-सफाई बनाए रखने और पीने के पानी में क्लोरीन मिलाने (क्लोरीनेशन) को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
--आईएएनएस
एमएस/
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