आजकल भीषण गर्मी के बचने के लिए ठंडा नींबू पानी मिल जाए तो मजा आ जाता है। गर्मियों में नींबू पानी ठंडक पाने के लिए अमृत से कम नहीं है। वैसे सुबह खाली पेट नींबू पानी पीना हेल्दी रुटीन बन गया है। इसे कई महिलाएं वेट लॉस, शरीर को डिटॉक्स करने और दिन की हेल्दी शुरुआत से जोड़कर देखा जाता है।
कुछ लोग तो इसमें शहद मिलाकर पीने से चेहरे पर बेदाग निखार आता है। इस लेख में बताएंगे कि नींबू पानी पीना सच में फायदेमंद है या इसे कितनी मात्रा में पीना सही होता है।
नींबू पानी पीने के फायदे
नींबू पोषक तत्वों से भरपूर होता है, इसमें प्रचुर मात्रा में विटामिन C और प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं। नियमित रूप से संतुलित मात्रा में नींबू पानी का सेवन करने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती और ताजगी बनी रहती है। पानी में नींबू मिलाने से उसका स्वाद बेहतर हो जाता है, जिससे लोग अधिक मात्रा में तरल पदार्थ पीने के लिए प्रेरित होते हैं। इसके अलावा, विटामिन C शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद करता है और त्वचा को स्वस्थ व चमकदार बनाए रखने में भी सहायक होता है।
क्या वेट लॉस में मदद करता है नींबू पानी?
ऐसे में कुछ महिलाओं का मानना है कि नींबू पानी पीने से वजन तेजी से कम होता है, लेकिन यह पूरी तरह सही नहीं है। नींबू अपने आप फैट नहीं जलाता है। लेकिन आप मीठे ड्रिंक्स की जगह बिना चीनी वाला नींबू पानी पीते हैं,तो यह कैलोरी कम करने में मदद करता है और वेट मैनेजमेंट का हिस्सा बन सकता है।
रोज नींबू पानी पीने के साइड इफेक्ट्स
नींबू पानी का सेवन फायदेमंद माना जाता है, लेकिन इसका अत्यधिक उपयोग कुछ परेशानियां भी पैदा कर सकता है। जरूरत से ज्यादा या अधिक खट्टा नींबू पानी पीने पर कई महिलाओं को सीने में जलन, अपच, गैस या पेट में असहजता महसूस हो सकती है।
विशेष रूप से जिन लोगों को एसिडिटी, माइग्रेन या पाचन संबंधी समस्याएं रहती हैं, उन्हें इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए। साथ ही, नींबू में मौजूद अम्लीय तत्व दांतों की बाहरी परत को कमजोर कर सकते हैं। ऐसे में नींबू पानी स्ट्रॉ की मदद से पीना और इसके बाद मुंह को सादे पानी से साफ करना एक अच्छा विकल्प माना जाता है।
नींबू पानी पीने के सही तरीके
नींबू पानी पीने का सही तरीका है इसे पर्याप्त पानी में मिलाकर पिया जा सकता है और इसमें ज्यादा चीनी न डालें। खाली पेट पीना सही नहीं होता है। इसे दिन में किसी भी सम अपनी सुविधा और शरीर प्रतिक्रिया के अनुसार पी सकते हैं।
आखिर हम कह सकते है कि रोज नींबू पानी पीना सही हो सकता है लेकिन इसे चमत्कारी उपाय मानने के जगह संतुलित खानपान और स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा समझना ज्यादा जरुरी है। शरीर के संकेतों को समझें और कोई परेशानी फील हो सकती है।
Continue reading on the app
अक्सर गर्मी के मौसम में खाना खाने के फौरन बाद पेट में जलन, एसिडिटी या भारीपन लगने लगता है। अगर आपको भी यह महसूस होता है, तो यह पेट की गर्मी के लक्षण हैं। तेज गर्मी के कारण कुछ लोगों के साथ ऐसा होता है, जोकि बाद में पेट की गंभीर समस्या के रूप में सामने आती है। बाहर के बढ़ते तापमान का असर आपके पेट पर भी होता है। गर्मी के मौसम में पाचन तंत्र में असंतुलन होने की वजह से पेट फूलन, एसिड रिफ्लक्स, ब्लोटिंग और खाना हजम न होने जैसी समस्याएं होती हैं।
बता दें कि इसके पीछे सिर्फ बढ़ता तापमान नहीं बल्कि खाने-पीने में लापरवाही और डिहाइड्रेशन भी अहम कारण हैं। आयुर्वेद में इस समस्या को पित्त दोष कहा जाता है। तला-भुना, अनियमित दिनचर्या, मलालेदार खाना और पानी की कमी इस समस्या को बढ़ा देती है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि इस मौसम में पेट को कैसे ठंडा रखें और पाचन तंत्र को मजबूत कैसे बनाएं।
पित्त दोष क्यों होता है
जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो इससे पाचन क्रिया प्रभावित होती है। डिहाइ़ड्रेशऩ की वजह से शरीर का तापमान बढ़ता है और पेट से गर्मी निकलती है।
जब आप ज्यादा खाना खाते हैं, तो इससे भी पाचन तंत्र पर प्रेशर पड़ता है। जिससे पेट में एक्स्ट्रा गर्मी पैदा होती है।
बैक्टीरियल या वायरल इंफेक्शन की वजह से पेट की गर्मी और आंतों में सूजन आ सकती है। क्योंकि इस मौसम में बैक्टीरिया जल्दी पनपते हैं, वहीं बासी खाना या फिर दूषित स्ट्रीट फूड खाने से भी पेट में इंफेक्शन बढ़ता है।
पेट में लंबे समय तक गर्मी रहने से आंतों में सूजन और अल्सर बनने की संभावनाएं बढ़ती हैं।
जानिए कैसी हो आपकी डाइट
तरल पदार्थों का सेवन करें
इस मौसम में पेट को ठंडा रखने और पाचन तंत्र को मजबूत रखने के लिए पेय पदार्थों का अधिक से अधिक सेवन करना चाहिए।
कैमोमाइल चाय पाचन तंत्र को आराम देती है और एसिडिटी की समस्या को भी कम करने में सहायता करती है।
आप हिबिस्कस चाय का सेवन कर सकते हैं, यह तापमान को कंट्रोल करने और शरीर को ठंडक प्रदान करती है।
गर्मियों में पुदीने की चाय का सेवन कर सकते हैं। यह पेट फूलने के राहत दिलाती है और पाचन क्रिया भी बेहतर होती है।
पुदीना का पानी, सौंफ और धनिया का पानी, दही, सत्तू, नारियल पानी और छाछ आदि का सेवन करना चाहिए। यह भी पेट को ठंडा रखता है। आप चाहें तो रोजाना सुबह के समय गोंद का पानी भी सकते हैं। यह पूरा दिन पेट को ठंडक देता है। वहीं इस मौसम में चिया सीड्स भी भिगोकर खाना चाहिए।
हल्का भोजन लाभकारी
गर्मी के दिनों में भोजन हमेशा हल्का करना चाहिए, मसलन आपको अगर तीन रोटी की भूख है, लेकिन आपने दो रोटी खाई है तो पेट हैवी नहीं होगा। इस मौसम में छिलके वाली या मूंग की धुली दाल, तूहर दाल, दलिया, खिचड़ी, रागी आदि का आहार पेट के लिए बेहतरीन विकल्प है। दरअसल, इस मौसम में जल्दी पचने वाला भोजन ही ग्रहण करना चाहिए। आप चाहें तो दही चावल, किनुआ, पोहा भी खा सकते हैं। पाचन तंत्र मजबूत करने के लिए फाइबर युक्त आहार भी जरूरी है।
इन चीजों से करें परहेज
मसालेदार और हैवी खाना खाने से पाचन क्रिया स्लो हो जाती है। इसलिए प्रयास करें कि गर्मियों में डिब्बा बंद चीजें, तली-भुनी चीजें और रेडी टू इट फूड्स से दूरी बनाएं। ऐसा खाना खाने से एसिडिटी बढ़ने की संभावना रहती है।
हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक तेज गर्मी और शरीर में पानी की कमी का सीधा असर हमारे पाचन तंत्र पर पड़ता है। गर्मी में तापमान कंट्रोल रखने के लिए शरीर ज्यादा पानी खर्च करता है। अगर शरीर में पानी की कमी होती है, तो पाचन स्लो हो जाता है। जिसकी वजह से कब्ज, गैस और ब्लोटिंग जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। ऐसे मौसम में कैफीन का अधिक सेवन भी नुकसान पहुंचा सकता है।
गर्मियों में लोगों को फूड इंफेक्शन और पेट खराब होने की शिकायत ज्यादा रहती है। इसलिए इस मौसम में हल्का और सुपाच्य भोजन लेना चाहिए। वहीं लंबे समय तक भूखे रहने से भी एसिडिटी की समस्या बढ़ती है। एक बार में नहीं बल्कि थोड़ी मात्रा में भोजन करना बेहतर होता है। वहीं देर रात हैवी खाना, ज्यादा मसालेदार खाना और बाहर की खुली चीजों को खाने से पेट में जलन हो सकती है। वहीं अगर बार-बार दस्त, उल्टी, पेट दर्द या ब्लोटिंग की समस्या हो रही है, तो फौरन डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
Continue reading on the app