श्रीलंकाई क्रिकेटर कुसल मेंडिस के बचपन के कोच की मौत, मैदान पर इस बात के लिए हुआ था विवाद, जानिए पूरा मामला
Sri Lanka Coach Death: एक ओर जहां भारत और श्रीलंका के बीच 15 अगस्त से शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज की तैयारियां चल रही हैं. वहीं, दूसरी तरफ श्रीलंका में एक क्रिकेट कोच की मौत से हड़कंप मच गया है. श्रीलंका के पूर्व कप्तान कुसल मेंडिस को स्कूल के दिनों में कोचिंग देने वाले सुमित फर्नांडो की मौत हो गई है. खबरों की मानें, तो मैदान पर खिलाड़ियों के बीच पानी पिलाने को लेकर बहस हुई, जिसमें कोच भी शामिल हो गए और फिर मारपीट में वह बुरी तरह घायल हो गए. इसके बाद जब उन्हें अस्पताल ले जाया गया, तो डॉक्टर्स उन्हें बचा नहीं पाए और उनकी मौत हो गई. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक 17 साल के खिलाड़ी को 10 अगस्त को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था और उसे सुधार गृह में भेज दिया गया.
क्या है पूरा मामला?
श्रीलंका में हुए क्रिकेट कोच की मौत से हड़कंप मच गया है. यह घटना 8 अगस्त को कोलंबो के ब्लूमफील्ड क्रिकेट एंड एथलेटिक क्लब में एक क्रिकेट मैच के दौरान हुई. मिली जानकारी के मुताबिक, मैच के दौरान पीने के पानी को लेकर दो खिलाड़ियों के बीच बहस हो गई थी. इसी दौरान कोच सुमित फर्नांडो भी विवाद में शामिल हो गए. पुलिस की मानें तो, बहस के दौरान फर्नांडो ने कथित तौर पर एक खिलाड़ी पर हमला करने की कोशिश की. इसके बाद 17 वर्षीय एक खिलाड़ी ने उन्हें कथित तौर पर पीट दिया. हमले में फर्नांडो बुरी तरह घायल हो गए. उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान 11 अगस्त को उनकी मौत हो गई.
17 साल के खिलाड़ी हुआ गिरफ्तार
पुलिस ने क्रिकेट कोच सुमित फर्नांडो की मौत के मामले में 17 वर्षीय क्रिकेटर को 10 अगस्त को गिरफ्तार किया था. उसे 11 अगस्त को कोलंबो मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया. अदालत ने उसे 17 अगस्त तक बाल सुधार गृह में रखने का आदेश दिया है. पुलिस इस मामले में शामिल अन्य खिलाड़ियों से भी पूछताछ कर रही है. फिलहाल घटना की जांच जारी है. मेडिकल रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि फर्नांडो को पहले से दिल की बीमारी थी. पुलिस ने मौत की सही वजह जानने के लिए पोस्टमार्टम कराया है, जिसकी रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है.
???? SAD NEWS: KUSAL MENDIS’ COACH SUMITH FERNANDO DIES AFTER ALTERCATION
— TheWicketReport (@WicketReport) August 14, 2026
Sri Lankan coach Sumith Fernando has passed away in Colombo at the age of 62 after suffering injuries during an altercation with young cricketers at a cricket facility.
A 17-year-old cricketer has been… pic.twitter.com/CvwKioTIHL
कुसल मेंडिस को स्कूली दिनों में कोचिंग देते थे सुमित फर्नांडो
सुमित फर्नांडो श्रीलंका क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कुसल मेंडिस को कोचिंग दे चुके हैं. दरअसल, सुमित मोरातुवा के प्रिंस ऑफ वेल्स कॉलेज में क्रिकेट कोच रह चुके थे, जहां उन्होंनेकुसल मेंडिस समेत कई खिलाड़ियों को उनके शुरुआती क्रिकेट करियर में ट्रेनिंग दिया था. कोचिंग के अलावा वह पिच क्यूरेटर के तौर पर भी काम कर चुके थे.
फर्नांडो का अंतिम संस्कार 13 अगस्त को किया गया. उनकी मौत की खबर श्रीलंकाई क्रिकेट जगत के लिए बड़ा झटका है. वहीं, भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 15 अगस्त से गॉल में खेला जाना है. ऐसे समय में सामने आई यह घटना बेहद दुखद और चौंकाने वाली है.
ये भी पढ़ें: IND VS SL: श्रीलंका दौरे पर शुभमन गिल के निशाने पर 3 माइलस्टोन, जिसे हासिल कर एलीट लिस्ट में शामिल होंगे कप्तान
80वां स्वतंत्रता दिवस: इस बार 1057 बहादुरों को मिलेगा वीरता और सेवा पदक, गृहमंत्रालय ने कर दिया ऐलान
80th Independence Day: स्वतंत्रता दिवस को लेकर देशभर में तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. हर घर तिरंगा अभियान के तहत कश्मीर से कन्याकुमारी तक तिरंगा छा रहे हैं. वहीं दिल्ली के लाल किला पर तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं. इसी बीच गृहमंत्रालय ने वीरता और सेवा पदक के लिए ऐलान कर दिया है.
गृह मंत्रालय (MHA) के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर पुलिस, फायर, होम गार्ड और सिविल डिफेंस (HG&CD) तथा सुधार सेवाओं के कुल 1057 कर्मियों को वीरता और सेवा पदक से सम्मानित किया गया है.
A total of 1057 Personnel of Police, Fire, Home Guard & Civil Defence (HG&CD) and Correctional Services have been awarded Gallantry and Service Medals on the occasion of Independence Day, 2026: Ministry of Home Affairs (MHA)
— ANI (@ANI) August 14, 2026
क्यों दिए जाते हैं वीरता और सेवा पदक
15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सशस्त्र बलों, पुलिस और अन्य सुरक्षाकर्मियों के उन असाधारण योगदानों को सम्मान दिया जाता है, जिन्होंने देश की सुरक्षा और सेवा के लिए बहादुरी, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया. इन पदकों के जरिए आतंकवाद या दुश्मनों से मुकाबले के दौरान साहस दिखाने वाले जवानों के साथ-साथ पुलिस और अन्य सेवाओं में उत्कृष्ट काम करने वाले कर्मियों को भी सम्मानित किया जाता है. इसका उद्देश्य उनके योगदान को पहचान देना और दूसरे जवानों व नागरिकों को देशसेवा, साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण के लिए प्रेरित करना है.
यह भी पढ़ें: स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली मेट्रो का खास इंतजाम, सुबह 4 बजे से शुरू होंगी सेवाएं; जानें पूरा शेड्यूल
वीरता और सेवा पदक में क्या है अंतर
वीरता पदक
ये पदक उन जवानों और सुरक्षाकर्मियों को दिए जाते हैं, जिन्होंने युद्धकाल में या शांति के दौरान असाधारण बहादुरी और साहस दिखाया हो. लोगों की जान-माल बचाने, आतंकवादियों से मुकाबला करने या अपराध रोकने जैसे कामों में अदम्य साहस दिखाने वालों को भी इनसे सम्मानित किया जाता है. परमवीर चक्र, महावीर चक्र, वीर चक्र, अशोक चक्र, कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र प्रमुख वीरता पदक हैं.
सेवा पदक
इनका उद्देश्य किसी खास बहादुरी की घटना के बजाय लंबे समय तक ईमानदारी, समर्पण और बेहतरीन सेवा के लिए कर्मियों को सम्मानित करना है. पुलिस, अग्निशमन, होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा और सैन्य सेवाओं में उत्कृष्ट रिकॉर्ड रखने वाले कर्मियों को ये पदक दिए जाते हैं. राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक (PSM), सराहनीय सेवा पदक (MSM) और विशिष्ट सेवा पदक (VSM) इसके प्रमुख उदाहरण हैं.
यह भी पढ़ें: प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस से पहले लोगों से की 'हर घर तिरंगा' अभियान में शामिल होने की अपील
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation










