उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव की फाइनल वोटर लिस्ट आज होगी जारी, ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा मतदाताओं का ब्यौरा
उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पंचायत चुनाव के अंतिम मतदाता सूची बुधवार 10 जून यानी आज जारी की जाएगी। आयोग द्वारा इस सूची के प्रकाशन तिथि पांच बार बढ़ाई जा चुकी है लेकिन इस बार तारीख में कोई संशोधन नहीं किया गया है। इस सूची के साथ करोड़ मतदाताओं के नाम सामने आएंगे और चुनाव को लेकर स्थिति भी साफ हो सकती है।
आयोग द्वारा 23 दिसंबर को पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की गई थी। इस सूची में प्रदेश के 12.69 करोड़ मतदाताओं के नाम दर्ज थे। इसमें 1.81 करोड़ नए नाम जोड़े गए थे और 21.08 मतदाताओं के नाम में संशोधन किया गया था। वहीं 1.41 करोड़ नाम सूची से काट दिए गए थे। 2021 की मतदाता सूची में 12.29 करोड़ मतदाता शामिल थे।
आपत्तियों पर आए थे आवेदन
अंतिम सूची जारी होने के बाद मतदाताओं से दावे और आपत्तियां आमंत्रित की गई थी। इसके बाद देश भर से लाखों आवेदन आयोग पहुंचे थे। राजू निर्वाचन आयोग द्वारा इन सभी की सुनवाई कर समाधान पूरा कर लिया गया है।
डुप्लीकेट नामों का सत्यापन
अप्रैल और मई के महीने में बताता सूची में जो डुप्लीकेट नाम दर्ज हैं। उनके सत्यापन के लिए एक विशेष अभियान भी चलाया गया था। यह प्रक्रिया पूरी हो गई है और डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम लिस्ट से हटाए गए हैं। आयोग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद बुधवार को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
ऑनलाइन देख सकते हैं जानकारी
इस बार राज्य के मतदाताओं के लिए आयोग तकनीक का भरपूर प्रयोग करने जा रहा है। सभी मतदाताओं को स्टेट वोटर नंबर जारी किए गए हैं। इनकी सारी जानकारी फोटो सहित ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी। ऐसे में कोई भी व्यक्ति दो बार वोट नहीं डाल सकेगा। मोबाइल एप्लीकेशन की मदद से मतदाता की पोलिंग बूथ पर फोटो खींची जाएगी। इसके बाद यह पता चल जाएगा कि इसने पहले वोट डाला है या नहीं।
यूपी में चुनाव से पहले बड़ा विभागीय बदलाव, नंद गोपाल गुप्ता नंदी से UPIDA विभाग वापस लिया, अब खुद CM योगी संभालेंगे जिम्मेदारी
उत्तर प्रदेश की राजनीति और प्रशासन में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। दरअसल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी से यूपीडा विभाग वापस ले लिया है। अब उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी UPIDA का पूरा काम मुख्यमंत्री खुद देखेंगे। सरकार की ओर से जारी आदेश में इस बदलाव की पुष्टि की गई है।
दरअसल सरकार ने एक्सप्रेसवे और बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के उद्देश्य से यह फैसला लिया है। आदेश के मुताबिक, अब यूपीडा से जुड़े सभी कार्य अवस्थापना विकास अनुभाग को सौंपे जाएंगे। यह विभाग पहले से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास है। इस फैसले के बाद गंगा एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे समेत कई बड़े प्रोजेक्ट्स की निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय के तहत होगी।
अब नंद गोपाल के पास कौन से विभाग बचे?
वहीं नंद गोपाल गुप्ता नंदी उत्तर प्रदेश सरकार में लंबे समय से अहम विभाग संभाल रहे थे। दरअसल उनके पास औद्योगिक विकास, निर्यात प्रोत्साहन, एनआरआई और यूपीडा जैसे बड़े विभाग थे। अब यूपीडा का कार्यभार उनसे वापस ले लिया गया है। हालांकि उनके पास अभी भी औद्योगिक विकास विभाग, निर्यात प्रोत्साहन विभाग और एनआरआई विभाग मौजूद रहेंगे।
सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि एक्सप्रेसवे परियोजनाओं और अवस्थापना विकास से जुड़े कामों को एक ही विभाग के अंतर्गत लाने से फैसले लेने की प्रक्रिया तेज होगी। साथ ही परियोजनाओं की निगरानी और समन्वय में भी आसानी होगी। यूपी में इस समय कई बड़े एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है, जिनमें गंगा एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे शामिल हैं।
अखिलेश यादव ने साधा निशाना
दरअसल समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस फैसले पर बीजेपी सरकार को घेरा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए नंद गोपाल गुप्ता नंदी से यूपीडा विभाग वापस लेने पर तंज कसा। अखिलेश यादव ने लिखा कि जब एक्सप्रेसवे बन गए और भ्रष्टाचार का टारगेट पूरा हो गया, तब विभाग हटाया गया।
उन्होंने अपने पोस्ट में आगे कहा कि अभी “हाफ” हुए हैं और आगे विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर “साफ” हो जाएंगे। अखिलेश यादव ने एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए और सरकार पर निशाना साधा।
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