Wipro के शेयर में 2 दिन में 11% की गिरावट, बायबैक रिकॉर्ड डेट के बाद टूटा स्टॉक
Wipro Shares: विप्रो के शेयर पिछले 2 ट्रेडिंग सेशन में 11% से ज्यादा टूट गए हैं. कंपनी के ₹15,000 करोड़ के शेयर बायबैक प्रोग्राम की रिकॉर्ड डेट गुजरने के बाद स्टॉक पर जबरदस्त दबाव देखने को मिला है. कंपनी ने बायबैक के लिए 5 जून को रिकॉर्ड डेट तय की थी. शुक्रवार को विप्रो का शेयर 2.91% गिरकर बंद हुआ और सोमवार को गिरावट की ओर बढ़ते हुए NSE पर 8.45 फीसदी की बड़ी गिरावट के साथ ₹181.60 प्रति शेयर पर बंद हुआ.
गिरावट की असली वजह क्या है?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह तेज गिरावट कंपनी के बिजनेस फंडामेंटल्स में किसी कमजोरी की वजह से नहीं, बल्कि बायबैक रिकॉर्ड डेट के बाद होने वाले प्राइस एडजस्टमेंट का नतीजा है. Share.Market by PhonePe के क्वांट रिसर्चर निश्र्चल जैन ने मनीकंट्रोल को बताया कि यह गिरावट मुख्य रूप से उन शॉर्ट टर्म इंवेस्टर्स के पोजिशन से बाहर निकलने की वजह से आई जो कंपनी के ₹250 प्रति शेयर के बायबैक ऑफर के लिए एलिजिबल हो चुके थे. जैन ने कहा कि 2 लगातार ट्रेडिंग सेशन में विप्रो में आई 11% की गिरावट एक स्ट्रक्चरल प्राइस एडजस्टमेंट है, न कि किसी बड़े फंडामेंटल ब्रेकडाउन का संकेत. 5 जून की रिकॉर्ड डेट के बाद शेयर ने अपना कॉर्पोरेट एक्शन प्रीमियम गंवा दिया और करीब ₹204 से फिसलकर ₹183-184 के जोन में आ गया.
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कहां है सपोर्ट और रेजिस्टेंस?
निश्र्चल जैन के मुताबिक, अब शेयर ₹180 से ₹184 के एक अहम सपोर्ट जोन में आ गया है, जहां रिकॉर्ड इंस्टीट्यूशनल खरीदारी देखी गई है. उन्होंने बताया कि किसी भी रिकवरी को शुरुआत में ₹195 पर और उसके बाद ₹200-205 के रेंज में मजबूत रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है. जैन ने यह भी कहा कि ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव और निफ्टी IT इंडेक्स में प्रॉफिट बुकिंग ने भी हालिया वोलैटिलिटी में योगदान दिया होगा. हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि सर्विस नाउ के साथ विप्रो की एक्सपेंडेड एंटरप्राइज AI पार्टनरशिप और Aggne Global में 80 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण कंपनी के लॉन्ग टर्म ग्रोथ आउटलुक को मजबूती देते हैं. लंबी अवधि के निवेशकों के लिए जैन का कहना है कि हालिया करेक्शन ने रिस्क लेवल को कम किया है, बशर्ते शेयर वीकली क्लोजिंग बेसिस पर ₹180 के ऊपर टिका रहे.
टेक्निकल एनालिसिस क्या कह रही है?
बोनांजा के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट विराट जगद का कहना है कि विप्रो फिलहाल ₹176-180 के एक अहम लॉन्ग टर्म सपोर्ट जोन के करीब ट्रेड कर रहा है, जो ऐतिहासिक रूप से एक मजबूत डिमांड एरिया रहा है. उन्होंने बताया कि शेयर अपने 20 और 50 महीने के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) से नीचे है, जो मीडियम टर्म ट्रेंड की कमजोरी को दर्शाता है. साथ ही RSI भी लोअर रेंज में है, जो सुस्त मोमेंटम का संकेत देता है.
शॉर्ट टर्म इंवेस्टर्स क्या करें?
जगद ने आगाह किया कि अगर शेयर ₹176 के नीचे टूटा तो यह नई बिकवाली को ट्रिगर कर सकता है और स्टॉक ₹160 और फिर ₹145 के स्तर तक खिंच सकता है. ऊपर की तरफ किसी भी रिबाउंड को ₹205-210 के रेंज में रेजिस्टेंस मिल सकता है, उसके बाद ₹230 पर अगली बाधा है. उन्होंने ट्रेडर्स को ₹176 के सपोर्ट लेवल पर करीबी नजर रखने की सलाह दी और कहा कि इसका टूटना आने वाले महीनों में और दबाव ला सकता है. शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स के लिए ₹176 का लेवल बेहद महत्वपूर्ण है, जबकि लॉन्ग टर्म निवेशक ₹180 के ऊपर वीकली क्लोजिंग को एंट्री के लिए एक पॉजिटिव संकेत मान सकते हैं.
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डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में निवेश विशेषज्ञों के विचार उनके अपने हैं. शेयर बाजार में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है. किसी भी शेयर में पैसा लगाने से पहले अपने सर्टिफाइड फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें.
हॉर्मुज में ऑयल टैंकर पर हुआ हमला, 24 भारतीयों की जान पर बनी आफत; रेस्क्यू ऑपरेशन कर सबको बचाया
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव का असर अब समुद्री क्षेत्र में भी दिखाई देने लगा है. हॉर्मुज जलडमरूमध्य में हालात पहले से ही तनावपूर्ण बने हुए हैं. इसी बीच एक मारिवेक नाम के ऑयल टैंकर पर हमले की खबर सामने आई है. दावा किया जा रहा है कि इस जहाज पर 24 भारतीय नागरिक भी मौजूद थे. घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसके बाद पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है. ताजा जानकारी के मुताबिक, रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सभी को सुरक्षित निकाला गया.
जहाज पर लगी आग, क्रू मेंबर्स ने मांगी मदद
जानकारी के मुताबिक हमले के बाद जहाज में आग लग गई और हालात तेजी से बिगड़ने लगे. जहाज पर मौजूद क्रू मेंबर्स ने बताया कि शिप के अंदर पानी घुस रहा था, जिससे उसके डूबने का खतरा बढ़ गया था. उन्होंने यह भी बताया कि जहाज पर मौजूद लाइफ बोट में भी आग लग गई थी. आग की वजह से कई रस्सियां जल गईं और बचाव कार्य में मुश्किलें पैदा हो गईं. क्रू मेंबर्स ने तुरंत आपातकालीन सहायता की मांग की. रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि भारतीय नौसेना का जहाज भी आसपास मौजूद था, हालांकि इस संबंध में आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.
BREAKING: India says fire reported on oil tanker off Oman with 24 Indian sailors, but all crew safe
— Al Jazeera Breaking News (@AJENews) June 8, 2026
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