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Ashwin की भविष्यवाणी: Rohit Sharma के लिए Mumbai Indians के पास होनी चाहिए Coach वाली Special Role

पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन के एक बयान ने क्रिकेट जगत में नई चर्चा शुरू कर दी है। अश्विन से पूछा गया कि भारतीय क्रिकेट के दो बड़े बल्लेबाज विराट कोहली और रोहित शर्मा भविष्य में कोच की भूमिका निभा सकते हैं या नहीं। इस पर उन्होंने दोनों के लिए अलग-अलग संभावनाएं बताईं और मुंबई इंडियंस को रोहित शर्मा को टीम से जोड़े रखने की सलाह दी है।

रविचंद्रन अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान कहा कि विराट कोहली शायद तुरंत कोच बनने के लिए तैयार नहीं होंगे। उनके मुताबिक विराट संभवत: क्रिकेट से अलग होने के बाद कुछ समय का ब्रेक लेना चाहेंगे। अश्विन ने साफ किया कि वह विराट के भविष्य को लेकर निश्चित तौर पर कुछ नहीं कह सकते, लेकिन उन्हें नहीं लगता कि विराट तुरंत किसी कोचिंग जिम्मेदारी में आ जाएंगे।

वहीं, रोहित शर्मा को लेकर अश्विन की राय काफी अलग रही। उन्होंने कहा कि अगर रोहित भविष्य में खेलना छोड़ने का फैसला करते हैं तो मुंबई इंडियंस को उन्हें तुरंत किसी भूमिका में अपने साथ जोड़ लेना चाहिए। अश्विन का मानना है कि रोहित की क्रिकेट समझ और रणनीति बनाने की क्षमता बेहद खास है और ऐसी प्रतिभा को क्रिकेट से दूर नहीं जाने देना चाहिए।

बता दें कि 39 वर्षीय रोहित शर्मा पहले ही टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। अब उनके भविष्य को लेकर चर्चा मुख्य रूप से सीमित ओवरों के क्रिकेट के आसपास है। अगर वह आगे चलकर खेलना पूरी तरह छोड़ते हैं, तो उनके लिए कोच, सलाहकार या टीम प्रबंधन से जुड़ी किसी भूमिका की संभावना बन सकती है।

अश्विन ने रोहित की कप्तानी की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पांच बार आईपीएल खिताब जीतने वाले कप्तान और भारत को विश्व कप जिताने वाले खिलाड़ी आसानी से नहीं मिलते। ऐसे खिलाड़ी की सोच और अनुभव किसी भी टीम के लिए बड़ी संपत्ति हो सकते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर रोहित मुख्य कोच की जिम्मेदारी नहीं लेना चाहते तो उन्हें तुरंत उस भूमिका में जाने की जरूरत नहीं है। वह एक-दो साल का ब्रेक लेकर बाद में किसी जिम्मेदारी को संभाल सकते हैं। अश्विन ने राहुल द्रविड़ का उदाहरण देते हुए कहा कि द्रविड़ ने भी एक समय ब्रेक लिया था और फिर क्रिकेट से जुड़े काम में वापस आए थे।

गौरतलब है कि अश्विन खुद भी भविष्य में कोच बनने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं। इसी वजह से उनका यह आकलन खास माना जा रहा है। उन्होंने आने वाले समय में घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट की भूमिका बढ़ने की संभावना भी जताई।

अश्विन के मुताबिक, अगले कुछ वर्षों में फ्रेंचाइजी क्रिकेट का प्रभाव और बढ़ सकता है। ऐसे में सिर्फ मुख्य कोच ही नहीं, बल्कि सलाहकार, क्रिकेट निदेशक और उच्च प्रदर्शन निदेशक जैसे पद भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकते हैं। इन भूमिकाओं में पूर्व सफल खिलाड़ियों के अनुभव का इस्तेमाल किया जा सकता है।

अश्विन का मानना है कि मुंबई इंडियंस जैसी टीम रोहित की क्रिकेट समझ को नजरअंदाज नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि रोहित जिस तरह खेल को पढ़ते हैं और परिस्थितियों के हिसाब से फैसले लेते हैं, वह क्षमता उन्हें भविष्य में भी उपयोगी बना सकती है।

फिलहाल विराट कोहली और रोहित शर्मा दोनों का भविष्य खिलाड़ी के तौर पर ही चर्चा में है, लेकिन अश्विन के बयान ने इस बहस को नई दिशा दे दी है। आने वाले वर्षों में अगर दोनों में से कोई कोचिंग या टीम प्रबंधन का रास्ता चुनता है, तो भारतीय क्रिकेट को दो बेहद अनुभवी खिलाड़ियों का अनुभव नई भूमिका में देखने को मिल सकता है।

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कैलारस शक्कर कारखाने को लेकर आर-पार की लड़ाई, कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय ने किया 15 अगस्त से आमरण अनशन का ऐलान

मुरैना: कैलारस के बंद पड़े सहकारी शक्कर कारखाने को दोबारा शुरू कराने की मांग को लेकर कांग्रेस के जौरा विधायक पंकज उपाध्याय ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। उन्होंने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण के बाद शक्कर कारखाना परिसर में शांतिपूर्ण आमरण अनशन शुरू करने की घोषणा की है। उनका कहना है कि सरकार जब तक कारखाने के पुनर्जीवन और परिसमापन से जुड़ी कार्रवाई रद्द करने को लेकर ठोस लिखित निर्देश जारी नहीं करती, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा।

कैलारस में वर्ष 1973 में सहकारी शक्कर कारखाने की स्थापना हुई थी। यह कारखाना वर्ष 2008 तक संचालित हुआ, जिसके बाद इसे बंद कर दिया गया। कारखाने को दोबारा शुरू कराने के साथ किसानों और कर्मचारियों की बकाया देनदारियों के भुगतान की मांग को लेकर क्षेत्र में लंबे समय से आंदोलन चल रहा है।

जमीन और परिसंपत्तियां MSME को सौंपने के फैसले का विरोध

19 अगस्त 2025 को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में कैलारस शक्कर कारखाने की जमीन और परिसंपत्तियां MSME विभाग को सौंपने का फैसला लिया गया था। इसके एवज में MSME विभाग द्वारा सहकारिता विभाग को करीब 61 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया।

इस फैसले के बाद क्षेत्र में विरोध तेज हुआ। किसान संगठनों ने पूरे जिले में जनजागरूकता अभियान चलाया और 21 सितंबर 2025 को जीवाजीगंज, मुरैना में किसान नेता राकेश टिकैत के नेतृत्व में किसान सभा आयोजित की गई। पंकज उपाध्याय के अनुसार, क्षेत्र के करीब पांच हजार किसानों ने सरकार को लिखित वचन पत्र देकर गन्ने की खेती के लिए तैयार होने की बात कही थी।

विधानसभा में तीन बार सवाल लगाने के बाद भी नहीं मिला जवाब

पंकज उपाध्याय ने कैलारस शक्कर कारखाने को लेकर विधानसभा के तीन अलग-अलग सत्रों में सवाल लगाए। उन्होंने दिसंबर 2025 के सत्र में 1 दिसंबर, फरवरी-मार्च 2026 के सत्र में 17 फरवरी और जुलाई 2026 के सत्र में 20 जुलाई को कारखाने से जुड़ी कार्रवाई की जानकारी मांगी थी।

उपाध्याय का आरोप है कि तीनों प्रश्न विधानसभा अध्यक्ष के स्तर पर अस्वीकार कर दिए गए और प्रश्न निरस्त किए जाने का कारण भी उन्हें लिखित रूप से नहीं बताया गया। इसी से नाराज होकर उन्होंने 21 जुलाई 2026 को विधानसभा परिसर में धरना दिया था। उनका कहना है कि इसके बाद संबंधित अधिकारियों ने सवालों से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया, लेकिन अभी तक जवाब नहीं मिले हैं।

चंबल में पांच शक्कर कारखाने चलने की संभावना का हवाला

कैलारस शक्कर कारखाने को दोबारा शुरू करने की मांग के समर्थन में राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ की रिपोर्ट का भी हवाला दिया गया है। उपाध्याय के अनुसार, रिपोर्ट में चंबल क्षेत्र में गन्ना उत्पादन की ऐसी संभावनाओं का उल्लेख है, जिनके आधार पर यहां पांच शक्कर कारखाने संचालित किए जा सकते हैं। विधायक ने कारखाने की परिसंपत्तियां MSME विभाग को सौंपने और इसके परिसमापन की कार्रवाई का विरोध करते हुए इसे क्षेत्र के किसानों के साथ वादाखिलाफी बताया है।

अमित शाह से लेकर सीएम मोहन यादव तक भेजे पत्र

पंकज उपाध्याय का कहना है कि कैलारस शक्कर कारखाने के पुनर्जीवन की मांग को लेकर उन्होंने केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग और कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना सहित कई नेताओं को पत्र भेजे हैं। विधायक का दावा है कि इस मुद्दे पर सैकड़ों पत्र भेजने के बावजूद अब तक किसी भी नेता की ओर से उन्हें जवाब नहीं मिला है।

15 अगस्त को ध्वजारोहण के बाद शुरू होगा आमरण अनशन

अब पंकज उपाध्याय ने आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए 15 अगस्त से आमरण अनशन शुरू करने की घोषणा की है। स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण के बाद वे कैलारस शक्कर कारखाना परिसर में शांतिपूर्ण आमरण अनशन पर बैठेंगे।

उन्होंने साफ किया है कि इस बार केवल आश्वासन के आधार पर आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। उनकी मांग है कि सरकार कैलारस शक्कर कारखाने को पुनर्जीवित करने और परिसमापन से संबंधित सभी कार्रवाइयों को रद्द करने के संबंध में ठोस लिखित निर्देश जारी करे। ऐसे निर्देश जारी होने तक आमरण अनशन जारी रखने की घोषणा की गई है।

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  Sports

सरफराज खान बाहर, ध्रुव जुरेल अंदर? श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में भारत की संभावित प्लेइंग XI

India Probable XI Against Sri Lanka: 15 अगस्त को 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भारतीय क्रिकेट टीम श्रीलंका के खिलाफ पहला टेस्ट खेलने उतरेगी. लगभग एक दशक बाद लंकाई सरजमीं पर उतरी गिल ब्रिगेड के सामने स्पिन के खिलाफ लचर प्रदर्शन से उबरने और WTC फाइनल की रेस में बने रहने की बड़ी चुनौती है. जसप्रीत बुमराह और वाशिंगटन सुंदर के बाहर होने से टीम का संतुलन प्रभावित हुआ है, वहीं गेंदबाजी में गुरनूर बराड़ और प्रसिद्ध कृष्णा के बीच चयन को लेकर बड़ा सस्पेंस बना हुआ है. Fri, 14 Aug 2026 22:13:35 +0530

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