खान सर की गिरफ्तारी मामले में प्रशांत किशोर का बयान, बोले- ये कोचिंग संस्थान वाले…
इन दिनों खान सर काफी चर्चा में बने हुए हैं। उनके खिलाफ एफआईआर हुई है और गिरफ्तारी की बात भी चल रही है। अब इस पर प्रशांत किशोर की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने खान सर से लेकर नीट परीक्षा पेपर लीक मामला और बांकीपुर विधानसभा चुनाव के बारे में भी बात की है। खान सर को लेकर उनका बड़ा बयान कहा जा रहा है।
खान की गिरफ्तारी को लेकर प्रशांत किशोर ने कहा कि कोचिंग संस्थान चलाने वाले लोगों के बीच आपस का मामला और झगड़ा है। मैं कोई विशेषज्ञ नहीं हूं मुझे इस मामले में जानकारी नहीं है तो मैं कुछ भी नहीं कहूंगा। चलिए जान लेते हैं की नीट परीक्षा पेपर लीक के मामले में उनका क्या कहना है।
क्या बोले प्रशांत किशोर
नीट यूजी परीक्षा पेपर लीक के मामले में उन्होंने कहा कि यह समस्या एक व्यवस्थागत समस्या है ना की कोई अलग घटना। जब तक शिक्षा के क्षेत्र में कोचिंग संस्थान हावी रहेंगे पेपर लीक होते रहेंगे। 2 साल पहले भी नीट का पेपर लीक हुआ था फिर हुआ है और आगे भी होगा। उन्होंने कहा कि शायद ही कोई ऐसी परीक्षा होगी जिसका पेपर लीक न होता हो। पिछले 10 से 15 सालों में कोचिंग संस्थानों का दबदबा इतना ज्यादा हो गया है कि वह छात्रों को आकर्षित करने के लिए सब कुछ करने को तैयार हैं। यही वजह है कि पेपर लीक हो रहे हैं। जब तक सरकार कोचिंग संस्थानों के प्रभाव को कम नहीं करेगी तब तक यही होता रहेगा चाहे सरकार कुछ भी दावा कर ले।
बांकीपुर उपचुनाव पर रखी राय
बांकीपुर उपचुनाव को लेकर उन्होंने कहा थी यह सिर्फ एक विधानसभा चुनाव नहीं है बल्कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की सीट है। पिछले 40 सालों में बीजेपी को वहां कोई दल या नेट नहीं हरा पाया है। वह यह कहते नजर आए कि यह चुनाव कब हो रहा है जब नवंबर 2025 में एनडीए ने पूरे राज्य के लोगों को 10000 रुपए देकर भ्रमित किया है और गलत वादे कर अपनी सरकार बनाई है। उन्होंने कहा कि पहली बार बिहार में बीजेपी का कोई व्यक्ति मुख्यमंत्री के पद पर काबिज हुआ है।
वह कहते हैं नजर आए कि बांकीपुर में होने वाला उपचुनाव 2025 में भाजपा द्वारा किए गए वादों पर जनमत संग्रह होगा। जनता से जो वादे किए गए हैं चाहे वह 2 लाख रुपए देने का हो या फिर पलायन बंद करने का शिक्षा, रोजगार हर तरह से जनता को अपना मत देने का अधिकार होगा। उन्होंने कहा कि हम लोगों को पूरी ताकत से यह चुनाव लड़ना होगा ताकि भाजपा ने जो हम लोगों के साथ किया एनडीए ने जो जनसुराज के साथ किया या फिर बिहार में लोगों को जो धोखा दिया गया है उन्हें हराकर जवाब दिया जा सके।
इंदौर ग्लोबल निवेश सम्मेलन 2026: 15 देशों के प्रतिनिधि जुटेंगे, निवेश का नया केंद्र बनेगा MP
मध्यप्रदेश सरकार राज्य को देश के प्रमुख निवेश और निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में इंदौर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक गतिविधियों का केंद्र बनने जा रहा है। भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियाई व्यापार एवं निवेश फोरम 2026 के जरिए प्रदेश को विदेशी निवेशकों और वैश्विक कंपनियों के सामने अपनी संभावनाएं दिखाने का बड़ा अवसर मिलेगा।
राज्य सरकार का मानना है कि तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक ढांचे, बेहतर कनेक्टिविटी और निवेशकों के लिए अनुकूल नीतियों के कारण मध्यप्रदेश विदेशी निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनता जा रहा है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के ऐसे आयोजन प्रदेश को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
इंदौर बनेगा अंतरराष्ट्रीय निवेश और व्यापार का बड़ा मंच
मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) और ग्लोबल इंडिया बिजनेस फोरम (GIBF) के संयुक्त सहयोग से आयोजित यह सम्मेलन इंदौर को वैश्विक व्यापारिक नक्शे पर और मजबूत करने का प्रयास है। कार्यक्रम में 350 से अधिक प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है, जिनमें विभिन्न देशों के राजदूत, व्यापारिक संगठन, निवेशक और उद्योग जगत के प्रमुख लोग शामिल रहेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। इस दौरान राज्य की औद्योगिक नीतियों, निवेशकों को मिलने वाली सुविधाओं और नए औद्योगिक क्षेत्रों की जानकारी साझा की जाएगी। सरकार का फोकस केवल निवेश आकर्षित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजगार सृजन और निर्यात बढ़ाने पर भी रहेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई देशों के साथ व्यापारिक संबंध मजबूत होने से मध्यप्रदेश के उद्योगों को नए बाजार मिल सकते हैं। इससे प्रदेश के उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय मांग बढ़ने की संभावना है, जिसका सीधा फायदा स्थानीय उद्योगों और उद्यमियों को मिलेगा।
निवेश, निर्यात और सेवा क्षेत्र में नए अवसर तलाशे जाएंगे
सम्मेलन के दौरान फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल, फूड प्रोसेसिंग, इंजीनियरिंग और पैकेजिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा होगी। इसके अलावा आईटी, फिनटेक, पर्यटन और शिक्षा जैसे सेवा क्षेत्रों को भी विशेष महत्व दिया जाएगा।
फोरम में बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) और बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (B2G) बैठकें भी आयोजित होंगी। इन बैठकों के जरिए निवेशकों और सरकारी अधिकारियों के बीच सीधे संवाद का अवसर मिलेगा, जिससे नए निवेश प्रस्तावों को गति मिल सकती है।
आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में मध्यप्रदेश से लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई देशों को करीब 3,835 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 19 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि बताती है कि प्रदेश के उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार अपनी पकड़ मजबूत कर रहे हैं।
सरकार का लक्ष्य इंदौर को केवल मध्यप्रदेश का औद्योगिक केंद्र नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश गतिविधियों का प्रमुख हब बनाना है। ऐसे आयोजनों से प्रदेश की वैश्विक ब्रांडिंग मजबूत होगी और विदेशी निवेश के नए रास्ते खुलेंगे। आने वाले वर्षों में यह पहल मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।



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