Cockroach Janta Party Protest Live: जंतर मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन में घुसा संदिग्ध, हाथ में स्प्रे लेकर माहौल बिगाड़ने की थी साजिश
Cockroach Janta Party Protest Live: दिल्ली के जंतर-मंतर पर आज कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा एक बड़े विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है. इस प्रदर्शन को लेकर पार्टी के समर्थकों में काफी उत्साह देखा जा रहा है. सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके भी इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अमेरिका से भारत लौट आए हैं. वे आज सुबह करीब 7:30 बजे ब्रिटिश एयरवेज की उड़ान से दिल्ली पहुंचे. एयरपोर्ट पर आवश्यक इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी करने के बाद वे आगे की तैयारियों के लिए रवाना हो गए.
पार्टी के अनुसार, अभिजीत दीपके आज अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन में भाग लेंगे. उन्होंने इस महीने की शुरुआत में ही अपने समर्थकों, छात्रों और पार्टी कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचने और आंदोलन में शामिल होने की अपील की थी. साथ ही उन्होंने 6 जून को दिल्ली एयरपोर्ट पर उनके स्वागत के लिए भी समर्थकों को आमंत्रित किया था.
विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सीजेपी को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति दी है. सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए इलाके में व्यापक इंतजाम किए गए हैं. जंतर-मंतर के दोनों ओर बैरिकेडिंग की गई है और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों तथा अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है, ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके.
इबोला प्रकोप के बीच मॉरीशस ने तीन अफ्रीकी देशों से आने वाले यात्रियों की एंट्री पर लगाई रोक
पोर्ट लुई, 6 जून (आईएएनएस)। मॉरीशस सरकार ने इबोला वायरस प्रकोप को देखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने उन विदेशी नागरिकों के प्रवेश पर अस्थायी रोक लगा दी है जिन्होंने पिछले 21 दिनों के दौरान डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ द कांगो, युगांडा या दक्षिण सुडान की यात्रा की है, वहां से होकर गुजरे हैं या वहां ठहरे हैं।
हालांकि, मॉरीशस के नागरिकों और वैध वर्क परमिट, रेजिडेंस परमिट, बिजनेस परमिट या स्टूडेंट परमिट रखने वाले विदेशी निवासियों को देश में प्रवेश की अनुमति रहेगी। लेकिन यदि उन्होंने पिछले 21 दिनों में इन तीन देशों का दौरा किया है, तो उन्हें अनिवार्य रूप से 21 दिन के क्वारंटीन में रहना होगा।
अफ्रीकन यूनियन के अनुसार, कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान में फैला इबोला संक्रमण क्षेत्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है।
मॉरीशस सरकार ने यह भी कहा है कि प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों की एयरपोर्ट और अन्य प्रवेश बिंदुओं पर विशेष स्वास्थ्य जांच और जोखिम मूल्यांकन किया जाएगा। यदि किसी यात्री में इबोला के लक्षण पाए जाते हैं, तो उसे तुरंत अलग (आइसोलेट) कर चिकित्सकीय जांच की जाएगी।
सरकार ने जुलाई में मॉरीशस में आयोजित होने वाले 18वें यूएस-अफ्रीका बिजनेस समिट को भी फिलहाल स्थगित करने का अनुरोध किया है।
15 मई को कांगो और युगांडा में इबोला प्रकोप की आधिकारिक घोषणा की गई थी। इसके बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया।
शुक्रवार को अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन और डब्ल्यूएचओ ने पूरे अफ्रीका के लिए इबोला तैयारी और प्रतिक्रिया योजना शुरू की। इस योजना के तहत जून से नवंबर तक के लिए 51.8 करोड़ अमेरिकी डॉलर जुटाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि अफ्रीकी देशों को संक्रमण की पहचान, रोकथाम और त्वरित प्रतिक्रिया में सहायता मिल सके।
दोनों संस्थाओं के अनुसार, अब तक 34 स्वास्थ्यकर्मी इबोला वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से 7 की मौत हो गई है, जबकि 6 लोग स्वस्थ हो चुके हैं।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि इस प्रकोप से निपटने में कई चुनौतियां सामने हैं। इनमें बुनदिबुग्यो इबोला स्ट्रेन के लिए प्रभावी चिकित्सा संसाधनों की कमी, कमजोर स्वास्थ्य ढांचा, सीमित संसाधन, लोगों की अधिक आवाजाही, असुरक्षा, विस्थापन, स्वास्थ्यकर्मियों का संक्रमित होना और गलत सूचनाओं का फैलना शामिल हैं।
इसी वजह से अफ्रीका सीडीसी और डब्ल्यूएचओ ने महाद्वीप स्तर पर समन्वित कार्रवाई तेज करने और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए संयुक्त तैयारी एवं प्रतिक्रिया योजना लागू की है।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation





















