विराट कोहली OUT, यशस्वी जायसवाल IN... अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए टीम इंडिया में बड़ा फेरबदल
Yashasvi Jaiswal Replaces Injured Virat Kohli: आईपीएल फाइनल में लगी चोट के कारण स्टार बल्लेबाज विराट कोहली अफगानिस्तान के खिलाफ 13 जून से शुरू होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज से बाहर हो गए हैं. मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने पुष्टि की है कि कोहली की वापसी की सटीक समय-सीमा तय नहीं है, लेकिन उनके इंग्लैंड सीरीज तक फिट होने की उम्मीद है. कोहली की जगह 15 सदस्यीय टीम में युवा ओपनर यशस्वी जायसवाल को शामिल किया गया है, जिन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पिछले मैच में शानदार शतक जड़ा था.
अब इस राज्य के कर्मचारियों- पेंशनरों का DA बढ़ा, नई दरें जनवरी 2026 से प्रभावी, जुलाई में खाते में बढ़कर आएगी सैलरी-पेंशन
केन्द्र सरकार द्वारा महंगाई भत्ता बढ़ाए जाने के बाद अब राज्य सरकारों ने भी डीए/डीआर की दरों में संशोधन करना शुरू कर दिया है। असम सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए जनवरी 2026 से प्रभावी होने वाले महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है।
कैबिनेट विस्तार के बाद 5 जून को मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में 2 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इस फैैसले के बाद अब राज्य कर्मचारियों का कुल महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गया है। इसका लाभ प्रदेश के करीब 8 लाख कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलेगा।
नई दरें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगी, ऐसे में जनवरी से मई 2026 तक का एरियर भी मिलेगा। बढ़े हुए डीए/डीआर की दरों का लाभ जून की सैलरी के साथ जुलाई में मिलेगा। इसका लाभ राज्य सरकार के कर्मचारियों, पेंशनभोगियों, पारिवारिक पेंशनभोगियों, असाधारण पेंशनभोगियों और अनुकंपा पारिवारिक पेंशनभोगियों को मिलेगा।
इससे पहले असम सरकार ने अक्टूबर 2025 में जुलाई 2025 से महंगाई भत्ते व राहत में 3 फीसदी की वृद्धि की थी, जिसके बाद डीए 55 फीसदी से बढ़कर 58 फीसदी हो गया है। बता दें कि केंद्र की घोषणा के बाद अबतक गुजरात, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, चड़ीगढ़, अरूणाचल प्रदेश, बिहार, तमिलनाडु और राजस्थान के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का महंगाई भत्ता बढ़ चुका है।
क्या होता है मंहगाई भत्ता
- महंगाई भत्ता एक भुगतान है जो केन्द्र और राज्य सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मुद्रास्फीति के प्रभाव को संतुलित करने के लिए देती हैं। यह वेतन का एक अतिरिक्त हिस्सा होता है, जिसे समय-समय पर महंगाई दर के आधार पर संशोधित किया जाता है। इसे उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के अनुसार तय करती है।
- केंद्र सरकार द्वारा हर साल 2 बार केन्द्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की दरों में संशोधन किया जाता है, जो अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक इंडेक्स के छमाही आंकड़ों पर निर्भर करता है। यह वृद्धि हर साल जनवरी/जुलाई से की जाती है, जिसका ऐलान मार्च–अप्रैल और अक्टूबर-नवंबर के आसपास होता है। केन्द्र सरकार के ऐलान के बाद राज्य सरकारों द्वारा घोषणा की जाती है।
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