'पेद्दी' में जान्हवी कपूर के विवादित सीन पर भड़की साउथ एक्ट्रेस, खोलकर रख दिया इंडस्ट्री का काला सच!
Peddi Janhvi Kapoor character debate: क्या ‘पेद्दी’ में जान्हवी कपूर के किरदार पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है? क्या फिल्म में दिखाए गए कुछ सीन सहमति और चित्रण पर सवाल उठा रहे हैं? क्या साउथ एक्ट्रेस अशिका रंगनाथ ने सीधे सिस्टम पर हमला बोला? और क्या डायरेक्टर बुच्ची बाबू सना की माफी इस विवाद को शांत कर पाएगी? क्या 'पेद्दी' बॉक्स ऑफिस पर इसका असर होगा?
सूरत में बड़ा हादसा: ज्वेलरी फैक्ट्री के सेप्टिक टैंक में दम घुटने से चार मजदूरों की मौत
गुजरात के सूरत शहर से एक बेहद दर्दनाक औद्योगिक हादसे की खबर सामने आई है। वराछा क्षेत्र स्थित एक ज्वेलरी फैक्ट्री के ETP (इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से चार मजदूरों की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है, जबकि प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक शनिवार सुबह एक सुपरवाइजर समेत चार लोग टैंक की सफाई के लिए अंदर उतरे थे। इसी दौरान टैंक में मौजूद जहरीली गैस के कारण उनका दम घुटने लगा और वे बेहोश होकर अंदर ही गिर पड़े। घटना की सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सभी को बाहर निकाला, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने चारों को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आई है। मजदूरों ने किसी प्रकार का सुरक्षा उपकरण नहीं पहन रखा था और टैंक में प्रवेश से पहले गैस की जांच या अन्य जरूरी सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया था। इसी वजह से यह हादसा और भी गंभीर बन गया।
फायर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि फैक्ट्री में सोने और गहनों की प्रोसेसिंग के दौरान निकलने वाले रसायनों का निस्तारण ETP प्लांट में किया जाता है। सफाई के लिए ठेका श्रमिकों को बुलाया गया था, लेकिन उन्हें पर्याप्त सुरक्षा साधन उपलब्ध नहीं कराए गए थे।
पुलिस ने फिलहाल दुर्घटना से मौत का मामला दर्ज कर लिया है और यह पता लगाया जा रहा है कि हादसे के लिए किसकी लापरवाही जिम्मेदार है। जांच के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
यह घटना एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि बंद टैंकों और गैसयुक्त स्थानों में काम करने से पहले सुरक्षा उपकरण, ऑक्सीजन जांच और प्रशिक्षित निगरानी व्यवस्था अनिवार्य होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों को रोका जा सके।
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