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नारनौल की इशिता यादव का भारतीय टीम में चयन:एशियन ओपन स्पीड स्केटिंग चैंपियनशिप में दिखाएंगी दम, 15 देशों के खिलाड़ी लेंगे भाग

हरियाणा में नारनौल की पुरानी मंडी निवासी युवा खिलाड़ी इशिता यादव का चयन एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग चैंपियनशिप-2026 के लिए भारतीय टीम में हुआ है। इशिता 17 से 20 अगस्त तक उत्तराखंड के देहरादून में आयोजित होने वाली इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। प्रतियोगिता में एशिया के 15 देशों के खिलाड़ी भाग लेंगे। इशिता यादव ने अपनी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के दम पर यह उपलब्धि हासिल की है। वह शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग के साथ-साथ स्केटिंग की भी राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी हैं। उनके चयन से जिले में खुशी का माहौल है और खेल प्रेमियों ने इसे क्षेत्र के लिए गौरव की बात बताया है। माता-पिता को दिया श्रेय इशिता ने अपनी सफलता का श्रेय पिता इंद्रजीत यादव, माता माधुरी यादव, कोच फिलिप्स सर, दादा हुक्म सिंह, दादी वीरमती देवी तथा गुदड़ी वाले हनुमान के आशीर्वाद को दिया। उन्होंने कहा कि परिवार और कोच के लगातार सहयोग व मार्गदर्शन से ही वह इस मुकाम तक पहुंच सकी हैं। अनेक लोगों ने दी बधाई परिवार के सदस्यों राव मूलचंद यादव, होशियार सिंह, अजीत यादव, सुरभि यादव और रामरती देवी सहित अन्य परिजनों व शुभचिंतकों ने इशिता को बधाई देते हुए अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन की शुभकामनाएं दीं। युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा स्त्रोत इशिता का भारतीय टीम में चयन न केवल उनके खेल जीवन की बड़ी उपलब्धि है, बल्कि जिले के अन्य युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। अब सभी को उम्मीद है कि वह एशियन चैंपियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश और हरियाणा का नाम रोशन करेंगी।

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टाटा स्टील ने जमशेदपुर FC को सिर्फ ₹100 में बेचा:क्लब चर्चिल-ब्रदर्स खरीदेगा; जानें ISL में घाटे और भारतीय फुटबॉल के भविष्य पर क्या असर होगा

टाटा स्टील ने इंडियन सुपर लीग की अपनी फुटबॉल टीम 'जमशेदपुर FC' को केवल 100 रुपए में गोवा के मशहूर स्पोर्ट्स क्लब चर्चिल ब्रदर्स को बेचने का फैसला किया है। टाटा स्टील ने अपनी 100% हिस्सेदारी ट्रांसफर करने के लिए शेयर परचेज एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इस पूरे घटनाक्रम, डील की शर्तों और भारतीय फुटबॉल पर इसके असर को QA रिपोर्ट में समझें… सवाल 1. इस ₹100 की डील में चर्चिल ब्रदर्स को क्या-क्या मिलेगा? जवाब: इस डील के तहत चर्चिल ब्रदर्स को जमशेदपुर FC का इंडियन सुपर लीग स्पोर्टिंग लाइसेंस, टीम के खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट्स मिलेंगे। इसमें 12 खिलाड़ियों और 2 कोचों के एक्टिव कॉन्ट्रैक्ट शामिल हैं, जिन्हें सितंबर 2026 से चर्चिल ब्रदर्स टेकओवर करेगा। सवाल 2. यह डील कब से लागू होगी और इसके लिए किन मंजूरी की जरूरत है? जवाब: चर्चिल ब्रदर्स सितंबर 2026 से क्लब की तमाम जिम्मेदारियों, खिलाड़ियों और कोच के कॉन्ट्रैक्ट्स को संभालेगा। हालांकि, इस ट्रांसफर को ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) और अन्य रेगुलेटरी अथॉरिटीज से मंजूरी मिलना बाकी है। सवाल 3. टाटा स्टील ने जमशेदपुर FC बेचने का फैसला क्यों लिया? जवाब: यह फैसला टाटा स्टील के उस हालिया ऐलान के तुरंत बाद आया है, जिसमें कंपनी ने कहा था कि जमशेदपुर FC आगामी ISL सीजन में हिस्सा नहीं लेगी। ISL के बढ़ते वित्तीय घाटे और लीग मॉडल की कॉमर्शियल विजिबिलिटी पर उठ रहे सवालों के कारण कंपनी ने हटने का फैसला लिया। सवाल 4. खरीदार क्लब 'चर्चिल ब्रदर्स' का बैकग्राउंड क्या है? जवाब: चर्चिल ब्रदर्स गोवा का एक प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक फुटबॉल क्लब है, जिसे करीब चार दशकों का अनुभव है। यह क्लब भारतीय फुटबॉल की आई-लीग का दो बार चैंपियन रह चुका है और देश के सबसे पुराने व लगातार खेलने वाले क्लबों में गिना जाता है। सवाल 5. क्या ISL में बाकी टीमों और मीडिया राइट्स की स्थिति भी खराब है? जवाब: हां, ISL का कॉमर्शियल मॉडल इस वक्त भारी दबाव में है। इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ISL के मीडिया राइट्स की वैल्यू में भारी गिरावट आई है। जहां पहले जियो स्टार सालाना ₹275 करोड़ देता था, वहीं 2025-26 सीजन के लिए फैनकोड से सिर्फ ₹8.6 करोड़ का ऑफर मिला है। सवाल 6. क्या टाटा स्टील से पहले भी किसी बड़े इन्वेस्टर ने भारतीय फुटबॉल छोड़ा है? जवाब: हां, इससे पहले मैनचेस्टर सिटी के मालिक 'सिटी फुटबॉल ग्रुप' (CFG) ने पिछले साल मुंबई सिटी FC से अपना इनवेस्टमेंट वापस ले लिया था। इसके अलावा, फुटबॉल स्पोर्ट्स डेवलपमेंट लिमिटेड (FSDL) और AIFF के बीच 15 साल पुराना कमर्शियल एग्रीमेंट विवादों के चलते खत्म हो चुका है। सवाल 7. भारतीय फुटबॉल इकोसिस्टम को अब तक कितना नुकसान हो चुका है? जवाब: बाजार के अनुमानों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीते 15 सालों में भारतीय फुटबॉल इकोसिस्टम में भारी निवेश किया गया, लेकिन इस दौरान क्लबों और निवेशकों को ₹5,000 करोड़ से अधिक का नुकसान झेलना पड़ा है। सवाल 8. क्लब बेचने के बाद क्या टाटा स्टील फुटबॉल से पूरी तरह बाहर हो जाएगी? जवाब: नहीं, टाटा स्टील ने साफ किया है कि वह ग्रासरूट और यूथ फुटबॉल में निवेश जारी रखेगी। कंपनी विशेष रूप से स्थानीय और जनजातीय युवाओं के विकास पर फोकस करेगी। वह अपने स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल AIFF के सहयोग से यूथ एकेडमी और ग्रासरूट डेवलपमेंट के लिए करेगी। सवाल 9. टाटा फुटबॉल एकेडमी (TFA) का क्या इतिहास रहा है? जवाब: टाटा ग्रुप का भारतीय फुटबॉल में बहुत पुराना योगदान रहा है। टाटा फुटबॉल एकेडमी (TFA) की स्थापना 1987 में हुई थी। अब तक TFA से 300 से अधिक कैडेट्स ट्रेनिंग ले चुके हैं, जिनमें से 150 से ज्यादा खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया है। नॉलेज पार्ट: जानें क्या है JFSPL और I-League vs ISL यदि आप भारतीय फुटबॉल के प्रशंसक हैं, तो ISL के घटते वित्तीय राजस्व और बड़े कॉर्पोरेट्स के पीछे हटने से आने वाले सीजनों में लीग के फॉर्मेट, टेलीकास्ट क्वालिटी और विदेशी खिलाड़ियों के अनुबंध पर बड़ा असर देखने को मिल सकता है।

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  Sports

स्वतंत्रता दिवस 2026, भारत का 600वां टेस्ट मैच, श्रीलंका में ऐतिहासिक पल पर क्या बोले गिल-गंभीर

2026 में स्वतंत्रता दिवस पर भारतीय क्रिकेट टीम श्रीलंका में अपना 600वां टेस्ट मैच खेलेगी। कप्तान ने इसे खास बताया और देश के लिए खेलने के गर्व को साझा किया। यह ऐतिहासिक मील का पत्थर भारतीय क्रिकेट के लिए गर्व का क्षण है। Fri, 14 Aug 2026 19:13:03 +0530

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