छत्तीसगढ़ सीएम सचिवालय में बड़ा फेरबदल, अफसरों में बांटे नए विभाग; जानिए किस IAS को क्या मिली जिम्मेदारी
Chhattisgarh IAS Reshuffle: छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय सचिवालय के अधिकारियों को दायित्वों का नए सिरे से बंटवारा किया गया है. सभी सचिवों और विशेष सचिवों को संभागों की जिम्मेदारी दी गई है. इसके अलावा कौन किस विभाग की फाइल देखेगा, इसे भी निर्धारित किया गया है. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री सचिवालय में अफसरों की जिम्मेदारी इसलिए नए सिरे से तय की गई है, क्योंकि मुख्यमंत्री सचिवालय में दो अफसरों का ट्रांसफर हुआ है तो दो नए अफसर आए हैं.
सचिवालय में दो नए अधिकारियों की एंट्री
सचिव बसव राजू कौशल विकास विभाग में सचिव बनाए गए हैं. वहीं विशेष सचिव डॉ० रवि मित्तल डेपुटेशन पर प्रधानमंत्री कार्यालय गए हैं. उनकी जगह रजत बंसल स्पेशल सिकेट्री टू सीएम और प्रभात मलिक ज्वाइंट सिकेट्री टू सीएम बनाए गए हैं.
6 दिग्गजों के हाथ में होगी मुख्यमंत्री सचिवालय की कमान
इन दो नए अफसरों के बाद मुख्यमंत्री सचिवालय में पांच आईएएस और एक आईपीएस को मिलाकर कुल 6 अधिकारी हो गए हैं. इनमें प्रमुख सचिव आईएएस सुबोध सिंह, सचिव आईएएस मुकेश बंसल, सचिव आईएएस पी दयानंद, सचिव आईपीएस राहुल भगत, स्पेशल सिकेट्री रजत बंसल और ज्वाइंट सिकेट्री प्रभात मलिक शामिल हैं.
प्रमुख सचिव सुबोध सिंह संभालेंगे सबसे अहम जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री के अनुमोदन से सुबोध सिंह समेत सभी सचिवों और स्पेशल सिकेट्री, ज्वाइंट सिकेट्री के विभाग और संभागों के प्रभार तय कर दिए गए हैं. सुबोध सिंह चूकि सीएम सचिवालय के हेड हैं, इसलिए उन्हें संभाग का प्रभार नहीं मिला है. मगर कई अहम मसलों को वे देखेंगे. इसी तरह ये भी तय किया गया है कौन अफसर किस विभाग की फाइल कराएगा.
संभागों और फाइलों के बंटवारे से काम में आएगी तेजी
दरअसल, सीएम सचिवालय का पुरानी परंपरा है, सिकेट्री को सीएम से फाइल कराने की जिम्मेदारी दी जाती है. यानी विभिन्न विभागों से जो फाइलें आती हैं. उसे मुख्यमंत्री से कौन चर्चा कराएगा, इसके लिए जिम्मेदारी तय की जाती है. सीएम सचिवालय के हेड होने के नाते पीएस टू सीएम सुबोध सिंह के पास सभी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं. मुख्यमंत्री तक सारी फाइलें उनसे होकर ही गुजरती हैं. इनमें राष्ट्रपति और पीएमओ से लेकर मंत्रिपरिषद, समन्वय से लेकर कलेक्टर, एसपी, डीएफओ कांफेंस. मुख्यमंत्री सचिवालय के प्रशासनिक और समन्वय का काम भी उन्हीं के पास है.
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मालवीय नगर अग्निकांड: होटल मालिक लवकेश बजाज की हुई गिरफ्तारी, हादसे के बाद से चल रहा था फरार
मालवीय नगर अग्निकांड: बुधवार (3 जून) को दिल्ली के मालवीय नगर के हौज रानी इलाके में हुए भीषण अग्निकांड के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए होटल फ्लोरिश स्टे के मालिक लवकेश बजाज को हिरासत में ले लिया है. बता दें कि इस दर्दनाक हादसे में 17 विदेशी नागरिकों समेत 21 लोगों की मौत हो गई थी. घटना के बाद पुलिस ने लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया था ताकि आरोपी देश छोड़कर फरार न हो सके.
#UPDATE | Delhi: On the Malviya Nagar fire incident, Lovkesh Bajaj, co-owner of Hotel Flourish Stays, has now been arrested by the Delhi Police.
— ANI (@ANI) June 3, 2026
लाइसेंस 6 कमरों का, संचालन 25 कमरों का
जांच में सामने आया है कि इस गेस्ट हाउस को दिल्ली सरकार के पर्यटन विभाग ने मई 2024 में बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B) योजना के तहत केवल 6 कमरों के संचालन की अनुमति दी थी. यह अनुमति पहली और दूसरी मंजिल पर तीन-तीन कमरों के लिए थी. लेकिन आरोप है कि मालिक ने नियमों को दरकिनार कर पांच मंजिला इमारत और बेसमेंट में 20 से 25 कमरे बना दिए और उनका व्यावसायिक इस्तेमाल शुरू कर दिया.
Delhi's Malviya Nagar Fire | "...A Magisterial Inquiry has been ordered and an FIR has been registered against the owner of the property. A city-wide crackdown will be launched against illegal properties, unauthorised guest houses and establishments operating in violation of fire… pic.twitter.com/VWptGGcUgo
— ANI (@ANI) June 3, 2026
विदेशी नागरिकों की सबसे ज्यादा मौत
हादसे में जान गंवाने वालों में 17 विदेशी नागरिक शामिल थे. इनमें नाइजीरिया, मोजाम्बिक और बांग्लादेश के लोग भी थे. ये सभी पास के मैक्स अस्पताल में इलाज कराने या अपने परिजनों की देखभाल के लिए दिल्ली आए थे और इसी गेस्ट हाउस में ठहरे हुए थे.
सुरक्षा मानकों की खुली अनदेखी
पुलिस के अनुसार इमारत के पास फायर एनओसी नहीं थी. बेसमेंट में अवैध किचन और रेस्टोरेंट चलाए जाने की भी आशंका है, जहां से आग शुरू हुई. इमारत में बाहर निकलने के लिए केवल एक संकरा रास्ता था. धुआं और आग फैलने के बाद कई लोगों ने जान बचाने के लिए खिड़कियों से छलांग लगा दी, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं.
अन्य होटलों की भी जांच
आपको बता दें कि पुलिस अब लवकेश बजाज के अन्य होटलों, जैसे लेमन ग्रीन और फ्लोरिश इन, की भी जांच कर रही है. साथ ही उसपर गैर इरादतन हत्या समेत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इतने बड़े स्तर पर नियमों के उल्लंघन के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हुई.
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