विटामिन-सी बोबा क्रीम इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा स्किनकेयर ट्रेंड है, जिसमें छोटे कैप्सूल जैसे बीड्स वाली क्रीम का इस्तेमाल पिग्मेंटेशन और डल स्किन टोन की देखभाल के लिए किया जा रहा है. इसे खासतौर पर ब्राइटनिंग और डार्क पैच को कम दिखाने के दावे के साथ पसंद किया जा रहा है.
Wood Apple Sharbat: छतरपुर जिले में इस समय तापमान आग बरस रहा है. लोग बाजार से एनर्जी ड्रिंक पीकर राहत पा रहे हैं. हालांकि, जिले के ग्रामीण इलाकों में गर्मी के मौसम में एक ऐसी ड्रिंक भी तैयार की जाती है. जिसे मिनटों में तैयार कर लिया जाता है. दरअसल, जिले में कैथा फल से एनर्जी ड्रिंक तैयार किया जाता है जिसे सुबह पीते हैं. इसे पीने के बाद लू नहीं लगती है. आइए जानते हैं इ
स्पर्श शर्मा-अहमदाबाद-रायपुर। ईकेए एरीना में आयोजित पहली विश्व योगासन चैंपियनशिप 2026 में मेजबान भारत ने तीसरे दिन भी अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए पदक तालिका में शीर्ष स्थान पर अपनी बढ़त और मजबूत कर ली है। शनिवार तक भारत के खाते में 22 स्वर्ण, 5 रजत और 1 कांस्य पदक आ चुके थे। भारतीय खिलाड़ियों ने लगभग सभी आयु वर्गों और स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन कर योगासन की वैश्विक प्रतियोगिता में अपना दबदबा साबित किया।
तीसरे दिन की सबसे बड़ी उपलब्धि पश्चिम बंगाल की रितु मंडल के नाम रही। रितु ने पहले पारंपरिक योगासन सीनियर-ए महिला वर्ग में स्वर्ण पदक जीता और फिर टीम स्पर्धा में भी स्वर्ण अपने नाम कर विश्व योगासन चैंपियनशिप में दो स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया।अपनी सफलता पर खुशी जताते हुए रितु मंडल ने कहा कि एक स्वर्ण पदक जीतना ही उनके लिए सपना पूरा होने जैसा था, लेकिन दो स्वर्ण पदक जीतना उनकी कल्पना से भी परे है। उन्होंने अपनी उपलब्धि का श्रेय अपने कोच, परिवार और उन सभी लोगों को दिया जिन्होंने उनके संघर्ष के दिनों में उनका साथ दिया।
अर्जेंटीना की नाबिला बराज़ा का शानदार प्रदर्शन अर्जेंटीना की नाबिला सोल बराज़ा ने भी प्रतियोगिता में अपना प्रभाव कायम रखा। उन्होंने ट्विस्टिंग बॉडी सीनियर-ए महिला वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर तीन दिनों में अपना दूसरा स्वर्ण हासिल किया। नाबिला के शानदार प्रदर्शन की बदौलत अर्जेंटीना दो स्वर्ण और दो रजत पदकों के साथ पदक तालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गया। वहीं, सिंगापुर दो स्वर्ण और दो कांस्य पदकों के साथ तीसरे स्थान पर बना हुआ है। नेपाल ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए एक स्वर्ण, छह रजत और तीन कांस्य पदक जीतकर चौथा स्थान हासिल किया। जापान और संयुक्त राज्य अमेरिका ने भी एक-एक स्वर्ण पदक जीतकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
योगासन को वैश्विक खेल बनाने की दिशा में बड़ा कदम विश्व योगासन चैंपियनशिप का पहला संस्करण योगासन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य भारत की प्राचीन योग परंपरा को एक वैश्विक प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में स्थापित करना और भविष्य में इसे ओलंपिक आंदोलन से जोड़ना है। प्रतियोगिता को युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, आयुष मंत्रालय, भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI), खेल प्राधिकरण गुजरात, गुजरात पर्यटन और गुजरात योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन का समर्थन प्राप्त है। भारत ने इस प्रतियोगिता में 122 सदस्यीय दल उतारा है। खिलाड़ी छह आयु वर्गों सब-जूनियर, जूनियर, सीनियर, सीनियर-ए, सीनियर-बी और सीनियर-सी में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।
विभिन्न स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा तीसरे दिन भारत के दिलीप कुमार ने फॉरवर्ड बेंड सीनियर-सी पुरुष वर्ग, बीरेन्द्र यादव ने बैक बेंड सीनियर-सी पुरुष वर्ग, गायत्री देवी ने बैक बेंड सीनियर-सी महिला वर्ग, अनुराग मलिक ने ट्विस्टिंग बॉडी सीनियर-ए पुरुष वर्ग, कुदुमुला वनाजा ने ट्विस्टिंग बॉडी सीनियर-सी महिला वर्ग और इंदरजीत ने ट्विस्टिंग बॉडी सीनियर-सी पुरुष वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर भारत की बढ़त को और मजबूत किया। वहीं जापान की मियोको कुसुनोकी ने पारंपरिक योगासन सीनियर-सी महिला वर्ग में स्वर्ण जीता। नेपाल की दुर्गा पांता ने फॉरवर्ड बेंड सीनियर-सी महिला वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि अमेरिका के केमी ब्लेक ने बैक बेंड सीनियर-बी पुरुष वर्ग में शीर्ष स्थान हासिल कर अपने देश को स्वर्ण दिलाया।
वैश्विक प्रतिस्पर्धी खेल को मिलेगी नई दिशा पहली विश्व योगासन चैंपियनशिप में भारत का प्रदर्शन यह संकेत दे रहा है कि योगासन को वैश्विक प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में स्थापित करने की दिशा में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारतीय खिलाड़ियों की सफलता और दुनिया भर के देशों की भागीदारी ने इस प्रतियोगिता को योगासन के इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय बना दिया है।
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