एक्टर आर. माधवन की लव स्टोरी किसी फिल्म की स्क्रिप्ट जैसी है. स्टार की शादी को 27 साल हो गए हैं. उन्होंने 27वीं सालगिरह पर पत्नी सरिता के प्रति वफादारी का दिलचस्प राज बयां किया. उन्होंने मजाकिया अंदाज में खुद को एक 'डरपोक मद्रासी मिडिल क्लास आदमी' बताया. वे बोले बाहरी एट्रेक्शन के बजाय घर लौटकर पत्नी के साथ वक्त बिताना पसंद करते हैं. आर. माधवन ने बताया कि उनकी पत्नी उनके फोन और फाइनेंस संभालती हैं. वे खुद को किसी मुश्किल में डालने से बचाने के लिए सरिता को आउटडोर शूट्स पर भी साथ रखते थे.
Sourav Ganguly statement Vaibhav sooryavanshi: वैभव सूर्यवंशी टीम इंडिया में शामिल होकर सचिन तेंदुलकर का सबसे युवा खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड तोड़ने की दहलीज पर हैं. आईपीएल में 776 रन बनाकर 'ऑरेंज कैप' जीतने वाले इस युवा बल्लेबाज को आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए चुना गया है.उनके इस ऐतिहासिक चयन पर पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने प्रशंसकों और विशेषज्ञों से अपील की है कि वे इस किशोर खिलाड़ी पर उम्मीदों का अनावश्यक दबाव न डालें और उन्हें मैदान पर खुलकर खेलने दें.
French Open 2026: रोलां गैरोस की लाल मिट्टी पर जैसे ही आखिरी अंक अलेक्जेंडर ज्वेरेव के नाम हुआ, वर्षों का इंतजार और संघर्ष भावनाओं के सैलाब में बदल गया। फ्लेवियो कोबोली को हराकर पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने वाले जर्मन स्टार कोर्ट पर ही घुटनों के बल बैठ गए। कुछ ही क्षण बाद वे पीठ के बल लेट गए और दोनों हाथों से अपना चेहरा ढंक लिया। उनकी आंखों से खुशी के आंसू लगातार बह रहे थे।
यह सिर्फ एक जीत नहीं थी, बल्कि उन तमाम दर्दनाक हारों और अधूरे सपनों का अंत था, जिनका सामना ज्वेरेव ने पिछले कई वर्षों में किया था। तीन ग्रैंड स्लैम फाइनल हारने के बाद चौथे प्रयास में आखिरकार उन्होंने इतिहास रच दिया। दुनिया के नंबर-3 खिलाड़ी के इस भावुक जश्न की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। टेनिस प्रशंसक इसे फ्रेंच ओपन 2026 के सबसे यादगार पलों में से एक बता रहे हैं।
मैच के बाद ट्रॉफी समारोह के दौरान भी अलेक्जेंडर ज्वेरेव अपनी भावनाएं नहीं छिपा सके। उन्होंने कहा कि यह जीत उनके जीवन का सबसे बड़ा सपना थी और कई बार फाइनल में हारने के बाद उन्हें लगने लगा था कि शायद ग्रैंड स्लैम ट्रॉफी उनके नसीब में नहीं है। हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करते रहे। रोलां गैरोस में मिली यह जीत उनके धैर्य और संघर्ष का सबसे बड़ा पुरस्कार साबित हुई।
फाइनल में फ्लेवियो कोबोली ने भी शानदार खेल दिखाया। 24 वर्षीय इटैलियन खिलाड़ी ने पहला सेट 1-6 से गंवाने के बावजूद जबरदस्त वापसी की और मुकाबले को पांचवें सेट तक पहुंचाया। चौथे सेट का टाई-ब्रेकर जीतकर उन्होंने ज्वेरेव पर दबाव बढ़ा दिया था, लेकिन निर्णायक सेट में अनुभव और फिटनेस के मामले में जर्मन खिलाड़ी भारी पड़े।
इस जीत के साथ ज्वेरेव ने न सिर्फ अपने करियर का पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीता, बल्कि टेनिस जगत के उन चुनिंदा खिलाड़ियों की सूची में भी जगह बना ली जिन्होंने लंबे इंतजार के बाद मेजर ट्रॉफी उठाई। सोशल मीडिया पर दुनिया भर के खिलाड़ियों, पूर्व चैंपियनों और प्रशंसकों ने उन्हें बधाई दी। कई दिग्गजों ने इसे हाल के वर्षों की सबसे प्रेरणादायक ग्रैंड स्लैम जीतों में से एक बताया।
दूसरी ओर, कोबोली की हार के बावजूद उनका प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिना जा रहा है। पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम फाइनल में पहुंचे इटैलियन स्टार ने साबित कर दिया कि आने वाले वर्षों में वह टेनिस की दुनिया के बड़े नामों में शामिल हो सकते हैं। हालांकि ट्रॉफी उनके हाथ नहीं लगी, लेकिन रोलां गैरोस 2026 ने उन्हें वैश्विक मंच पर नई पहचान जरूर दिला दी।
फ्रेंच ओपन 2026 का यह फाइनल लंबे समय तक याद रखा जाएगा। एक तरफ वर्षों का इंतजार खत्म कर इतिहास रचने वाले ज्वेरेव थे, तो दूसरी तरफ नई पीढ़ी के उभरते सितारे कोबोली। अंत में जीत जर्मनी के नाम रही, लेकिन इस मुकाबले ने टेनिस प्रशंसकों को पांच सेट तक रोमांच, संघर्ष और भावनाओं से भरपूर यादगार कहानी दी।