टाटा स्टील ने जमशेदपुर FC को सिर्फ ₹100 में बेचा:क्लब चर्चिल-ब्रदर्स खरीदेगा; जानें ISL में घाटे और भारतीय फुटबॉल के भविष्य पर क्या असर होगा
टाटा स्टील ने इंडियन सुपर लीग की अपनी फुटबॉल टीम 'जमशेदपुर FC' को केवल 100 रुपए में गोवा के मशहूर स्पोर्ट्स क्लब चर्चिल ब्रदर्स को बेचने का फैसला किया है। टाटा स्टील ने अपनी 100% हिस्सेदारी ट्रांसफर करने के लिए शेयर परचेज एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इस पूरे घटनाक्रम, डील की शर्तों और भारतीय फुटबॉल पर इसके असर को QA रिपोर्ट में समझें… सवाल 1. इस ₹100 की डील में चर्चिल ब्रदर्स को क्या-क्या मिलेगा? जवाब: इस डील के तहत चर्चिल ब्रदर्स को जमशेदपुर FC का इंडियन सुपर लीग स्पोर्टिंग लाइसेंस, टीम के खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट्स मिलेंगे। इसमें 12 खिलाड़ियों और 2 कोचों के एक्टिव कॉन्ट्रैक्ट शामिल हैं, जिन्हें सितंबर 2026 से चर्चिल ब्रदर्स टेकओवर करेगा। सवाल 2. यह डील कब से लागू होगी और इसके लिए किन मंजूरी की जरूरत है? जवाब: चर्चिल ब्रदर्स सितंबर 2026 से क्लब की तमाम जिम्मेदारियों, खिलाड़ियों और कोच के कॉन्ट्रैक्ट्स को संभालेगा। हालांकि, इस ट्रांसफर को ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) और अन्य रेगुलेटरी अथॉरिटीज से मंजूरी मिलना बाकी है। सवाल 3. टाटा स्टील ने जमशेदपुर FC बेचने का फैसला क्यों लिया? जवाब: यह फैसला टाटा स्टील के उस हालिया ऐलान के तुरंत बाद आया है, जिसमें कंपनी ने कहा था कि जमशेदपुर FC आगामी ISL सीजन में हिस्सा नहीं लेगी। ISL के बढ़ते वित्तीय घाटे और लीग मॉडल की कॉमर्शियल विजिबिलिटी पर उठ रहे सवालों के कारण कंपनी ने हटने का फैसला लिया। सवाल 4. खरीदार क्लब 'चर्चिल ब्रदर्स' का बैकग्राउंड क्या है? जवाब: चर्चिल ब्रदर्स गोवा का एक प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक फुटबॉल क्लब है, जिसे करीब चार दशकों का अनुभव है। यह क्लब भारतीय फुटबॉल की आई-लीग का दो बार चैंपियन रह चुका है और देश के सबसे पुराने व लगातार खेलने वाले क्लबों में गिना जाता है। सवाल 5. क्या ISL में बाकी टीमों और मीडिया राइट्स की स्थिति भी खराब है? जवाब: हां, ISL का कॉमर्शियल मॉडल इस वक्त भारी दबाव में है। इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ISL के मीडिया राइट्स की वैल्यू में भारी गिरावट आई है। जहां पहले जियो स्टार सालाना ₹275 करोड़ देता था, वहीं 2025-26 सीजन के लिए फैनकोड से सिर्फ ₹8.6 करोड़ का ऑफर मिला है। सवाल 6. क्या टाटा स्टील से पहले भी किसी बड़े इन्वेस्टर ने भारतीय फुटबॉल छोड़ा है? जवाब: हां, इससे पहले मैनचेस्टर सिटी के मालिक 'सिटी फुटबॉल ग्रुप' (CFG) ने पिछले साल मुंबई सिटी FC से अपना इनवेस्टमेंट वापस ले लिया था। इसके अलावा, फुटबॉल स्पोर्ट्स डेवलपमेंट लिमिटेड (FSDL) और AIFF के बीच 15 साल पुराना कमर्शियल एग्रीमेंट विवादों के चलते खत्म हो चुका है। सवाल 7. भारतीय फुटबॉल इकोसिस्टम को अब तक कितना नुकसान हो चुका है? जवाब: बाजार के अनुमानों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीते 15 सालों में भारतीय फुटबॉल इकोसिस्टम में भारी निवेश किया गया, लेकिन इस दौरान क्लबों और निवेशकों को ₹5,000 करोड़ से अधिक का नुकसान झेलना पड़ा है। सवाल 8. क्लब बेचने के बाद क्या टाटा स्टील फुटबॉल से पूरी तरह बाहर हो जाएगी? जवाब: नहीं, टाटा स्टील ने साफ किया है कि वह ग्रासरूट और यूथ फुटबॉल में निवेश जारी रखेगी। कंपनी विशेष रूप से स्थानीय और जनजातीय युवाओं के विकास पर फोकस करेगी। वह अपने स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल AIFF के सहयोग से यूथ एकेडमी और ग्रासरूट डेवलपमेंट के लिए करेगी। सवाल 9. टाटा फुटबॉल एकेडमी (TFA) का क्या इतिहास रहा है? जवाब: टाटा ग्रुप का भारतीय फुटबॉल में बहुत पुराना योगदान रहा है। टाटा फुटबॉल एकेडमी (TFA) की स्थापना 1987 में हुई थी। अब तक TFA से 300 से अधिक कैडेट्स ट्रेनिंग ले चुके हैं, जिनमें से 150 से ज्यादा खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया है। नॉलेज पार्ट: जानें क्या है JFSPL और I-League vs ISL यदि आप भारतीय फुटबॉल के प्रशंसक हैं, तो ISL के घटते वित्तीय राजस्व और बड़े कॉर्पोरेट्स के पीछे हटने से आने वाले सीजनों में लीग के फॉर्मेट, टेलीकास्ट क्वालिटी और विदेशी खिलाड़ियों के अनुबंध पर बड़ा असर देखने को मिल सकता है।
‘टॉक्सिक’ में दिखेगा यश का अलग अंदाज, एक्टर ने कहा- 'गीतू मोहनदास ने कम्फर्ट जोन से बाहर निकाला, उन्हें थैंक यू’
Toxic Actor Yash on Geetu Mohandas: साउथ सिनेमा के रॉकिंग स्टार यश इन दिनों अपनी मच अवेटेड फिल्म ‘टॉक्सिक: अ फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ को लेकर लगातार सुर्खियों में हैं. फिल्म को लेकर फैंस के बीच जबरदस्त एक्साइटमेंट देखने को मिल रही है. हाल ही में मुंबई में फिल्म का म्यूजिक लॉन्च इवेंट किया गया, जहां यश ने फिल्म से जुड़े कई पहलुओं पर खुलकर बात की. इस दौरान उन्होंने फिल्म की डायरेक्टर गीतू मोहनदास के साथ काम करने के अपने अनुभव को भी साझा किया और बताया कि कैसे उन्होंने एक्टर के तौर पर उन्हें उनके कम्फर्ट जोन से बाहर निकलने के लिए प्रेरित किया.
यश के मुताबिक, गीतू मोहनदास ने उन्हें सिर्फ एक कलाकार के तौर पर निर्देशित नहीं किया, बल्कि उनकी एक्टिंग की सीमाओं को आगे बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाई. उन्होंने कहा कि गीतू ने उन्हें ऐसा किरदार निभाने के लिए तैयार किया जैसा उन्होंने अपने करियर में इससे पहले कभी नहीं निभाया था.
‘गीतू देखने में थोड़ी स्ट्रिक्ट लगती हैं’
म्यूजिक लॉन्च के दौरान जब यश से गीतू मोहनदास के साथ काम करने के अनुभव के बारे में पूछा गया तो उन्होंने उनकी पर्सनैलिटी और काम करने के तरीके की तारीफ की. यश ने कहा कि पहली नजर में गीतू थोड़ी सख्त लग सकती हैं लेकिन असल में वो काफी जोवियल और मजाकिया स्वभाव की हैं. यश ने बताया कि सेट पर गीतू जिस तरह का माहौल तैयार करती हैं वो पूरी टीम को अपना बेस्ट देने के लिए प्रेरित करता है. उनके मुताबिक, गीतू ने फिल्म के हर कलाकार को लगातार पुश किया और उनसे कुछ नया करने की उम्मीद रखी. यश ने कहा, “वो देखने में थोड़ी स्ट्रिक्ट लगती हैं, लेकिन वो बहुत-बहुत खुशमिजाज हैं. सेट पर जिस तरह से वो सबके लिए एटमॉस्फियर क्रिएट करती हैं, मुझे लगता है कि उन्होंने हम सभी को पुश किया है.”
अंग्रेजी डायलॉग्स के लिए भी किया पुश
यश ने बातचीत के दौरान एक दिलचस्प बात भी बताई. उन्होंने कहा कि गीतू ने उन्हें अंग्रेजी में डायलॉग बोलने के लिए भी काफी पुश किया. एक्टर के मुताबिक, ये उनके लिए एक अलग तरह का अनुभव था क्योंकि गीतू ने उनसे अंग्रेजी में लाइन्स सीखने और उन्हें बेहतर तरीके से निभाने की तैयारी करवाई. उन्होंने बताया कि डायरेक्टर के तौर पर गीतू ने उनसे उनकी क्षमता के मुताबिक काम करवाने की कोशिश की. यही वजह है कि फिल्म में उनका किरदार और उनकी परफॉर्मेंस दर्शकों को उनके पिछले काम से काफी अलग नजर आ सकती है.
‘मुझे थैंक यू कहना चाहिए’
यश ने गीतू मोहनदास को अपनी परफॉर्मेंस के लिए खास क्रेडिट दिया. उन्होंने कहा कि फिल्म में उन्होंने जिस तरह का किरदार निभाया है वो उनके लिए काफी अलग है. इस किरदार ने उन्हें बतौर एक्टर नई चीजें एक्सप्लोर करने का मौका दिया. यश ने कहा, “और जिस तरह का कैरेक्टर मैंने प्ले किया है, जिस तरह का एक्टर मैं आज हूं मुझे लगता है कि एक्टर के तौर पर मुझे पुश करने के लिए मुझे गीतू को सच में थैंक यू कहना चाहिए.”
यश के इस बयान से साफ है कि ‘टॉक्सिक’ उनके लिए सिर्फ एक और फिल्म नहीं है, बल्कि ये उनके एक्टिंग करियर में एक नई दिशा भी दिखा सकती है. अब तक यश को मुख्य रूप से एक्शन और मास एंटरटेनर फिल्मों के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन ‘टॉक्सिक’ में वो अपने किरदार के अलग-अलग पहलुओं को एक्सप्लोर करते नजर आ सकते हैं.
डायरेक्टर पर भरोसा रखना जरूरी- यश
यश ने फिल्म बनाने की प्रक्रिया में डायरेक्टर और एक्टर के बीच भरोसे को भी बेहद महत्वपूर्ण बताया. उनका मानना है कि किसी भी कलाकार के लिए जरूरी है कि वो अपने निर्देशक के विजन को समझे और उस पर भरोसा करे. उन्होंने कहा कि उन्होंने गीतू मोहनदास के विजन पर विश्वास किया और इसी वजह से वो इस फिल्म में अपने व्यक्तित्व और अभिनय का एक अलग पक्ष दिखा पाए. यश ने कहा, “मुझे लगता है कि आपके लिए अपने डायरेक्टर पर फेथ रखना बहुत जरूरी है. मैंने वो फेथ रखा इसलिए मुझे लगता है कि आपने इस मूवी में एक अलग तरह के यश को देखा है.”
ये भी पढ़ें: Independence Day Special: 29 साल पहले 15 अगस्त पर रिलीज हुई काजोल की ये फिल्म, विलेन बन जीता था अवॉर्ड
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation










