नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़े में 2,395 छात्रों को बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने परीक्षा में बैठने की दी मंजूरी
मध्य प्रदेश के नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़ा मामले में हजारों छात्रों के लिए राहत की खबर सामने आई है। हाईकोर्ट की जबलपुर डिविजन बेंच ने उन 2,395 छात्रों को परीक्षा में शामिल होने की मंजूरी दी है, जिनका ट्रांसफर अनसूटेबल कॉलेजों से सूटेबल कॉलेजों में किया गया है। अदालत के इस फैसले से उन छात्रों की पढ़ाई और परीक्षा को लेकर बनी अनिश्चितता दूर होने की उम्मीद है।
मामले की सुनवाई जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बीपी शर्मा की युगलपीठ के सामने हुई। सुनवाई के दौरान लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष और अधिवक्ता विशाल बघेल की ओर से छात्रों के हित का मुद्दा उठाया गया। अदालत के सामने सरकार ने नर्सिंग छात्रों के ट्रांसफर से जुड़ी पूरी स्थिति भी रखी।
नर्सिंग छात्रों के ट्रांसफर पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश के महाधिवक्ता प्रशांत सिंह और उप महाधिवक्ता अभिजीत अवस्थी ने कोर्ट को बताया कि ट्रांसफर की प्रक्रिया के लिए कुल 4,475 छात्र पंजीकृत थे। इनमें से 2,813 छात्रों ने ट्रांसफर की प्रक्रिया में हिस्सा लिया। सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक इनमें से 2,395 छात्रों का ट्रांसफर सफलतापूर्वक सूटेबल कॉलेजों में किया जा चुका है। अदालत ने सरकार की ओर से दी गई जानकारी को रिकॉर्ड पर लिया और छात्रों के भविष्य को देखते हुए उन्हें आगामी परीक्षाओं में बैठने की अनुमति दी। इसके साथ ही जिन छात्रों के परिणाम ट्रांसफर और मामले की वजह से रुके हुए थे, उन्हें जारी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
यह फैसला इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि नर्सिंग कॉलेजों की जांच और कॉलेजों की स्थिति को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। कई छात्रों की पढ़ाई पूरी होने के बावजूद परीक्षा और रिजल्ट को लेकर स्थिति साफ नहीं थी। अब कोर्ट के आदेश के बाद ट्रांसफर किए गए छात्रों के लिए आगे की पढ़ाई और करियर को लेकर रास्ता साफ होने की उम्मीद है।
ग्वालियर-चंबल के नर्सिंग कॉलेजों को राहत नहीं
हाईकोर्ट ने ग्वालियर और चंबल संभाग के नर्सिंग कॉलेजों को फिलहाल कोई राहत नहीं दी है। अदालत ने साफ किया कि केवल वही कॉलेज छात्रों को पढ़ाने और परीक्षा कराने के हकदार होंगे, जिन्हें जांच में सूटेबल पाया गया है। यानी सिर्फ कॉलेज का संचालन करना या मान्यता का दावा करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि जांच में तय मानकों पर खरा उतरना जरूरी होगा। नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़े की जांच के दौरान कई कॉलेजों की व्यवस्थाओं, रिकॉर्ड और जरूरी मानकों को लेकर सवाल उठे थे। इसी प्रक्रिया में कुछ संस्थानों को अनसूटेबल माना गया और वहां पढ़ रहे छात्रों को दूसरे कॉलेजों में ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू की गई। इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा असर छात्रों पर पड़ा था। कॉलेजों की स्थिति को लेकर पैदा हुए विवाद के कारण कई विद्यार्थी परीक्षा, रिजल्ट और आगे की पढ़ाई को लेकर परेशान थे। ऐसे में 2,395 छात्रों को परीक्षा में बैठने की अनुमति मिलना उनके लिए बड़ी राहत है।
MP Weather: 4 संभागों में जमकर बरसेंगे बादल, आज सीधी-सागर समेत 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, इंदौर-भोपाल में रिमझिम
मानसून और निम्न दबाब के क्षेत्र के सक्रिय होने के चलते 14 से 16 अगस्त के बीच पूर्वी मध्य प्रदेश में झमाझम बारिश होने की प्रबल संभावना जताई गई है। शुक्रवार को 12 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां 24 घंटे में 4 इंच या उससे अधिक बारिश हो सकती है। वहीं 43 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, वज्रपात और 30-40 किमी/घंटा झोकेदार हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है
मौसम विभाग की मानें तो बंगाल की खाड़ी के ऊपर स्थित सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र उत्तर-पश्चिम दिशा में गंगीय पश्चिम बंगाल तथा झारखंड के ऊपर से आगे बढ़ रहा है जिसके असर से एक हफ्ते तक मध्य प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इसका ज्यादा प्रभाव पूर्वी हिस्से में देखने को मिलेगा। अगले तीन-चार दिनों तक जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग के कई जिलों में अच्छी बारिश का अनुमान है।
शुक्रवार को कहां-कहां होगी बारिश
- भारी बारिश: नर्मदापुरम, सिंगरौली, सीधी, मऊजंज, अनुपपुर, शहडोल, डिंडोरी, कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, बालाघाट, सागर
- झंझावत/वज्रपात/झोकेदार हवा 30-40 किमी/घंटा: भोपाल, विदिशा, रायसेन, सिहोर, राजगढ़, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, रीवा, सतना, उमरिया, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, पांढुर्णा
मध्य प्रदेश में अब तक 20.7 इंच बारिश हुई
- 1 जून से 13 अगस्त 2026 के बीच मध्य प्रदेश में अब तक औसत से करीब 12 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। अब तक करीब 524.8 मिलीमीटर (20.7 इंच) बारिश हुई है जबकी 597 मिलीमीटर (23.5 इंच) होनी चाहिए थी। इस हिसाब से 2.8 इंच पानी कम गिरा है।
- पूर्वी मध्य प्रदेश औसत से 20% और पश्चिमी मध्य प्रदेश औसत से 5% कम पानी गिरा है। भोपाल, गुना, सीहोर, राजगढ़, ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास, बड़वानी, खंडवा और खरगोन में सामान्य से अधिक पानी गिरा है।
- बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा अब भी कम बारिश हुई है।
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