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Hindu Panchang Tithi: शुभ-अशुभ तिथियों का गणित क्या है? किस दिन करें मांगलिक कार्य और कब बरतें सावधानी, समझें पूरी बात

Hindu Panchang Tithi: हिंदू पंचांग में तिथि या शुभ मुहूर्त को सिर्फ धार्मिक आस्था से नहीं जोड़ा जाता है. यह सूर्य-चंद्रमा की खगोलिय स्थिति की एक गणना है. इसे आप वैज्ञानिक गणना भी कह सकते हैं. जैसे कि हमारे हिंदू धर्म में कोई भी काम बिना पंडित को मुहूर्त दिखाएं शुरू नहीं किया जाता है. अब मुहूर्त या शादी की तारीख आखिर तय कैसे होती है? तारीख तय करने के लिए तिथि का चुनाव होता है. तिथियां पंचांग में होती है. आइए इस रिपोर्ट में समझते हैं हिंदू पंचांग की तिथियों का पूरा गणित और उनसे कैसे मुहूर्त निकाले जाते हैं. कौन से दिन सबसे शुभ होते हैं और कौन सा दिन अशुभ.

पंचांग क्या होता है?

पंचांग हिंदू वैदिक ज्योतिषों का एक पारंपरिक कैलेंडर होता है. इसका उपयोग समय की गणना, शुभ-अशुभम समय देखने के लिए किया जाता है. पंचांग के पाच अंग होते हैं पहला- तिथि, दूसरा-वार, तीसरा- नक्षत्र, चौथा-योग और पांचवा- करण. इन्हीं के आधारों पर पंचांग तैयार होता है. इन सभी अंगों की सहायता से शुभ तिथियों और मुहूर्तों का चुनाव होता है.

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तिथि क्या होती है?

तिथियां पंचांग का सबसे जरूरी अंग होता है. इसका स्थान सबसे महत्वपूर्ण होता है. जब सूर्य और चंद्रमा के बीच कोणीय दूरी होती है यानी की 12 डिग्री की दूरी तब एक तिथि का निर्माण होता है. इस प्रकार 360 डिग्री का चक्र बनता है, जिसमें कुल 30 तिथियां आती हैं. इसे चंद्रमास कहा जाता है. एक चंद्रमास में 30 तिथियों के दो पक्ष होते हैं. 

शुक्ल पक्ष- अमावस्या से पूर्णिमा तक (चंद्रमा का बढ़ना)

कृष्ण पक्ष- पूर्णिमा से अमावस्या तक (चंद्रमा का घटना)

हिंदू पंचांग में 24 घंटे की तिथि होती है?

जी नहीं, इसमें तिथि का समय 24 घंटों के आधार पर निश्चित नहीं होता है. कभी यह 19 घंटों की तिथि भी बन जाती है. कई बार यह तिथि 26 घंटे की भी हो जाती है. इसी वजह से हर साल पर्व और त्योहारों की तारीखें अलग-अलग होती है.

30 तिथियों का 5 वर्गों में विभाजन

चंद्रमास की 30 तिथियों में शुक्ल और कृष्ण पक्ष को भी पांच अलग-अलग वर्णों में विभाजित किया गया है. यानी की तिथि 5 प्रकार की होती है. सभी तिथियों का अलग महत्व होता है.

1.नंदा तिथि- इस तिथि में प्रतिपदा, षष्ठी और एकादशी पड़ती है. नंदा का अर्थ होता है सुख, आनंद और प्रसन्नता. इस तिथि के स्वामी शुक्र देव होते हैं. इसलिए, इसे खुशहाली, समृद्धि और शुभ माना जाता है. इस दिन नए काम की शुरुआत के साथ घर में शुभ कार्यों को करना चाहिए. नंदा तिथि में एकादशी पड़ती है, जो भगवान विष्णु को समर्पित होती है.

2.भद्रा तिथि- भद्रा तिथि में द्वितीया, सप्तमी और द्वादशी तिथि आती हैं. भद्रा का अर्थ है कल्याणकारी और मंगलमय. इस तिथि की खासियत है स्थिरता और विकास. शिक्षा, ज्ञान और करियर से जुड़े कार्यों के लिए यह सर्वश्रेष्ठ तिथि मानी जाती है. भद्रा तिथि के स्वामी बुध देव होते हैं. इस तिथि पर आप नई नौकरी जॉइन कर सकते हैं या वाहन खरीद सकते हैं. इस तिथि में सप्तमी पड़ती है, जिसमें सूर्यदेव की पूजा करने का खास महत्व होता है.

3.जया तिथि- तीसरी तिथि है जया तिथि. इसमें तृतीया, अष्टमी और त्रयोदशी तिथि पड़ती है.  जया का मतलब होता है जीत प्राप्त करना. जया तिथि के स्वामी मंगल ग्रह होते हैं. इस तिथि को संघर्ष में सफलता और शत्रुओं को परास्त करने वाली माना जाता है. जया तिथि पर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी शुरू कर सकते हैं. कानूनी मामलों की शुरुआत कर सकते हैं और लक्ष्य प्राप्त करने के लिए शुरुआत कर सकते हैं. इस तिथि का धार्मिक महत्व यह है कि इसमें अक्षय तृतीया आती है, त्रयोदशी तिथि पर शिवरात्रि और प्रदोष व्रत पड़ते हैं. अष्टमी पर दुर्गा अष्टमी आती है.

hindu panchang tithi Photograph: (gemini)

4.रिक्ता तिथि- रिक्ता तिथि में चतुर्थी, नवमी और चतुर्दशी आती हैं. रिक्ता यानी खाली या शून्य. इस तिथि को आमतौर परर शुभ कार्यों के लिए सही नहीं माना जाता है. वैसे तो इसे पूरी तरह अशुभ भी नहीं कहा जा सकता है क्योंकि कुछ काम इस तिथि में शुरू किए जाए तो अच्छे परिणाम देते हैं. इस तिथि पर शनिदेव का राज चलता है. रिक्ता तिथि में शादी, गृह प्रवेश, सगाई, नामकरण या नए काम की शुरुआत नहीं करते हैं. मगर कर्ज से मुक्ति, रोग निवारण, शत्रु नाश और साधना व तपस्या के लिए रिक्ता तिथ अच्छी होती है. इस तिथि में गणेश चतुर्थी, नरक चतुर्थी और राम नवमी पड़ती है.

5.पूर्णा तिथि- पूर्मा तिथि में पंचमी, दशमी, अमावस्या और पूर्णिमा आती हैं. पूर्णा का अर्थ होता है पूर्णता. इस तिथि को सफलता, संतोषजनक और शुभ परिणाम देने वाला माना जाता है. इस तिथि में पूजा-पाठ, गृह प्रवेश और नए कार्य की शुरुआत के लिए खास माना जाता है. इस तिथि में दान-पुण्य, ग्रह प्रवेश और आध्यात्मिक कार्य करना चाहिए. पूर्णा तिथि के स्वामी गुरु ग्रह होते हैं. नाग पंचमी, विजयादशमी, गुरु पूर्णिमा, शरद पूर्णिमा और कार्तिक पूर्णिमा इस तिथि में आती हैं.

कौन सी तिथियों को सबसे शुभ माना जाता है?

ज्योतिष शास्त्र में कुछ तिथियों को सबसे ज्यादा शुभ माना जाता है. जैसे की सर्वसिद्धि और अबूझ मुहूर्त. इन तिथियों पर पूरे दिन शुभ मुहूर्त रहता है.

  • अक्षय तृतीया- इस दिन शुरू किया गया कार्य आपको अक्षय फल प्रदान करता है.
  • वसंत पंचमी- शिक्षा, विद्या और कला से जुड़े कार्यों का प्रारंभ इस दिन करना अत्यंत शुभ होता है.
  • विजयदशमी- इस तिथि पर नए कार्यों की शुरुआत के साथ-साथ ऐसे कानूनी मामलों की शुरुआत कर सकते हैं, जिसमे विजय प्राप्त करनी हो.
  • देवउठनी एकादशी- चातुर्मास के बाद भगवान विष्णु निद्रा अवस्था से जागृत होते हैं और उसके बाद से विवाह जैसे मंगल कार्यों की शुरुआत होती है.

परंपरागत मान्यता है कि इन सभी तिथियों में कोई विशेष मुहूर्त नहीं देखा जाता है. हां, मगर व्यक्तिगत कुंडली से शुभ समय का आंकलन हो सकता है.

किन तिथियों में मांगलिक कार्य नहीं किए जाते?

हिंदू पंचांग में कुछ तिथियों पर मांगलिक कार्य बिल्कुल नहीं होते हैं जैसे चतुर्थी, नवमी और चतुर्दशी तिथि. इसके अलावा, अमावस्या पर भी मांगलिक कार्य नहीं होते हैं. भद्र काल के प्रभाव वाली तिथियों में शुभ काम नहीं होते हैं. इसके अलावा, ग्रहण काल की अवधि में भी शुभ कार्यों से बचने की परंपरा है.

विवाह, गृह प्रवेश और मुंडन के लिए कौन-सी तिथियां शुभ होती हैं?

  • द्वितीया
  • तृतीया
  • पंचमी
  • सप्तमी
  • दशमी
  • एकादशी
  • त्रयोदशी

नक्षत्र क्या होता है?

ज्योतिष में नक्षत्र को पूरे आकाश मंडल से जोड़ा जाता है. आकाश में स्थित तारों के उस समूह या तारामंडल को नक्षत्र कहते हैं, जिनके बीच से होकर चंद्रमा गुजरता है. ज्योतिष में मुख्यत: 27 नक्षत्र होते हैं. मगर इसमें एक अतिरिक्त 28वां अभिजीत नक्षत्र भी शामिल होता है. यह नक्षत्र छिपा हुआ माना जाता है इसलिए, इसे मानक नक्षत्रों में नहीं गिना जाता है.

hindu panchang tithi Photograph: (Gemini)

विवाह, गृह प्रवेश और मुंडन संस्कार के लिए शुभ नक्षत्र कौन से हैं?

रोहिणी, मृगशिरा, महा, उत्तराफालगुनी, हस्त, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा,  उत्तराभाद्रपद और रेवती. इन नक्षत्रों में सभी कार्य किए जा सकते हैं.

अमावस्या और पूर्णिमा तिथि का क्या महत्व होता है?

अमावस्या का महत्व- अमावस्या के दिन चंद्रमा दिखाई नहीं देते हैं. इस दिन पितरों का तर्पण, दान, ध्यान-साधना के साथ तीर्थ स्नान कर सकते हैं. अमावस्या को आध्यात्मिक ऊर्जा और आत्मचिंतन का दिन कहा जाता है. 

पूर्णिमा का महत्व- पूर्णिमा तिथि पर चंद्रमा पूर्ण रूप से दिखाई देता है. इस दिन सत्यनारायण की पूजा, व्रत, दान-पुण्य और कथा करवा सकते हैं. मान्यता है कि इस तिथि को सकरात्मकता के साथ मानसिक शांति का प्रतीक भी माना जाता है.

क्या कोई तिथि पूरी तरह शुभ या अशुभ होती है?

ज्योतिष शास्त्र की मानें तो पंचांग में कोई भी एक तिथि पूरी तरह अशुभ नहीं होती है. किसी तिथि का विशलेषण सिर्फ तिथि के आधार पर नहीं होता है. इसके साथ-साथ नक्षत्र, करण, वार और योग भी देखा जाता है. उदाहरण के लिए, पंचमी, दशमी या एकादशी जैसी तिथियां सामान्यतः शुभ होती हैं लेकिन यदि उस दिन अशुभ नक्षत्र, भद्रा काल, राहुकाल या प्रतिकूल ग्रह स्थिति हो, तो मांगलिक कार्यों को टालने की सलाह दी जा सकती है.

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'जेब में सिक्का डाल ले, वरना उड़ जाएगी' दुबले शरीर के लिए इस 'नागिन' को मिलते थे ताने, हो चुकी है बॉडी शेमिंग का शिकार

Tejasswi Prakash Birthday Special: टीवी इंडस्ट्री की सबसे चुलबुली और फेमस एक्ट्रेसेस में से एक तेजस्वी प्रकाश आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं. रियलिटी शो 'बिग बॉस 15' का खिताब अपने नाम करने के बाद से ही वह लगातार सफलता की सीढ़ियां चढ़ रही हैं और अपनी पर्सनल व प्रोफेशनल लाइफ को लेकर हमेशा चर्चा में बनी रहती हैं.

आज तेजस्वी प्रकाश ने ग्लैमर वर्ल्ड में अपनी कड़ी मेहनत और प्रतिभा के दम पर एक बड़ा मुकाम हासिल किया है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि करोड़ों दिलों पर राज करने वाली इस खूबसूरत एक्ट्रेस को भी अपनी जिंदगी में एक दौर ऐसा देखना पड़ा था, जब लोग उन्हें देखकर उनके शरीर का मजाक उड़ाते थे. आज तेजस्वी प्रकाश अपना 34वां जन्मदिन मना रही हैं. इस मौके पर जानिए एक्ट्रेस की जिंदगी के एक दुखदायी किस्से के बारे में... 

स्कूल के दिनों में झेलना पड़ा था ताना

एक पुराने इंटरव्यू के दौरान तेजस्वी प्रकाश ने अपने बचपन और स्कूल के दिनों के कड़वे अनुभवों को साझा किया था. उन्होंने बताया कि स्कूल के समय में बेहद पतली होने के कारण उन्हें अक्सर गंभीर बॉडी शेमिंग का सामना करना पड़ता था. तेजस्वी ने खुलकर बात करते हुए कहा, "जब मैं स्कूल में थी, तब मेरा वजन बहुत ही कम था और मैं बेहद दुबली-पतली हुआ करती थी. लोग मुझे अजीब-अजीब नामों से बुलाते थे और मेरा मजाक उड़ाते थे."

"जेब में 5 रुपये का सिक्का रखो, वरना..."

एक्ट्रेस ने उस दौर का एक बेहद दिलचस्प और इमोशनल किस्सा साझा करते हुए बताया, "मैं इतनी ज्यादा पतली थी कि जब भी हम स्कूल के खेल के मैदान में खेलने जाते थे, तो बाकी बच्चे मुझे देखकर ताने कसते थे. वे मुझसे अक्सर कहते थे, 'अरे, जरा अपनी जेब में 5 रुपये का सिक्का डाल कर रखा करो, वरना इतनी तेज हवा चल रही है कि तुम उड़ जाओगी.' इस तरह की बातें सुनकर उस उम्र में काफी बुरा लगता था."

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मुश्किल दौर से कैसे बाहर निकलीं तेजस्वी?

वक्त के साथ तेजस्वी ने इन कड़वी यादों और नेगेटिविटी से निपटना सीखा. उन्होंने इस बात पर भी चर्चा की कि वह इन परिस्थितियों से कैसे बाहर आईं. तेजस्वी के मुताबिक, जब भी वह परेशान होती थीं, तो अपने करीबी और पसंदीदा लोगों से बात करती थीं. उनका मानना है कि अपनी समस्याओं और संघर्षों को स्वीकार करना ही उन्हें हल करने की दिशा में पहला कदम होता है. उन्होंने फैंस को एक बेहद खूबसूरत सीख देते हुए कहा, "जिस दिन आप खुद से वैसे ही प्यार करना शुरू कर देंगे जैसे आप असल में हैं, तो पूरी दुनिया भी मजबूर होकर आपसे उतना ही प्यार करने लग जाएगी."

करण कुंद्रा के साथ कपल गोल्स देती हैं एक्ट्रेस

अगर तेजस्वी प्रकाश की निजी जिंदगी की बात करें, तो 'बिग बॉस 15' के घर के अंदर से शुरू हुई उनकी और एक्टर करण कुंद्रा की लव स्टोरी आज भी पूरे परवान पर है. इस शो के दौरान दोनों के बीच प्यार पनपा था, जो शो से बाहर आने के बाद और भी ज्यादा गहरा हो गया है. आज दोनों टीवी इंडस्ट्री के सबसे पसंदीदा और चर्चित कपल्स में से एक हैं और अक्सर सोशल मीडिया पर फैंस को मेजर कपल गोल्स देते हुए नजर आते हैं.

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  Sports

T20 World Cup के फौरन बाद Pakistan Women Team का Sri Lanka दौरा, होगी 6 मैचों की सीरीज़

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने इंग्लैंड में आईसीसी टी20 विश्व कप खत्म होने के कुछ दिन बाद अपनी राष्ट्रीय महिला टीम के लिए श्रीलंका में सीमित ओवरों की एक श्रृंखला का इंतजाम किया है। पाकिस्तान और श्रीलंका दोनों अभी महिला टी20 विश्व कप में हिस्सा लेने के लिए ब्रिटेन में हैं।

यह टूर्नामेंट 12 जून को शुरू होगा और पांच जुलाई को खत्म होगा। पीसीबी के मुताबिक पाकिस्तान की महिला टीम सीमित ओवरों के छह मैच के लिए श्रीलंका का दौरा करेगी जो 23 जुलाई से शुरू होंगे। सभी छह मैच महिंदा राजपक्षे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाएंगे।

दोनों टीमों के बीच पहले 23 जुलाई से एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला होगी जो आईसीसी महिला चैंपियनशिप 2025-29 का हिस्सा है। दो अन्य मैच 25 और 28 जुलाई को होंगे। एकदिवसीय श्रृंखला के बाद पाकिस्तान तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय भी खेलेगा जो 31 जुलाई, दो तथा चार अगस्त को होंगे।

Wed, 10 Jun 2026 15:42:27 +0530

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