तीसरा विमेंस टी-20-इंग्लैंड ने भारत को 6 विकेट से हराया:सीरीज 2-1 से जीती, कैपसे-नाइट के बीच 137 रन की पार्टनरशिप
इंग्लैंड की महिला टीम ने तीसरे टी-20 में भारत को 6 विकेट से हराया। इसके साथ ही इंग्लैंड ने 3 मैचों की सीरीज 2-1 से जीत ली।181 रन के लक्ष्य को इंग्लैंड ने एलिस कैपसे (82 रन) और कप्तान हीथर नाइट (नाबाद 70 रन) की पारियों की बदौलत 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया। टी-20 इंटरनेशनल में यह इंग्लैंड का दूसरा सबसे बड़ा सफल रन-चेज भी रहा। 12 जून से बर्मिंघम में शुरू होने वाले विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप से पहले यह दोनों टीमों का आखिरी इंटरनेशनल मैच था। टॉन्टन में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए कप्तान हरमनप्रीत कौर के नाबाद 56 रन की मदद से 20 ओवर में 5 विकेट पर 180 रन बनाए। जवाब में इंग्लैंड ने 38 रन पर 3 विकेट गंवा दिए थे, लेकिन इसके बाद कैपसे और नाइट की साझेदारी ने मैच पलट दिया। कैपसे-नाइट ने जोड़े 137 रन इंग्लैंड की शुरुआत खराब रही। क्रांति गौड़ ने डैनी व्याट-हॉज को क्लीन बोल्ड कर दिया। इसके बाद सोफिया डंकली (16 रन) और एमी जोन्स भी जल्दी आउट हो गईं। 38 रन पर 3 विकेट गिरने के बाद एलिस कैपसे और कप्तान हीथर नाइट ने पारी संभाली। कैपसे ने 27 गेंदों में फिफ्टी पूरी की और 43 गेंदों में 82 रन बनाए। हीथर नाइट ने 42 गेंदों में नाबाद 70 रन बनाए। दोनों के बीच चौथे विकेट के लिए 76 गेंदों में 137 रन की साझेदारी हुई। हरमनप्रीत की इंग्लैंड के खिलाफ पहली फिफ्टी टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम के ओपनर्स शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना जल्दी आउट हो गईं। पावरप्ले तक भारत ने 2 विकेट पर 57 रन बना लिए थे। यास्तिका भाटिया (32 रन) और जेमिमा रोड्रिग्स (29 रन) ने पारी संभाली। 7वें ओवर में 60 रन पर 3 विकेट गिरने के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर क्रीज पर आईं। उन्होंने जेमिमा के साथ 40 और दीप्ति शर्मा (32 रन) के साथ 67 रन की साझेदारी की। हरमनप्रीत ने 38 गेंदों में फिफ्टी पूरी की। यह उनके टी-20 करियर का 17वीं और इंग्लैंड के खिलाफ पहली टी-20 फिफ्टी रही। 20 ओवर में भारत 180 रन तक पहुंच सका। ----------------------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… नॉर्वे चेस में प्रज्ञानानंदा ने वर्ल्ड नं-1 कार्लसन को हराया:7 दिन में दूसरी बार मात दी; आनंद से लिनारेस टूर्नामेंट में दो बार हारे थे मैग्नस भारत के 20 साल के ग्रैंडमास्टर प्रज्ञानानंदा रमेशबाबू ने नॉर्वे चेस के आठवें राउंड में दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी और पांच बार के वर्ल्ड चैंपियन मैग्नस कार्लसन को हराया। प्रज्ञानानंदा की यह टूर्नामेंट में कार्लसन के खिलाफ दूसरी जीत है। पूरी खबर
वर्ल्ड नंबर-1 सबालेंका फ्रेंच ओपन से बाहर:क्वार्टर फाइनल में डायना ने 3-6, 7-5, 6-0 से हराया; 2 घंटे 12 मिनट मुकाबला चला
दुनिया की नंबर-1 टेनिस खिलाड़ी आर्यना सबालेंका फ्रेंच ओपन से बाहर हो गईं हैं। बुधवार को पेरिस में खेले गए क्वार्टर फाइनल में रूस की डायना श्नाइडर ने बेलारूस की सबालेंका को 3-6, 7-5, 6-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। सबालेंका ने 4-1 की बढ़त गवाईं चार बार की चैंपियन सबालेंका दूसरे सेट में 4-1 से आगे थीं। वे जीत से सिर्फ दो अंक दूर थीं। इसके बावजूद बढ़त नहीं बचा सकीं। पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम क्वार्टर फाइनल में खेल रहीं डायना श्नाइडर ने वापसी की और मैच अपने नाम कर लिया। तीसरे सेट में सबालेंका का खेल पूरी तरह बिखर गया। छठे गेम में एक अंक गंवाने के बाद गुस्से में सबालेंका अपनी जगह पर खड़ी रहीं और जोर से चिल्लाईं। उस समय वह 0-30 से पीछे हो गई थीं। अंत में उन्होंने एक शॉट नेट में मार दिया और मैच हार गईं। सबालेंका ने पिछले साल कोको गॉफ के खिलाफ फ्रेंच ओपन फाइनल में हार के दौरान भी इसी तरह दबाव में गलतियां की थीं। ख्वालिंस्का से सेमीफाइनल में डायना का मैच पोलैंड की माजा ख्वालिंस्का ने अपने शानदार अभियान को जारी रखा। उन्होंने 22वीं वरीयता प्राप्त रूस की अन्ना कालिंस्काया को 7-6, 6-3 से हराया। अब सेमीफाइनल में डायना श्नाइडर और माजा ख्वालिंस्का आमने-सामने होंगी। सबालेंका ने ओसाका को हराया था एक दिन पहले सबालेंका ने ग्रैंड स्लैम चैंपियन नाओमी ओसाका को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी। सबालेंका ने पहला सेट 7-5 से और दूसरा सेट 6-3 से जीतकर मैच अपने नाम किया था। सबालेंका के नाम 24 सिंगल्स खिताब सबालेंका महिला टेनिस की सबसे सफल खिलाड़ियों में शामिल हैं। 28 साल की बेलारूसी स्टार ने अपने करियर में 506 मैच जीते और 203 हारे हैं। उन्होंने 24 सिंगल्स खिताब जीते हैं, जबकि 11 सितंबर 2023 को पहली बार विश्व नंबर-1 रैंकिंग हासिल की थी। अपने करियर में वह 4.92 करोड़ डॉलर (लगभग 410 करोड़ रुपए) से अधिक की प्राइज मनी जीत चुकी हैं। फ्रेंच ओपन क्या होता है? फ्रेंच ओपन (रोलैंड गैरोस) टेनिस के चार ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंटों में से एक है और यह एकमात्र ग्रैंड स्लैम है जो क्ले कोर्ट (लाल मिट्टी) पर खेला जाता है। इसका आयोजन हर साल मई-जून में फ्रांस की राजधानी पेरिस स्थित स्टेड रोलां गैरो परिसर में होता है। 1891 में शुरू हुए इस टूर्नामेंट का नाम फेमस फ्रांसीसी पॉयलट रोलैंड गैरोस पर रखा गया है।
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