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स्पेस में क्यों बदल जाता है पानी का व्यवहार? आसान भाषा में समझें विज्ञान

नई दिल्ली, 6 जून (आईएएनएस)। स्पेस की दुनिया रोमांच के साथ रहस्यों से भी भरी होती है। पृथ्वी पर सामान्य दिखने वाली हर चीज वहां पर मुश्किल भरी होती है। ऐसे में स्पेस में पानी का व्यवहार क्यों बदल जाता है, इसके पीछे के विज्ञान, वैज्ञानिक प्रयोगों और माइक्रोग्रैविटी के प्रभाव को एस्ट्रोनॉट और एयरफोर्स के ऑफिसर शुभांशु शुक्ला ने आसान तरीके से समझाया है।

उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष में रहकर विज्ञान से जुड़े प्रयोग करना उनके लिए सबसे दिलचस्प अनुभवों में से एक रहा है। वहां ऐसी कई सामान्य चीजें भी अलग तरह से व्यवहार करती हैं, जिन्हें हम पृथ्वी पर रोज देखते हैं।

शुभांशु शुक्ला ने कहा कि पृथ्वी और अंतरिक्ष के बीच सबसे बड़ा अंतर गुरुत्वाकर्षण यानी ग्रैविटी का होता है। पृथ्वी पर तरल पदार्थ हमेशा नीचे की ओर रहते हैं, लेकिन अंतरिक्ष में माइक्रोग्रैविटी के कारण उनका व्यवहार पूरी तरह बदल जाता है। यही कारण है कि वैज्ञानिक अंतरिक्ष में तरल पदार्थों पर विशेष अध्ययन करते हैं।

उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि पृथ्वी पर किसी फ्यूल टैंक में ईंधन नीचे की तरफ जमा रहता है, लेकिन अंतरिक्ष में ऐसा नहीं होता। वहां फ्यूल अपनी जगह पर स्थिर नहीं रहता और थोड़े से धक्के या गति के प्रभाव से टैंक के किसी भी हिस्से में पहुंच सकता है। ऐसे में जब अंतरिक्ष यान के इंजन को दोबारा शुरू करना होता है, तब ईंधन का सही स्थान पर होना बेहद जरूरी होता है। इसी वजह से अंतरिक्ष यानों के फ्यूल टैंक डिजाइन करना एक बड़ी चुनौती माना जाता है।

शुभांशु ने एक वीडियो के माध्यम से पानी के व्यवहार का प्रदर्शन भी किया। उन्होंने बताया कि माइक्रोग्रैविटी में पानी नीचे गिरने के बजाय हवा में तैरते हुए एक गोलाकार बुलबुले का रूप ले लेता है। पृथ्वी पर गुरुत्वाकर्षण पानी को नीचे खींचता है, लेकिन अंतरिक्ष में यह प्रभाव लगभग नहीं होता, इसलिए पानी एक स्थिर गोले की तरह दिखाई देता है।

प्रयोग के दौरान उन्होंने पानी के इस बुलबुले को धीरे-धीरे घुमाकर दिखाया और बताया कि वैज्ञानिक यह जानने की कोशिश करते हैं कि घूमने वाली ताकतों का तरल पदार्थों पर क्या प्रभाव पड़ता है। इस तरह के अध्ययन से अंतरिक्ष में फ्लूइड डायनामिक्स को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलती है।

उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष में तरल पदार्थों के व्यवहार को समझना भविष्य के लंबे अंतरिक्ष अभियानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इससे फ्यूल स्टोरेज, फ्लूइड मैनेजमेंट और अन्य जरूरी सिस्टम को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाया जा सकता है।

--आईएएनएस

एमटी/पीएम

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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Peddi में जाह्नवी कपूर के सीन्स पर छिड़ी बहस, खुद को बोल्ड दिखाना पसंद नहीं बोलकर फंसी एक्ट्रेस

Janhvi Kapoor Bold Scenes: राम चरण की हालिया रिलीज स्पोर्ट्स-ड्रामा फिल्म 'पेड्डी' इन दिनों बॉक्स ऑफिस के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त चर्चा में बनी हुई है. हालांकि फिल्म की चर्चा सिर्फ इसकी कहानी और प्रदर्शन को लेकर नहीं हो रही, बल्कि फिल्म में एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर की प्रेजेंटेशन को लेकर भी बहस छिड़ गई है. सोशल मीडिया पर कई दर्शकों का मानना है कि फिल्म में जाह्नवी के किरदार को कहानी से ज्यादा उनके ग्लैमरस और बोल्ड लुक्स के जरिए पेश किया गया है.

कई लोगों का आरोप है कि फिल्म में जाह्नवी के कुछ सीन्स का मुख्य उद्देश्य कहानी को आगे बढ़ाना नहीं, बल्कि उनकी खूबसूरती और शारीरिक आकर्षण को हाईलाइट करना है. इसी वजह से फिल्म के निर्देशक भी आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं. दर्शकों का एक वर्ग सवाल उठा रहा है कि क्या एक मजबूत महिला किरदार को सिर्फ ग्लैमरस मौजूदगी तक सीमित कर देना सही है.

पहली बार नहीं उठा ऐसा सवाल

हैरानी की बात ये है कि जाह्नवी कपूर को लेकर इस तरह की चर्चा पहली बार नहीं हो रही है. इससे पहले भी उनकी कई फिल्मों और गानों को लेकर इसी तरह के सवाल उठ चुके हैं. चाहे साउथ की फिल्म 'देवरा' हो या फिर मैडॉक फिल्म्स की 'परम सुंदरी', दोनों ही प्रोजेक्ट्स में जाह्नवी के कुछ सीन्स और गानों को लेकर सोशल मीडिया पर बहस देखने को मिली थी. इन चर्चाओं के बीच जाह्नवी कपूर का एक पुराना इंटरव्यू फिर से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने फिल्मों में महिलाओं को जरूरत से ज्यादा ग्लैमरस या सेक्शुअलाइज तरीके से दिखाए जाने पर खुलकर अपनी राय रखी थी.

पॉडकास्ट में जाह्नवी ने रखी थी अपनी बात

कुछ समय पहले जाह्नवी कपूर लोकप्रिय पॉडकास्टर राज शमनी के पॉडकास्ट में पहुंची थीं. इस दौरान उन्होंने बताया था कि फिल्मों में किसी  कलाकार को किस तरह दिखाया जाता है और उसकी सहमति कितनी महत्वपूर्ण होती है. जाह्नवी ने कहा था कि हर स्तर पर ये सवाल पूछा जाना चाहिए कि कलाकार ने सच में किस चीज के लिए सहमति दी है. उन्होंने अपनी फिल्म 'परम सुंदरी' के गाने 'भीगी साड़ी' का उदाहरण देते हुए कहा था कि उस गाने का उद्देश्य दर्शकों को उत्तेजित करना नहीं था, बल्कि वो एक सेंशुअल और इमोशनल प्रेजेंटेशन थी.

बातचीत के दौरान एक्ट्रेस ने कहा था, "अगर कोई मुझे देखकर कहे कि उसे मैं आकर्षक नहीं लगती, तो शायद मुझे बुरा लगेगा. लेकिन किसी व्यक्ति को उसकी सहमति के बिना सेक्शुअलाइज करना एक बिल्कुल अलग बात है. मैं किसी भी रूप में बिना सहमति के किसी को सेक्शुअलाइज किए जाने के खिलाफ हूं और ये चीज मुझे परेशान करती है."

कैमरे के गलत एंगल पर भी जताती हैं आपत्ति

पॉडकास्ट के दौरान जाह्नवी कपूर ने ये भी खुलासा किया था कि अगर शूटिंग के दौरान कैमरा ऐसे एंगल पर लगाया जाता है, जिससे उन्हें असहज महसूस होता है, तो वो खुलकर अपनी बात रखती हैं. उन्होंने कहा था, "अगर डीओपी या कैमरा टीम कैमरा किसी ऐसी जगह रखती है, जहां मुझे लगता है कि मेरा फोकस किरदार से हटकर किसी और चीज पर जा रहा है, तो मुझे साफ तौर पर कहना चाहिए कि मुझे ये पसंद नहीं है और मैं ऐसा नहीं चाहती." जाह्नवी ने माना कि करियर के शुरुआती दौर में वो अपनी बात रखने में काफी संकोच करती थीं. उस समय वो सोचती थीं कि इंडस्ट्री में हर मुद्दे पर आवाज उठाना सही नहीं होगा और अपनी लड़ाइयों को सोच-समझकर चुनना चाहिए. लेकिन समय के साथ उनका नजरिया बदला है.

'अब अपनी बात रखने से नहीं हिचकिचाती'

एक्ट्रेस ने कहा था कि अब वो पहले की तुलना में ज्यादा आत्मविश्वासी हो चुकी हैं. अब अगर उन्हें किसी चीज से असहजता होती है तो वो विनम्रता के साथ अपनी राय सामने रखती हैं. उन्होंने कहा, "पहले मैं बहुत ज्यादा सावधानी बरतती थी, लेकिन अब मुझे लगता है कि अपनी बात रखना जरूरी है. मैं कोशिश करती हूं कि मेरी बात सम्मानजनक और प्रोफेशनल तरीके से सामने आए, लेकिन अगर मुझे कोई चीज सही नहीं लगती तो मैं उसके बारे में जरूर बोलती हूं."

'पेड्डी' के बाद फिर चर्चा में आए पुराने बयान

अब जब 'पेड्डी' में जाह्नवी कपूर के कुछ सीन्स को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है, तो एक्ट्रेस के ये पुराने बयान एक बार फिर चर्चा का विषय बन गए हैं. कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब जाह्नवी खुद इस मुद्दे पर इतनी स्पष्ट राय रखती हैं, तो फिल्म में उनके किरदार की प्रेजेंटेशन को लेकर उनकी क्या प्रतिक्रिया होगी. फिलहाल एक्ट्रेस ने 'पेड्डी' को लेकर चल रही इस बहस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है. हालांकि सोशल मीडिया पर उनके पुराने इंटरव्यू की क्लिप्स तेजी से शेयर की जा रही हैं और दर्शक इस पूरे मामले पर जाह्नवी की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं.

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  Sports

New Chandigarh Test Match | भारत ने टॉस जीतकर चुनी बल्लेबाज़ी, होमग्राउंड पर शुभमन गिल की कप्तानी और मानव सुथार का धमाकेदार डेब्यू

भारत और अफ़गानिस्तान के बीच खेले जा रहे एकमात्र ऐतिहासिक टेस्ट मैच का बिगुल न्यू चंडीगढ़ के महाराजा यादवेंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में बज चुका है। मल्टी-फॉर्मेट सीरीज़ के इस इकलौते टेस्ट मैच में टॉस का बॉस भारत बना है। भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का साहसिक फ़ैसला किया है। इस मुकाबले में भारतीय खेमे से बड़ी खबर यह है कि युवा स्पिन ऑलराउंडर मानव सुथार को टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू करने का सुनहरा मौका मिला है। यह टेस्ट मैच हालांकि मौजूदा आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) साइकल का हिस्सा नहीं है, लेकिन दोनों टीमों के लिए अपनी ताकत आजमाने और नए संयोजन को परखने का यह बेहतरीन मंच है।
 

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ध्यान देने वाली बात यह है कि यह सीरीज़ मौजूदा WTC (वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप) साइकल का हिस्सा नहीं है, लेकिन दोनों टीमें अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगी। दिलचस्प बात यह है कि भारतीय टीम में केएल राहुल, यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल और कई अन्य स्टार खिलाड़ी शामिल हैं। दूसरी ओर, अफ़गानिस्तान की टीम में राशिद खान और मुजीब उर रहमान जैसे खिलाड़ी नहीं हैं, लेकिन टीम मेज़बान के खिलाफ़ कड़ी टक्कर देने की उम्मीद करेगी।

टॉस के समय शुभमन गिल की बात
टॉस जीतने के बाद, भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने घरेलू मैदान पर भारतीय टीम की कप्तानी करने के अनुभव और पिच के मिज़ाज के बारे में बात की।

गिल ने टॉस के समय कहा "हम पहले बल्लेबाज़ी करेंगे। यहाँ बहुत गर्मी और उमस है, इसलिए मुझे लगता है कि जैसे-जैसे समय बीतेगा, विकेट धीमा और नीचा होता जाएगा। पिच अच्छी लग रही है। मुझे लगता है कि गर्मी की वजह से यह थोड़ी सूखी है। पिछले कुछ हफ़्तों से यहाँ बहुत गर्मी रही है और मुझे लगता है कि आगे भी ऐसा ही रहेगा। (घरेलू मैदान पर पहली बार कप्तानी करने पर कैसा लग रहा है?) बहुत खास। ज़ाहिर है, मैं यहीं पास में ही बड़ा हुआ हूँ। यहीं खेलकर बड़ा हुआ हूँ और हमेशा अपने होमटाउन में खेलना चाहता था। इसलिए मुझे लगता है कि अपने घरेलू मैदान पर पहली बार देश की कप्तानी करना बहुत बड़े सम्मान और सौभाग्य की बात है।
 

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दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन (Playing XI)
भारतीय टीम में दो विकेटकीपर बल्लेबाजों (ऋषभ पंत और ध्रुव जुरेल) को जगह मिली है, जबकि कुलदीप यादव, वॉशिंगटन सुंदर और डेब्यूटांट मानव सुथार के रूप में मजबूत स्पिन अटैक उतारा गया है। 
 
अफगानिस्तान (प्लेइंग इलेवन): सेदिकुल्लाह अटल, रहमानुल्लाह गुरबाज़, अब्दुल मलिक, रहमत शाह, हशमतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), अफसर ज़ज़ई (डब्ल्यू), अज़मतुल्लाह उमरज़ई, शराफुद्दीन अशरफ, नांगेयालिया खारोटे, जियाउर रहमान शरीफी, मोहम्मद सलीम सफी

भारत (प्लेइंग इलेवन): केएल राहुल, यशस्वी जयसवाल, साई सुदर्शन, शुबमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल, वाशिंगटन सुंदर, मानव सुथार, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा
Sat, 06 Jun 2026 10:12:18 +0530

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