स्टार्क टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट वाले लेफ्ट-आर्म गेंदबाज बने:हेराथ का 433 विकेट का रिकॉर्ड तोड़ा; कपिल देव की बराबरी
डार्विन के मरारा क्रिकेट ग्राउंड में बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट के दूसरे दिन मिचेल स्टार्क ने शादमान इस्लाम को आउट कर अपना 434वां टेस्ट विकेट लिया। इसके साथ ही वे टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले लेफ्ट-आर्म गेंदबाज बन गए। स्टार्क ने श्रीलंका के रंगना हेराथ के 433 विकेट का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा। वहीं, बांग्लादेश ने अपनी पहली पारी में 130 रन बना लिए हैं। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया 198 रन पर ऑलआउट हो गई थी। यह टेस्ट में बांग्लादेश के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया का सबसे कम स्कोर है। कपिल देव के 434 विकेट की बराबरी 434 विकेट के साथ स्टार्क ने भारत के पूर्व कप्तान कपिल देव के टेस्ट विकेटों की भी बराबरी कर ली। कपिल ने 131 टेस्ट में 434 विकेट लिए थे, जबकि स्टार्क ने यह आंकड़ा 106 टेस्ट में हासिल किया। अब स्टार्क टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में संयुक्त रूप से 11वें स्थान पर हैं। उनसे आगे 439 विकेट के साथ साउथ अफ्रीका के डेल स्टेन हैं। 400+ विकेट लेने वाले दूसरे लेफ्ट-आर्म पेसर स्टार्क 400 या उससे ज्यादा टेस्ट विकेट लेने वाले दुनिया के दूसरे लेफ्ट-आर्म पेसर हैं। उनसे पहले पाकिस्तान के वसीम अकरम ने 414 विकेट लिए थे। स्टार्क अब अकरम को पीछे छोड़ चुके हैं और लेफ्ट-आर्म पेसर के साथ-साथ सभी लेफ्ट-आर्म गेंदबाजों में सबसे ज्यादा टेस्ट विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। ऑस्ट्रेलिया 198 पर ऑलआउट, हसन महमूद ने लिए 6 विकेट स्टार्क के रिकॉर्ड वाले दिन ऑस्ट्रेलिया पहली पारी में 198 रन पर ऑलआउट हो गया। बांग्लादेश के तेज गेंदबाज हसन महमूद ने 55 रन देकर 6 विकेट लिए। स्टीव स्मिथ ने 71 रन बनाए, लेकिन उनके अलावा कोई बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका। ---------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… स्कॉटलैंड के लाइल रॉबर्टसन ने डेब्यू पर 6 विकेट लिए:कागिसो रबाडा-फिदेल एडवर्ड्स के रिकॉर्ड की बराबरी, स्कॉटलैंड ने कनाडा को 170 रन से हराया स्कॉटलैंड के फोर्थहिल में ICC क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग-2 का ट्राई-सीरीज मुकाबला खेला जा रहा है। इसमें स्कॉटलैंड के 23 साल के ऑफ-स्पिनर लाइल रॉबर्टसन ने वनडे डेब्यू पर 6 विकेट लिए। वे पुरुष वनडे डेब्यू पर 6 विकेट लेने वाले चौथे गेंदबाज बन गए। पूरी खबर
संजय दत्त के पुणे क्लब में विवाद:बिना इजाजत बजाए गए कॉपीराइट वाले गाने, बॉम्बे हाई कोर्ट ने शिकायत मिलने पर लगाई रोक
पुणे में एक्टर संजय दत्त के नाइटक्लब Ballr पर कॉपीराइट विवाद खड़ा हो गया है। क्लब में बिना इजाजत कॉपीराइट वाले गाने बजाए जा रहे थे। फोनोग्राफिक परफॉर्मेंस लिमिटेड (PPL) इंडिया ने बॉम्बे हाई कोर्ट में शिकायत की कि क्लब में बिना लाइसेंस कॉपीराइट म्यूजिक का इस्तेमाल हो रहा है। कोर्ट ने PPL को अंतरिम राहत देते हुए Ballr को जरूरी लाइसेंस के बिना अपने कलेक्शन की साउंड रिकॉर्डिंग सार्वजनिक रूप से बजाने से रोक दिया। PPL के एक प्रतिनिधि ने 24 जून को Ballr का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने क्लब में PPL के कलेक्शन के कई कॉपीराइट वाले गाने बजते हुए पाए। Ballr के मालिक एक्टर संजय दत्त और हेरंब शेलके हैं। इन गानों में ‘बदतमीज दिल’, ‘मौजा ही मौजा’, ‘दर्द-ए-डिस्को’, ‘ओ साकी साकी’ और ‘दस बहाने’ शामिल हैं। लिस्ट में जस्टिन बीबर और दुआ लिपा के गाने भी क्लब में बजाए जा रहे गानों की लिस्ट में इंटरनेशनल सॉन्ग भी शामिल थे। इनमें जस्टिन बीबर का ‘व्हाट डू यू मीन’ और दुआ लिपा का ‘लेविटेटिंग’ शामिल है। PPL का दावा है कि इन सभी साउंड रिकॉर्डिंग का कॉपीराइट उसी संस्था के पास है। 7 अगस्त के आदेश में बॉम्बे हाई कोर्ट ने नाइटक्लब के मालिकों को जरूरी नॉन-एक्सक्लूसिव पब्लिक परफॉर्मेंस लाइसेंस के बिना PPL के कलेक्शन की साउंड रिकॉर्डिंग बजाने या इस्तेमाल करने से रोक दिया। पहले लिया था लाइसेंस, एक्सपायर होने के बाद रिन्यू नहीं कराया सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि Ballr ने पहले PPL इंडिया से उसके कलेक्शन का म्यूजिक इस्तेमाल करने के लिए कॉपीराइट लाइसेंस लिया था। PPL इंडिया कॉपीराइट वाली साउंड रिकॉर्डिंग के लाइसेंस का काम देखती है। हालांकि, यह लाइसेंस एक्सपायर हो गया था और इसे रिन्यू नहीं कराया गया। इस बात को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने PPL को अंतरिम राहत दी और Ballr में बिना जरूरी इजाजत कॉपीराइट वाली रिकॉर्डिंग इस्तेमाल नहीं करने का निर्देश दिया। PPL का कहना है कि मनोरंजन के लिए कॉपीराइट म्यूजिक बजाने वाले कमर्शियल संस्थानों को जरूरी लाइसेंस लेना होगा। संस्था उन जगहों पर भी नजर रख रही है, जहां बिना इजाजत उसकी रिकॉर्डिंग का इस्तेमाल हो सकता है। PPL के वकील बोले- बिना मंजूरी इस्तेमाल पर कानूनी नतीजे हो सकते हैं आदेश के बाद PPL के वकील हितेन वासन ने कहा कि संस्था उन मामलों की पहचान करना जारी रखेगी, जहां बिना जरूरी मंजूरी कॉपीराइट वाले संगीत का इस्तेमाल किया जा रहा है। वासन ने कहा, “बॉम्बे हाई कोर्ट का अंतरिम आदेश साफ मैसेज देता है कि कॉपीराइट वाले संगीत का बिना मंजूरी लगातार इस्तेमाल करने पर गंभीर कानूनी नतीजे हो सकते हैं।” यह अंतरिम आदेश है, अंतिम फैसला नहीं कोर्ट का आदेश इस मामले में अंतरिम कदम है। यह विवाद से जुड़े सभी मुद्दों पर अंतिम फैसला नहीं है। फिलहाल, Ballr को जरूरी लाइसेंस लिए बिना PPL के कलेक्शन की रिकॉर्डिंग इस्तेमाल करने से रोक दिया गया है। PPL की शिकायत के बाद कमर्शियल जगहों पर म्यूजिक लाइसेंस के मुद्दे पर फिर ध्यान गया है। कमर्शियल जगहों को अपने मेहमानों के लिए कॉपीराइट वाले गाने बजाने से पहले जरूरी मंजूरी लेनी होती है।
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