Jharkhand CM Hemant Soren ने PM Modi को पत्र लिखकर खनन विधेयक पर पुनर्विचार की मांग की
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया। सोरेन ने प्रधानमंत्री से कहा कि राज्य के शुल्क पर प्रतिबंध से झारखंड की वित्तीय क्षमता काफी प्रभावित हो सकती है और इससे खनन के सामाजिक एवं पर्यावरणीय दुष्प्रभावों से निपटने की राज्य की क्षमता कम हो सकती है। प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में सोरेन ने कहा कि राज्य आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में खनन से मिलने वाला राजस्व झारखंड के अपने गैर-कर राजस्व का 84.9 प्रतिशत था।
उन्होंने कहा कि मिनरल बेयरिंग लैंड सेस से सालाना लगभग 7,110 करोड़ रुपये की कमाई होने का अनुमान है और खनिज से जुड़ा राजस्व राज्य की वित्तीय व्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। सोरेन ने कहा, ‘‘इस राजस्व पर किसी भी तरह की बड़ी रोक झारखंड की विकास, कल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों को जारी रखने की क्षमता को सीधे प्रभावित करेगी।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की खनिज संपदा का आकलन उन भारी लागतों के साथ किया जाना चाहिए, जिन्हें राज्य और यहां के लोगों को उठाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि दशकों से बड़े पैमाने पर हो रहे खनन के कारण विस्थापन, पर्यावरण को नुकसान, प्रदूषण, स्थानीय बुनियादी ढांचे पर दबाव और पारंपरिक सामाजिक एवं सांस्कृतिक व्यवस्थाओं में व्यवधान जैसी समस्याएं पैदा हुई हैं।
सोरेन ने कहा कि झारखंड ने अपनी खनिज संपदा के माध्यम से देश के औद्योगिकीकरण, ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, लेकिन जब राज्य और उसके लोग खनन के लगातार दुष्परिणामों को झेल रहे हैं तो खनिज संपदा को केवल आर्थिक लाभ के रूप में नहीं देखा जा सकता।
Tariq Rahman की India यात्रा द्विपक्षीय बातचीत की प्रगति पर निर्भर है
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की भारत की प्रस्तावित यात्रा को अभी अंतिम रूप दिया जाना बाकी है और इसका समय उनके ‘‘कार्यक्रम” और द्विपक्षीय बातचीत में ‘‘प्रगति’’ पर निर्भर करेगा। एक मंत्री ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री शमा ओबैद इस्लाम ने विदेश कार्यालय में पत्रकारों से कहा, ‘‘सरकार सभी देशों की यात्राओं को लेकर सकारात्मक है।
लेकिन यह प्रधानमंत्री के कार्यक्रम और दोनों देशों के बीच बातचीत कितनी आगे बढ़ती है, इस पर निर्भर करेगा।’’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रहमान को नयी दिल्ली में होने वाले आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के सत्र में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। भारत 12 और 13 सितंबर को वार्षिक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। भारत ने बिम्सटेक के मौजूदा अध्यक्ष के तौर पर रहमान को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के सत्र में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है।
बिम्सटेक (बंगाल की खाड़ी बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग पहल) एक क्षेत्रीय संगठन है, जिसमें भारत, श्रीलंका, थाईलैंड, बांग्लादेश, म्यांमा, नेपाल और भूटान शामिल हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को कहा था कि रहमान को भारत आने के लिए दो अलग-अलग निमंत्रण दिए गए हैं। इनमें एक निमंत्रण द्विपक्षीय यात्रा के लिए और दूसरा सितंबर में नयी दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के संपर्क सत्र में हिस्सा लेने के लिए है।
शमा ने कहा, “ब्रिक्स में अभी काफी समय है। एक महीने में बहुत कुछ हो सकता है।’’ उन्होंने आगामी घरेलू कार्यक्रमों और संवैधानिक गतिविधियों का हवाला देते हुए कहा, ‘‘सरकार व्यस्त है और प्रधानमंत्री भी व्यस्त हैं। अगर सब कुछ अनुकूल रहा, तो निश्चित रूप से भारत की यात्रा होगी, जापान की यात्रा होगी; सभी यात्राएं होंगी।’’ अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के बेदखल होने के बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के सत्ता में आने के बाद भारत और बांग्लादेश के संबंधों में काफी गिरावट आई थी।
यह पूछे जाने पर कि क्या प्रधानमंत्री रहमान की भारत यात्रा से तनाव कम करने में मदद मिल सकती है, शमा ने कहा कि दोनों देशों की सरकारों के प्रमुखों के बीच सीधी बातचीत से लंबित मुद्दों को सुलझाने का अवसर मिल सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘जब भी दो देशों के शीर्ष नेता आपस में बातचीत करते हैं, तो कई समस्याओं के समाधान की संभावना बनती है। यह अवसर मौजूद है और बना हुआ है।
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