अकाली दल प्रमुख Sukhbir Singh Badal पर Nanded में हमला करने वाला सेवादार गिरफ्तार
महाराष्ट्र के नांदेड़ शहर के पास एक गुरुद्वारे में बृहस्पतिवार को शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल पर कथित रूप से हमला करने वाला व्यक्ति पिछले दो वर्षों से वहां ‘सेवादार’ के रूप में काम कर रहा था और पुणे का रहने वाला है। पुलिस ने यह जानकारी दी। एक प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, बादल पर कृपाण से कथित तौर पर हमला करने के बाद उसने कहा, ‘‘मैं आत्मसमर्पण करता हूं, मैं आत्मसमर्पण करता हूं।’’ इससे पहले पुलिस ने बताया था कि हमलावर सिखों के ‘निहंग’ संमुदाय से जुड़ा है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोपी जसपाल सिंह की उम्र 60 से 62 वर्ष के बीच है और वह गुरुद्वारा माता साहिब देवान जी मुगत में सेवादार या स्वयंसेवक के रूप में काम कर रहा था। नांदेड़ के पुलिस अधीक्षक नीलाभ रोहन ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ के दौरान उसने पंजाब में नशे की समस्या का जिक्र किया, लेकिन बादल पर हमला करने के उसके वास्तविक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ता भी पुलिस के साथ मिलकर मामले की जांच कर रहा है।
उन्होंने बताया कि सुखबीर सिंह बादल की हालत स्थिर है। एसपी रोहन ने बताया कि जसपाल सिंह के पास कॉमर्स और कानून की डिग्रियां हैं और वह अपने परिवार के साथ पुणे में रहता है। हालांकि, वह नांदेड़ में अकेला रह रहा था।
उन्होंने कहा, “हमने उसे गिरफ्तार कर लिया है और पूछताछ जारी है। हम उसकी पृष्ठभूमि की जांच कर रहे हैं... शुरुआत में उसने कहा कि वह पंजाब में नशे की समस्या को लेकर नाराज था। लेकिन हमले का वास्तविक कारण विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएगा।
हमें हमलावर के किसी गिरोह से संबंध या आपराधिक पृष्ठभूमि के बारे में भी अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है।’’ पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर करीब अपराह्न 1:45 बजे नांदेड़ से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित गुरुद्वारा माता साहिब देवान जी मुगत में हमला किया गया। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उनके दाहिने हाथ में दो से तीन टांके लगाए गए। नांदेड़ स्थित तख्त सचखंड श्री हजूर अपचलनगर साहिब गुरुद्वारे के पूर्व सचिव रविंदर सिंह बुंगई ने कहा कि जब यह घटना हुई, तब वह मौके पर मौजूद थे।
उन्होंने कहा, ‘‘वह (बादल) उस स्थान पर पहुंच गए थे, जहां श्रद्धालु अपने पैर धोते हैं। हमला अचानक हुआ और किसी के कुछ समझ पाने से पहले ही यह घटना हो गई। हमले के बाद (आरोपी) जसपाल सिंह ने कहा, ‘‘मैं आत्मसमर्पण करता हूं... मैं आत्मसमर्पण करता हूं।’’ बुंगई ने कहा, ‘‘यह शर्मनाक है कि जब कोई व्यक्ति गुरुद्वारे में दर्शन के लिए गया था, तब ऐसी घटना हुई, वह भी ‘जेड-प्लस’ सुरक्षा के बीच।’’ उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र के सिख समुदाय ने इस हमले की निंदा की है।
एटीएस की एक टीम ने पुणे में जसपाल सिंह के घर जाकर पूछताछ की। एटीएस अधिकारियों के अनुसार, सिंह की पत्नी और एक विवाहित बेटी है। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी फिलहाल अपने एक रिश्तेदार के साथ रह रही हैं।
Tamil Nadu CM विजय ने S Jaishankar को पत्र लिख 9 मछुआरों की रिहाई का किया आग्रह
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने बृहस्पतिवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर कच्चातिवु के पास कथित तौर पर मछली पकड़ रहे तमिलनाडु के नौ मछुआरों की गिरफ्तारी और उनकी नाव जब्त किए जाने के मामले में केंद्र से तत्काल कूटनीतिक हस्तक्षेप का आग्रह किया। मुख्यमंत्री विजय ने बार-बार हो रही ऐसी गिरफ्तारियों का जिक्र करते हुए जयशंकर से श्रीलंकाई सरकार के समक्ष यह मुद्दा उठाने और मछुआरों तथा उनकी नाव की जल्द रिहाई सुनिश्चित करने का अनुरोध किया। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, रामनाथपुरम जिले के रहने वाले इन मछुआरों को 12 अगस्त की देर रात पकड़ा गया।
अगस्त में इस तरह की यह दूसरी घटना है। फिलहाल 49 भारतीय मछुआरे श्रीलंकाई हिरासत में हैं। मुख्यमंत्री ने पत्र में कहा कि बार-बार होने वाली गिरफ्तारियों से “खासकर तमिलनाडु के तटीय जिलों के मछुआरा समुदाय में चिंता और गहरी असुरक्षा की भावना” उत्पन्न हो रही है।
उन्होंने कहा कि केंद्र के त्वरित हस्तक्षेप से प्रभावित परिवारों को काफी राहत और भरोसा मिलेगा। इस बीच, रामेश्वरम में मछुआरा समुदाय ने गिरफ्तारियों पर चिंता जताई और चेतावनी दी कि अगर तत्काल कदम नहीं उठाए गए तो वे विरोध-प्रदर्शन करेंगे। सेवरियार मछुआरा संघ के अध्यक्ष सगायम सेवरियार ने बार-बार हो रही गिरफ्तारियों पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि यह पिछले डेढ़ महीने में श्रीलंकाई नौसेना द्वारा पकड़ी गई तीसरी नौका है।
सगायम ने ‘पीटीआई वीडियो’ सेवा से कहा, श्रीलंकाई नौसेना ने नौका को रोका और नौ मछुआरों को गिरफ्तार कर लिया। यह दुखद है कि केंद्र और राज्य सरकार दोनों इस मुद्दे पर उदासीन बनी हुई हैं। उन्होंने गिरफ्तार मछुआरों और उनकी नौकाओं को जल्द छोड़े जाने को सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
सगायम ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कदम नहीं उठाए गए तो मछुआरा समुदाय को विरोध प्रदर्शन के अगले चरण की शुरुआत करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। राजनीतिक आश्वासनों का जिक्र करते हुए मछुआरा संघ के नेता ने कहा कि तमिलनाडु की मौजूदा सरकार ने सत्ता में आने पर श्रीलंका से जुड़े समुद्री मुद्दे का समाधान करने और गिरफ्तारियों पर रोक लगाने का वादा किया था, लेकिन मछुआरों की गिरफ्तारी लगातार जारी है। उन्होंने अधिकारियों से हस्तक्षेप करने और यह सुनिश्चित करने की अपील की कि मछुआरों को कच्चातिवु क्षेत्र में बिना किसी परेशानी के मछली पकड़ने दिया जाए।
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