अदाणी सोलर ने हासिल की बड़ी उपलब्धि, वैश्विक सोलर मॉड्यूल रैंकिंग में मिला सर्वोच्च स्थान; टॉप-10 में शामिल होने वाली इकलौती भारतीय कंपनी
अहमदाबाद, 10 जून (आईएएनएस)। भारत की कंपनी अदाणी सोलर ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। ऊर्जा अनुसंधान और कंसल्टेंसी फर्म वुड मैकेंजी की ग्लोबल सोलर फोटोवोल्टिक (पीवी) मॉड्यूल मैन्युफैक्चरर रैंकिंग 2026 में अदाणी सोलर को दुनिया में छठा स्थान मिला है। इसकी जानकारी बुधवार को दी गई।
वुड मैकेंजी ने अदाणी सोलर को ग्रेड ए रेटिंग दी है। कंपनी को यह रेटिंग मैन्युफैक्चरिंग क्षमता, तकनीक, वित्तीय मजबूती, सप्लाई चेन की स्थिरता और परिचालन प्रदर्शन जैसे मानकों पर बेहतर प्रदर्शन के आधार पर मिली है।
यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि अदाणी सोलर इस सूची में सबसे ऊंची रैंक पाने वाली भारतीय कंपनी बन गई है। यह सफलता ऐसे समय में मिली है जब भारत घरेलू सोलर निर्माण क्षमता बढ़ाने और आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।
अदाणी सोलर, अदाणी न्यू इंडस्ट्रीज लिमिटेड (एएनआईएल) की सोलर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है। कंपनी ने पिछली रैंकिंग में आठवें स्थान से सुधार करते हुए इस बार छठा स्थान हासिल किया है। रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक टॉप-10 लिस्ट में शामिल होने वाली यह एकमात्र भारतीय कंपनी है।
रिपोर्ट में दुनिया की 48 सोलर मॉड्यूल निर्माण कंपनियों का मूल्यांकन किया गया, जिसमें क्षमता उपयोग, तकनीकी परिपक्वता, वित्तीय प्रदर्शन, सप्लाई चेन की मजबूती और परिचालन क्षमता जैसे कई पहलुओं को शामिल किया गया।
अदाणी सोलर फिलहाल गुजरात के मुंद्रा स्थित अपनी एकीकृत मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की क्षमता बढ़ाकर सालाना 10 गीगावाट (जीडब्ल्यू) करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।
वर्तमान में कंपनी के पास 2 गीगावाट इनगॉट और वेफर निर्माण क्षमता है, जबकि सोलर सेल और मॉड्यूल निर्माण क्षमता 4-4 गीगावाट है।
इस बीच, अदाणी न्यू इंडस्ट्रीज लिमिटेड (एएनआईएल) के तहत काम करने वाली अदाणी विंड भी उपलब्धियां हासिल कर रही है। यह ब्लूमबर्ग एनईएफ की ग्लोबल टॉप-15 विंड टरबाइन मैन्युफैक्चरर्स सूची में शामिल होने वाली एकमात्र भारतीय कंपनी है।
वहीं, वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में कंपनी की घरेलू सोलर मॉड्यूल बिक्री साल-दर-साल आधार पर 95 प्रतिशत बढ़कर 1,459 मेगावाट पहुंच गई।
कंपनी को स्वतंत्र एजेंसी किवा पीवीईएल द्वारा किए जाने वाले सोलर मॉड्यूल विश्वसनीयता परीक्षणों में भी लगातार शीर्ष प्रदर्शनकर्ता के रूप में रेटिंग मिलती रही है।
मॉर्गन स्टेनली की हाल ही में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, नवीकरणीय ऊर्जा भारत की मध्यम अवधि की रणनीति का प्रमुख स्तंभ है, जिसका उद्देश्य विदेशी ऊर्जा निर्भरता को संरचनात्मक रूप से कम करना है।
पीएलआई (प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव) योजनाओं और सीमा शुल्क (कस्टम ड्यूटी) के समर्थन से देश में सोलर मॉड्यूल निर्माण क्षमता तेजी से बढ़ी है।
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) के आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2024 से मार्च 2025 के बीच भारत की सोलर मॉड्यूल निर्माण क्षमता 38 गीगावाट से बढ़कर 74 गीगावाट हो गई, जबकि सोलर सेल निर्माण क्षमता 9 गीगावाट से बढ़कर 25 गीगावाट तक पहुंच गई।
--आईएएनएस
डीबीपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
राम मंदिर के चढ़ावें से 7 करोड़ की चोरी का आरोप, PMO ने मांगी रिपोर्ट
अयोध्या स्थित राम मंदिर में 7 करोड़ रुपये की चोरी का दावा किया गया है, जिस पर प्रधानमंत्री कार्यालय यानी PMO ने बुधवार को मंदिर ट्रस्ट से रिपोर्ट मांगी है. दैनिक भास्कर ने सूत्रों के अनुसार इस बात का जानकारी दी है. भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने मंगलवार को प्रधानमंत्री को लेटर लिखकर सीबीआई से जांच कराने की मांग की थी.
इधर, राम मंदिर भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने मंगलवार को ट्रस्ट के सदस्यों के साथ बैठकें की. राम मंदिर परिसर के बंद कमरे में कल बैठकें हुईं, जो करीब 4 घंटे तक चली. सूत्रों की मानें तो बैठक में चढ़ावे की राशि, उसके इस्तेमाल और लेखा-जोखा जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई.
???? BIG BREAKING
— Megh Updates ????™ (@MeghUpdates) June 10, 2026
The alleged Ram Mandir donation irregularities have reportedly drawn the attention of the PMO.
— According to Dainik Jagran, Nripendra Mishra visited Ayodhya yesterday and held discussions with temple trustees. pic.twitter.com/EvSj0AlrL1
विपक्ष ने लगाया आरोप
बता दें, हाल में उत्तर प्रदेश के विपक्षी नेता ने राम मंदिर में कथित रूप से चोरी का मुद्दा उठाया था. उन्होंने कुल 11 सवाल पूछे. उन्होंने कहा कि देश की सनातन आस्था से खिलवाड़ करने वालों के पीछे आखिर कौन हैं? चढ़ावे में कथित चोरी करने वालों को आखिर कौन बचा रहा है? पूर्व मंत्री ने 7 जून को दावा किया था कि राम मंदिर से 5 से 7.5 लाख करोड़ रुपये तक की चोरी की गई है. मामले में कोर्ट को संज्ञान लेना चाहिए.
राम मंदिर से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें- Ram Mandir: राम मंदिर में बनेगी 30 फीट की दीवार, सुरक्षाकवच का करेगी काम; जानें अब तक निर्माण में कितने करोड़ खर्च हुए
चंपत राय ने दी सफाई
मामले में मंदिर ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय ने सफाई पेश की. उन्होंने कहा था कि ट्रस्ट का वक्त-वक्त पर आतंरिक ऑडिट होता है. इसमें ट्रस्ट और एसबीआई के प्रतिनिधि शामिल होते हैं. आजकल वही काम कर रहा है. अब तक ऐसी कोई भी बात सामने नहीं आई है.
राम मंदिर से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें- Ram Mandir: अगले महीने राम मंदिर पर स्थापित होगी ध्वजा, बड़े-बड़े आंधी-तूफान को झेलने की ताकत, 360 डिग्री घूम जाएगा
भाजपा नेता ने लेटर लिखकर कहा था- CBI, ED से जांच कराई जाए
अयोध्या के भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने एक लेटर लिखा था, जिसमें उन्होंने कहा था कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है. दान, चढ़ावे और मंदिर प्रशासन से जुड़े किसी भी विवाद या फिर आरोप पारदर्शिता आवश्यक है. अगर आरोप निराधार होते हैं तो जांच के माध्यम से सच्चाई सामने लाई जा सकती है. मामले की निष्पक्ष जांच किसी स्वतंत्र और उच्च स्तरीय एजेंसी से कराई गई.
राम मंदिर से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें- Ram Darbar: राम मंदिर से सामने आई राम दरबार की पहली तस्वीर, भगवान राम की मनमोहक प्रतिमा का करिए दर्शन
दान की राशि इकट्ठा करने, गिनने, लेकर जाने और बैंक में जमा करने की पूरी प्रक्रिया का विशेष रूप से ऑडिट करवाया जाएगा. अगर किसी व्यक्ति, कर्मचारी या फिर अधिकारी की गलती या फिर संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है. जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए, जिससे देश के श्रद्धालुओं का विश्वास कायम रहे.
राम मंदिर से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें- Ram Mandir Dhwajarohan: राम मंदिर ध्वजारोहण समारोह में अयोध्या सांसद को न बुलाने पर सांसद इमरान मसूद ने दी प्रतिक्रिया, कही ये बात
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation




















