अपर सर्किट पर दौड़ता रहा शेयर, अब खुली पोल! पारले प्रोडक्ट ने दिया बड़ा बयान
पारले इंडस्ट्रीज के शेयरों में हाल ही में करीब 60% की जबरदस्त तेजी देखने को मिली, लेकिन इसकी वजह कंपनी का कारोबार नहीं, बल्कि ‘Melody’ टॉफी को लेकर निवेशकों में फैली गलतफहमी थी। हालांकि, अब पारले इंडस्ट्रीज के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई है। इस पर पारले प्रोडक्ट का बयान आया है।
ITR 2026: 31 जुलाई से पहले आयकर रिटर्न भरने के 5 बड़े फायदे, देर करने पर पछताएंगे
ITR 2026: आयकर रिटर्न भरना सिर्फ एक कानूनी औपचारिकता नहीं, बल्कि यह आपकी वित्तीय पहचान का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज भी है। कई लोग आखिरी समय तक आईटीआर फाइल करने का इंतजार करते, लेकिन समय पर रिटर्न दाखिल करने से कई ऐसे फायदे मिलते हैं जो भविष्य में काफी काम आते।
वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि 31 जुलाई की निर्धारित समय सीमा से पहले आईटीआर दाखिल करने से न केवल टैक्स संबंधी परेशानियों से बचा जा सकता, बल्कि लोन, वीजा और बीमा जैसी कई जरूरतों में भी आसानी होती है।
किन लोगों के लिए आईटीआर भरना जरूरी?
अधिकांश करदाताओं के लिए आईटीआर फाइल करना अनिवार्य है। हालांकि 75 साल या उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को कुछ शर्तों के साथ छूट दी गई। इसके लिए उनकी आय केवल पेंशन और ब्याज से होनी चाहिए, ब्याज उसी बैंक से मिलना चाहिए जहां पेंशन आती है और बैंक में जरूरी घोषणा जमा करनी होती है। ऐसे मामलों में बैंक सेक्शन 194पी के तहत टीडीएस काटता है।
समय पर आईटीआर भरने के पांच बड़े फायदे होते हैं। आइए एक-एक जानते हैं।
- लोन मिलने में होती आसानी: होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन के लिए आवेदन करते समय बैंक अक्सर पिछले कुछ वर्षों के ITR मांगते हैं। इससे आपकी आय और भुगतान क्षमता का आकलन किया जाता है। नियमित ITR रिकॉर्ड लोन मंजूरी की संभावना बढ़ाता है।
- टैक्स रिफंड पाने के लिए जरूरी: यदि आपकी सैलरी, फिक्स्ड डिपॉजिट, किराये या प्रोफेशनल आय पर TDS ज्यादा कट गया है, तो अतिरिक्त टैक्स वापस पाने के लिए ITR फाइल करना जरूरी होता है। बिना रिटर्न दाखिल किए रिफंड क्लेम नहीं किया जा सकता।
- आय और पते का मजबूत प्रमाण: आईटीआर एक आधिकारिक आय प्रमाण पत्र की तरह काम करता है। पासपोर्ट, वीजा, बैंकिंग और कई कानूनी प्रक्रियाओं में इसे विश्वसनीय दस्तावेज माना जाता है। कई मामलों में यह एड्रेस प्रूफ के रूप में भी स्वीकार किया जाता है।
- घाटे को आगे ले जाने की सुविधा: शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या कारोबार में हुए नुकसान को भविष्य की आय के साथ समायोजित करने के लिए समय सीमा के भीतर आईटीआर दाखिल करना जरूरी है। देर से रिटर्न भरने पर यह लाभ नहीं मिलता।
- टर्म इंश्योरेंस लेने में फायदा: बड़े प्रीमियम वाले टर्म इंश्योरेंस प्लान खरीदते समय बीमा कंपनियां अक्सर आईटीआर मांगती हैं। इससे आवेदक की आय और बीमा कवर लेने की क्षमता का आकलन किया जाता है।
समय पर और सही आईटीआर दाखिल करने से आयकर विभाग की नोटिस या जांच की संभावना कम होती है। साथ ही यह आय और टैक्स का व्यवस्थित रिकॉर्ड बनाए रखने में मदद करता है, जिससे बेहतर वित्तीय योजना बनाना आसान हो जाता है।
(प्रियंका कुमारी)
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